Jagannath Rath Yatra 2026: नर्मदापुरम के जगदीश मंदिर में भगवान जगन्नाथ का 108 कलशों से महास्नान; अब 15 दिन रहेंगे विश्राम पर
नर्मदापुरम के जगदीश मंदिर में भगवान जगन्नाथ का 108 कलशों से महास्नान। परंपरा के अनुसार, भगवान 15 दिन के लिए बीमार होकर अनसर काल में रहेंगे। जानें पूरी कथा।
नर्मदापुरम। ओडिशा के पुरी की तर्ज पर नर्मदापुरम के प्राचीन जगदीश मंदिर में भी भगवान जगन्नाथ की स्नान यात्रा अत्यंत धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाई गई। ज्येष्ठ पूर्णिमा के पावन अवसर पर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा का 108 कलशों से दूध, दही और पंचामृत से महास्नान कराया गया। इस पवित्र अनुष्ठान के साथ ही भगवान का 15 दिवसीय 'अनसर काल' (विश्राम अवधि) शुरू हो गया है।
🤒 15 दिनों के लिए बीमार हुए भगवान
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, महास्नान के बाद भगवान अस्वस्थ हो जाते हैं। यह 15 दिनों का समय मौसम का संधिकाल माना जाता है, जिसमें स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं अधिक होती हैं। भगवान भक्तों को इस दौरान स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने और परहेज बरतने का संदेश देने के लिए स्वयं अस्वस्थ होते हैं। एक अन्य मान्यता के अनुसार, भगवान अपने भक्त माधवदास के कष्टों को अपने ऊपर ले लेते हैं, जिससे वे बीमार पड़ जाते हैं।
🌿 औषधीय उपचार और बंद रहेंगे मंदिर के कपाट
अगले 15 दिनों तक भगवान शयन कक्ष में विश्राम करेंगे। इस दौरान उन्हें 56 भोग के स्थान पर फलों का रस, जड़ी-बूटियों का काढ़ा और विशेष आयुर्वेदिक औषधियां अर्पित की जाएंगी। श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के कपाट बंद रहेंगे, लेकिन इस दौरान मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन का सिलसिला जारी रहेगा, जहाँ भक्त भगवान के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करेंगे।
🚩 15 दिन बाद निकलेगी भव्य रथयात्रा
जगदीश मंदिर के पुजारियों ने बताया कि 'अनसर काल' की समाप्ति और भगवान के पूर्णतः स्वस्थ होने के बाद आषाढ़ मास में भव्य रथयात्रा का आयोजन किया जाएगा। इसमें भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा नगर भ्रमण पर निकलेंगे और भक्त इस धार्मिक यात्रा का साक्षी बनेंगे। आज महास्नान के दर्शन के लिए मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और सभी ने भगवान के स्वस्थ होने की प्रार्थना की।
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