मध्य प्रदेश न्यूज़: दीपावली पर भव्य रूप से सजा देवास का योगमाया महालक्ष्मी मंदिर, श्रद्धालुओं की उमड़ी भारी भीड़
देवास के महालक्ष्मी मंदिर में 7.5 करोड़ की नकदी, सोने और 15 देशों की विदेशी मुद्रा से सजा भव्य दरबार। दीपावली पर उमड़े श्रद्धालु। पूरी खबर पढ़ें।
देवास: दीपावली के पावन पर्व पर मध्य प्रदेश के देवास शहर में मां महालक्ष्मी का एक बेहद अनूठा, भव्य और अलौकिक दरबार सजाया गया है। शिवाजी नगर, मोती बंगला स्थित श्री योगमाया महालक्ष्मी मंदिर में माता का श्रृंगार साढ़े सात करोड़ रुपये से अधिक की नकदी और चमचमाते स्वर्ण आभूषणों से किया गया है। इस बार इस दरबार की सजावट की सबसे खास बात यह है कि इसमें भारतीय मुद्रा के साथ-साथ करीब 15 देशों की विदेशी करेंसी को भी शामिल किया गया है। नोटों, सोने के गहनों और विदेशी मुद्राओं से सजा मां का यह रूप इन दिनों श्रद्धालुओं के लिए भारी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
🏛️ धनतेरस से शुरू हुआ पांच दिवसीय दीपावली नगर उत्सव; मंदिर में दर्शन के लिए उमड़ी भारी भीड़
उत्सव और श्रृंगार का ब्योरा:
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पांच दिवसीय आयोजन: मंदिर परिसर में धनतेरस के पावन अवसर से ही पांच दिवसीय दीपावली नगर उत्सव की शुरुआत हो चुकी है।
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मूल्य और आभूषण: मां महालक्ष्मी के इस विशेष और दुर्लभ श्रृंगार में पांच करोड़ रुपये से अधिक के भारतीय नोट और लगभग ढाई करोड़ रुपये मूल्य के शुद्ध स्वर्ण आभूषण शामिल किए गए हैं। इस प्रकार कुल सजावट का मूल्य साढ़े सात करोड़ रुपये से भी अधिक आंका गया है।
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श्रद्धालुओं का तांता: इस अद्भुत और दिव्य दरबार के दर्शन करने तथा मां का आशीर्वाद लेने के लिए दूर-दूर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे हैं।
💱 अमेरिका और ब्रिटेन सहित 15 देशों की विदेशी मुद्रा से सजाया गया मां का दरबार
अंतरराष्ट्रीय करेंसी की सजावट:
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विदेशी मुद्रा का आकर्षण: इस वर्ष मंदिर की सजावट में एक नया और अनूठा आकर्षण विदेशी मुद्रा (Foreign Currency) है। भारतीय नोटों के साथ-साथ अमेरिका, ब्रिटेन सहित करीब 15 विभिन्न देशों की करेंसी को मां के दरबार में कलात्मक तरीके से सजाया गया है।
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भक्तों का सहयोग: यह विदेशी मुद्रा विभिन्न श्रद्धालुओं द्वारा मंदिर को उपलब्ध कराई गई है। अलग-अलग देशों की मुद्राओं से सजे इस अद्भुत दरबार को अपनी आंखों से देखने के लिए भक्तों में अभूतपूर्व उत्साह देखा जा रहा है।
💡 आकर्षक विद्युत सजावट से जगमगा रहा पूरा परिसर; रतलाम के मंदिर से मिली है प्रेरणा
रोशनी और परंपरा:
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प्रेरणा का स्रोत: मंदिर के आयोजक विमल शर्मा के अनुसार, रतलाम के प्रसिद्ध महालक्ष्मी मंदिर में होने वाली करोड़ों रुपये की अनूठी सजावट से प्रेरणा लेकर पिछले वर्ष से देवास के इस मंदिर में भी नोटों और आभूषणों से मां का श्रृंगार करने की यह परंपरा शुरू की गई है।
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विद्युत सज्जा: मां महालक्ष्मी के भव्य श्रृंगार के साथ-साथ पूरे मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी और आकर्षक विद्युत सजावट (Lighting) से जगमगाया गया है। दूधिया रोशनी से नहलाया गया यह मंदिर परिसर दीपावली के उत्सवी माहौल को और अधिक खास बना रहा है। शाम ढलते ही मंदिर में परिवार सहित पहुंचने वाले श्रद्धालुओं का तांता लग जाता है।
🔒 करोड़ों की सजावट के बीच सुरक्षा के कड़े इंतजाम; चप्पे-चप्पे पर रखी जा रही सीसीटीवी से नजर
सुरक्षा और व्यवस्था:
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सीसीटीवी निगरानी: मंदिर में साढ़े सात करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की नकदी और स्वर्ण आभूषणों की भारी सजावट को देखते हुए प्रशासन और मंदिर समिति द्वारा सुरक्षा के बेहद पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
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सतर्कता: पूरे मंदिर परिसर को आधुनिक सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की जद में रखा गया है, जिसके माध्यम से हर गतिविधि पर लगातार बारीक नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।
🗓️ 6 से 11 नवंबर तक विशेष दर्शन व्यवस्था; 10 नवंबर को होगा विशाल अन्नकूट भंडारे का आयोजन
उत्सव का आगे का कार्यक्रम:
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विशेष दर्शन: श्री योगमाया महालक्ष्मी मंदिर के संस्थापक एवं पूर्व महापौर सुभाष शर्मा के अनुसार, आगामी 6 नवंबर से 11 नवंबर 2026 तक सभी श्रद्धालुओं के लिए विशेष दर्शन व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
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अन्नकूट और प्रसादी: पांच दिवसीय दीपावली नगर उत्सव के तहत आगामी 10 नवंबर को मंदिर परिसर में भव्य अन्नकूट भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं को महाप्रसादी वितरित की जाएगी। इसके साथ ही इस दौरान सौभाग्यवती माता-बहनों को पारंपरिक रूप से कुमकुम का वितरण भी किया जाएगा।
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दीपावली के इन पावन दिनों में देवास का श्री योगमाया महालक्ष्मी मंदिर पूरी तरह से आस्था, भक्ति और भव्यता का मुख्य केंद्र बना हुआ है।
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