छठ पर बिहार जाने वाले रेल यात्रियों के सामने गहराया संकट, जानिए मध्य प्रदेश से चलने वाली ट्रेनों का हाल
छठ पूजा पर इंदौर, नागदा और खंडवा से बिहार जाने वाली ट्रेनों में सीटें फुल। इंदौर-पटना एक्सप्रेस में सभी श्रेणियों में रिग्रेट स्थिति, बसें ही एकमात्र सहारा।
दीपावली और छठ पूजा का पावन त्योहार नजदीक आते ही ट्रेनों में यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ने लगी है। खासकर उत्तर भारत और बिहार की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए इस बार त्योहार पर अपने घर पहुंचना एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। दीपावली के दौरान ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट के बाद अब छठ पूजा के लिए घर जाने वाली ट्रेनों में कंफर्म टिकट मिलना लगभग असंभव हो गया है। स्थिति यह है कि 11 नवंबर को इंदौर-पटना एक्सप्रेस में स्लीपर से लेकर प्रथम श्रेणी (1st AC) तक की सभी श्रेणियों में 'रिग्रेट' (Regret) की स्थिति बन चुकी है, यानी अब इन ट्रेनों में सामान्य वेटिंग टिकट भी उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में यात्रियों के पास सड़क मार्ग से बसों के जरिए यात्रा करने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं बचा है।
🚉 इंदौर के अलावा उज्जैन, नागदा, भोपाल और खंडवा से जाने वाली ट्रेनों का भी बुरा हाल
विभिन्न स्टेशनों से ट्रेनों की स्थिति:
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खंडवा व नागदा रूट: इंदौर के अलावा उज्जैन, नागदा, भोपाल और खंडवा से उत्तर भारत व बिहार जाने वाली प्रमुख ट्रेनों में अधिकांश श्रेणियों में लंबी वेटिंग या रिग्रेट की स्थिति बनी हुई है।
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मुंबई-पटना रूट: मुंबई से चलकर खंडवा होते हुए पटना और मुजफ्फरपुर जाने वाली नियमित व विशेष ट्रेनों में कंफर्म सीट नहीं मिल पा रही है। खंडवा से मुजफ्फरपुर जाने वाली अहमदाबाद-सहरसा एक्सप्रेस में 7 से 11 नवंबर के बीच सभी श्रेणियों में टिकटों की बुकिंग बंद हो चुकी है।
📊 इंदौर-पटना एक्सप्रेस में तारीखवार वेटिंग और रिग्रेट के आंकड़े
विभिन्न श्रेणियों में वेटिंग का ब्योरा:
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7 नवंबर: स्लीपर में 97, थर्ड ई में 42, थर्ड एसी में 92 वेटिंग है, जबकि सेकंड एसी में रिग्रेट और फर्स्ट एसी में 8 वेटिंग चल रही है।
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9 नवंबर: स्थिति और गंभीर है— स्लीपर में 119, थर्ड ई में 44, थर्ड एसी में 98, सेकंड एसी में 29 और फर्स्ट एसी में 16 वेटिंग दर्ज की गई है।
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11 नवंबर: स्लीपर, थर्ड ई, थर्ड एसी और फर्स्ट एसी सभी में रिग्रेट की स्थिति है, केवल सेकंड एसी में 32 वेटिंग उपलब्ध है।
🛤️ नागदा से पटना व मुजफ्फरपुर जाने वाली ट्रेनों पर भी भारी दबाव
अन्य प्रमुख ट्रेनों की स्थिति:
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अजीमाबाद एक्सप्रेस: नागदा से पटना जाने वाली अजीमाबाद एक्सप्रेस में 10 नवंबर को स्लीपर में 28 वेटिंग है, जबकि थर्ड ई, थर्ड एसी और सेकंड एसी में रिग्रेट स्थिति है।
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नागदा-मुजफ्फरपुर एक्सप्रेस: इस ट्रेन में भी 10 नवंबर को स्लीपर में 44, थर्ड ई में 8, थर्ड एसी में 19 वेटिंग है, जबकि सेकंड एसी और फर्स्ट एसी पूरी तरह रिग्रेट हैं।
❓ क्या होती है रेलवे में 'रिग्रेट' (Regret) पोजीशन? विशेषज्ञों ने दी नियमित ट्रेन चलाने की सलाह
रिग्रेट का अर्थ और समाधान:
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रिग्रेट का मतलब: रेलवे टिकट बुकिंग सिस्टम में रिग्रेट का सीधा अर्थ यह है कि जब किसी ट्रेन की संबंधित श्रेणी में निर्धारित आरक्षण (आरएसी) और वेटिंग लिस्ट की अधिकतम सीमा पूरी हो जाती है। आम तौर पर सीटें भरने पर वेटिंग टिकट मिलता है, लेकिन जब वेटिंग का कोटा भी समाप्त हो जाता है, तो सिस्टम टिकट जारी करना बंद कर देता है और 'रिग्रेट' दिखाता है।
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विशेषज्ञों की मांग: रेलवे विशेषज्ञों का मानना है कि त्योहारों पर यात्रियों के अत्यधिक दबाव को देखते हुए महज कुछ स्पेशल ट्रेनों से काम नहीं चलेगा। प्रशासन को त्योहार के सीजन में प्रतिदिन एक नियमित स्पेशल ट्रेन चलानी चाहिए, ताकि यात्रियों को अपने घर पहुंचने में राहत मिल सके।
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