मध्य प्रदेश न्यूज़: भोपाल में नामांतरण और सीमांकन के लिए भटक रहे किसान, तहसीलों में अटके पड़े हैं हजारों प्रकरण
भोपाल की तहसीलों में राजस्व प्रकरणों के लंबित रहने से किसान परेशान। 25 तहसीलों में 7400 से ज्यादा मामले पेंडिंग। पूरी खबर पढ़ें।
भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के विभिन्न जिलों और तहसीलों में राजस्व प्रकरणों के निराकरण की सुस्त रफ्तार के चलते आम नागरिकों, किसानों और ग्रामीणों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, भोपाल जिले की कुल 25 तहसील न्यायालयों में वर्तमान में 7479 राजस्व प्रकरण लंबित पड़े हैं। इनमें अकेले नामांतरण (Mutation) से जुड़े करीब 1300 आवेदन अकेले इसी माह से पेंडिंग बताए जा रहे हैं, जिससे साफ है कि आम जनता को छोटे-छोटे कामों के लिए भी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
📊 कोलार और बैरसिया तहसीलों में सबसे बुरा हाल; हजारों मामले फैसले का कर रहे इंतजार
तहसीलों के आंकड़े और स्थिति:
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सबसे ज्यादा पेंडेंसी: प्रशासनिक रिपोर्ट के अनुसार, जिले की कोलार और हुजूर तहसीलों में पेंडेंसी का आंकड़ा सबसे अधिक डराने वाला है।
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कोलार तहसील की स्थिति: अकेले कोलार तहसील में इस साल के 3707 राजस्व प्रकरण ऐसे हैं, जो लंबे समय से अपने निराकरण का इंतजार कर रहे हैं।
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बैरसिया का हाल: वहीं दूसरी ओर, बैरसिया तहसील में जमीन के सीमांकन (Demarcation) के 529 मामले बुरी तरह अटके हुए हैं।
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नियमों और प्रशासनिक निर्देशों के अनुसार सभी राजस्व प्रकरणों का तय समय-सीमा के भीतर निराकरण होना अनिवार्य है, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों से कोसों दूर नजर आ रही है। समय पर न्याय न मिलने से किसानों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।
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