Jagannath Snan Yatra Ujjain: इस्कॉन मंदिर में जगन्नाथ जी का भव्य महाअभिषेक; 15 दिनों के लिए 'अनवसर' में गए प्रभु
उज्जैन इस्कॉन मंदिर में स्नान यात्रा महोत्सव संपन्न। भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा का पवित्र जल से महाअभिषेक। अब 15 दिनों के लिए भगवान विश्राम काल में रहेंगे।
उज्जैन। भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा से पूर्व सोमवार को उज्जैन के इस्कॉन मंदिर में पारंपरिक 'स्नान यात्रा महोत्सव' श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस दौरान भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा का पंचामृत तथा गंगा, यमुना, नर्मदा और शिप्रा सहित विभिन्न पवित्र तीर्थों के जल से महाअभिषेक किया गया। मंदिर परिसर भजनों और जयघोष से गुंजायमान रहा।
🌿 15 दिनों का विश्राम (अनवसर काल)
धार्मिक परंपरा के अनुसार, स्नान यात्रा के बाद भगवान जगन्नाथ अस्वस्थ हो जाते हैं, इसलिए उन्हें 15 दिनों के लिए 'अनवसर' (विश्राम काल) में रखा जाता है। इस दौरान भक्त भगवान के नियमित दर्शन नहीं कर सकेंगे। इन 15 दिनों तक भगवान का औषधीय उपचार किया जाएगा और वैद्य की देखरेख में वे विश्राम करेंगे। विश्राम अवधि पूर्ण होने के बाद, आषाढ़ शुक्ल द्वितीया यानी 16 जुलाई को भगवान अपनी भव्य रथयात्रा पर नगर भ्रमण के लिए निकलेंगे।
✨ विशेष गजवेश दर्शन और उत्सव
महाअभिषेक के पश्चात श्रद्धालुओं को भगवान के मनोहारी 'गजवेश' दर्शन कराए गए। मंदिर के पीआरओ सुन्दर दामोदर दास ने बताया कि स्नान पूर्णिमा, जो भगवान का प्राकट्य दिवस भी है, उज्जैन के लिए अत्यंत विशेष है। इस अवसर पर मंदिर में बड़ी संख्या में भक्त एकत्रित हुए और दो घंटे तक लंबी कतारों में लगकर भगवान के दर्शन किए।
🌱 पर्यावरण और सामाजिक संदेश
इस्कॉन उज्जैन द्वारा आयोजित यह स्नान यात्रा 'जल गंगा संवर्धन पखवाड़े' के अंतर्गत संपन्न हुई, जिसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समरसता का संदेश देना था। अभिषेक के दौरान श्रद्धालुओं के लिए ड्रेस कोड निर्धारित किया गया था। शाम के समय इस्कॉन उज्जैन के संस्थापक प्रभुपाद के शिष्य भक्ति चारू स्वामी महाराज की 49वीं संन्यास वर्षगांठ भी श्रद्धापूर्वक मनाई गई।
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