उज्जैन में बनेगी भगवान श्री कृष्ण पर केंद्रित रिसर्च लाइब्रेरी: सीएम मोहन यादव का बड़ा फैसला, 3200 से अधिक मंदिरों का होगा विकास
उज्जैन में भगवान श्री कृष्ण पर केंद्रित अत्याधुनिक रिसर्च लाइब्रेरी बनाई जाएगी। सीएम मोहन यादव ने श्री कृष्ण पाथेय न्यास की बैठक में 3200 से अधिक मंदिरों के विकास के निर्देश दिए।
भगवान श्री कृष्ण की पावन शिक्षा स्थली उज्जैन को अब उनके जीवन, दर्शन और ज्ञान परंपरा से जुड़े वैश्विक अनुसंधान केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। धार्मिक नगरी उज्जैन में भगवान श्री कृष्ण पर केंद्रित एक अत्याधुनिक रिसर्च लाइब्रेरी (शोध पुस्तकालय) बनाई जाएगी। इस विश्वस्तरीय लाइब्रेरी में दुर्लभ पांडुलिपियों, शोध पत्रों, ग्रंथों और श्री कृष्ण के जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण ऐतिहासिक दस्तावेजों का डिजिटल व भौतिक संग्रह किया जाएगा।
भोपाल में आयोजित 'श्री कृष्ण पाथेय न्यास' की उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस योजना को जल्द धरातल पर उतारने के निर्देश दिए। इसके साथ ही श्री कृष्ण के जीवन उपदेशों, श्रीमद्भगवद्गीता के दर्शन और सांस्कृतिक कलाओं पर आधारित डॉक्यूमेंट्री, नाटक व संगीत कार्यक्रमों के लिए एक समर्पित डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू करने का भी निर्णय लिया गया है।
📱 सांदीपनि आश्रम सहित प्रदेश के तीर्थों का होगा कायाकल्प; डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी शोध सामग्री
तीर्थ विकास और जन-जागरण की योजनाएं:
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तीर्थों का पुनरुद्धार: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि उज्जैन स्थित महर्षि सांदीपनि आश्रम के साथ-साथ मध्य प्रदेश में भगवान श्री कृष्ण के चरण रज से पावन हुए सभी स्थलों को भव्य तीर्थ क्षेत्रों के रूप में विकसित किया जाएगा।
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संगोष्ठियों का आयोजन: कृषि, गौ संवर्धन, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और जीवन प्रबंधन जैसे समसामयिक विषयों पर भगवान श्री कृष्ण के विचारों और नीतियों को लेकर राष्ट्रीय व राज्य स्तर पर वैचारिक संगोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा।
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डिजिटल आर्काइव: नए डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से दुनिया भर के शोधकर्ता और श्रद्धालु श्री कृष्ण से जुड़ी शोध सामग्री और कलात्मक प्रस्तुतियों को आसानी से देख और पढ़ सकेंगे।
🌾 मंदिरों की जमीनों का होगा व्यावसायिक उपयोग; आय से चलेंगी गौशालाएं और गांव का विकास
प्रशासकीय सुधार और मंदिर अर्थव्यवस्था:
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जमीनों का सदुपयोग: बैठक में प्रदेश के मंदिरों की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने पर गहन चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मंदिरों के स्वामित्व वाली जमीनों का उपयोग कृषि एवं व्यावसायिक गतिविधियों के लिए करने की पारदर्शी योजना तैयार की जाए।
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गौशालाओं को मदद: इस पहल से मंदिरों की आय में आत्मनिर्भरता आएगी। बड़े और समृद्ध मंदिरों की कुल आय का एक निश्चित हिस्सा आसपास संचालित गौशालाओं के पोषण तथा क्षेत्रीय गांवों के विकास कार्यों पर खर्च किया जाएगा।
🏛️ प्रदेश के 3200 से अधिक मंदिरों के जीर्णोद्धार की समीक्षा; नारायण धाम और जानापाव में कार्य तेज
विभिन्न धार्मिक लोकों और कॉरिडोर की स्थिति:
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व्यापक योजना: 'श्री कृष्ण पाथेय योजना' के अंतर्गत मध्य प्रदेश के 3,200 से अधिक मंदिरों के रखरखाव, भव्य प्रवेश द्वारों के निर्माण और परिसर स्थित प्राचीन जल संरचनाओं (बावड़ी/तालाब) के संरक्षण के लिए दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं।
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भूमि पूजन संपन्न: उज्जैन के सांदीपनि आश्रम के समग्र विकास और जीर्णोद्धार कार्य का भूमि पूजन पहले ही हो चुका है।
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अन्य धार्मिक स्थलों की समीक्षा: बैठक के दौरान उज्जैन जिले के महिदपुर स्थित नारायण धाम, इंदौर के जानापाव, धार के अमझेरा, छतरपुर के श्री कृष्ण धाम, चंदेरी के मां जोगेश्वरी लोक, पन्ना के श्री कृष्ण-राधा लोक और रायसेन की ऐतिहासिक जमगढ़ पहाड़ियों में चल रहे निर्माण व विकास कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
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