Katni News: तालाब में जहर डालकर 14 वन्य प्राणियों का शिकार; बरही और शाहडार के जंगलों में बढ़ी वन विभाग की चिंता
कटनी के विजयराघवगढ़ में तालाब में जहर मिलाकर 14 वन्य प्राणियों का शिकार। तीन शिकारी गिरफ्तार, वन विभाग ने जलस्त्रोतों की सुरक्षा और गश्त बढ़ाई।
कटनी। जिले के विजयराघवगढ़ क्षेत्र के करौंदी-घुघरी के पास एक बेहद दुखद और संवेदनशील मामला सामने आया है, जहाँ शिकारियों ने तालाब के पानी में जहर मिलाकर 14 निर्दोष वन्य प्राणियों (12 चीतल और 2 सांभर) की जान ले ली। इस घटना ने वन विभाग को सकते में डाल दिया है। विभाग ने तत्परता दिखाते हुए तीन शिकारियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है कि इस कृत्य के पीछे कोई संगठित गिरोह तो शामिल नहीं है।
🐅 बाघों के ठिकानों पर बढ़ता खतरा
कटनी जिले के बरही और शाहडार के घने जंगलों में बाघों और तेंदुओं की स्थाई मौजूदगी रहती है। विशेष रूप से कुआं बीट और बांधवगढ़ सीमा से लगे इलाकों में करीब आठ बाघों का लगातार मूवमेंट बना रहता है। वन्य प्राणियों के लिए गर्मी के मौसम में ये जलस्त्रोत ही प्यास बुझाने का मुख्य साधन होते हैं, जिसका फायदा उठाकर शिकारी लगातार ऐसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।
🛡️ जलस्त्रोतों की बढ़ाई गई सुरक्षा
विजयराघवगढ़ की घटना के बाद वन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। शिकारियों की सक्रियता को देखते हुए अब जिले भर के जलस्त्रोतों के आसपास सुरक्षा और गश्त बढ़ा दी गई है। ढीमरखेड़ा और बरही जैसे संवेदनशील इलाकों में, जहाँ वन्य प्राणियों का आना-जाना ज्यादा है, वहां विशेष निगरानी की जा रही है।
🔬 वन अमले को मिला विशेष प्रशिक्षण
डीएफओ और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने फील्ड पर तैनात कर्मचारियों को पानी में जहर की जांच करने का विशेष प्रशिक्षण दिया है। अब वनरक्षक गश्त के दौरान यह पता लगा सकेंगे कि जलस्त्रोतों में कोई जहरीला पदार्थ तो नहीं मिलाया गया है। दूषित पाए गए तालाब के पानी को भी खाली करवा दिया गया है ताकि किसी अन्य प्राणी की जान न जाए।
🚫 पूर्व में भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
जिले में शिकार की यह पहली घटना नहीं है। ढीमरखेड़ा वन परिक्षेत्र में पूर्व में भी ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जहाँ करंट लगाकर या जहर देकर शिकार किया गया था। वन विभाग अब इन घटनाओं को रोकने के लिए कड़ी निगरानी कर रहा है और अपराधियों के खिलाफ एनएसए (NSA) जैसे सख्त कानूनी प्रावधानों पर भी विचार कर रहा है ताकि वन्य प्राणियों को सुरक्षित रखा जा सके।
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