HDFC बैंक को बहुत बड़ी कानूनी राहत, बहरीन कोर्ट ने खारिज किए निवेशकों के सभी सातों मुकदमे
HDFC बैंक को क्रेडिट सुइस AT1 बॉन्ड मामले में बहरीन की अदालत से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने निवेशकों के सभी सातों मुकदमे खारिज कर दिए हैं।
भारत के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक HDFC के लिए एक बेहद राहत भरी खबर सामने आई है। क्रेडिट सुइस AT1 बॉन्ड मामले में निवेशकों की तरफ से बहरीन में दायर किए गए सभी सात मुकदमे अदालत द्वारा खारिज कर दिए गए हैं। इस फैसले से बैंक को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बहुत बड़ी कानूनी राहत मिली है। बैंक पर गलत तरीके से हाई-रिस्क सिक्योरिटीज बेचने के आरोप लगाए गए थे, जो अब कानूनी तौर पर पूरी तरह बेबुनियाद साबित हुए हैं। 9 सितंबर को बहरीन की हाई सिविल कोर्ट ने आखिरी दो मामलों में भी बैंक के पक्ष में अपना फैसला सुनाया, जबकि इससे पहले जुलाई से अगस्त के बीच पांच अन्य केस भी अदालत द्वारा खारिज किए जा चुके थे।
⚖️ ठोस सबूत पेश करने में नाकाम रहे निवेशक, भारत के NCDRC आयोग से भी मिल चुकी है क्लीन चिट
निवेशकों ने बैंक पर भारी लापरवाही, जानबूझकर गलत जानकारी देने और वित्तीय नियमों के दुरुपयोग जैसे कई गंभीर आरोप लगाए थे, जिन्हें बहरीन की अदालत ने सिरे से नकार दिया। कोर्ट ने पाया कि निवेशक बैंक के खिलाफ कोई भी पुख्ता कानूनी सबूत पेश नहीं कर पाए और न ही यह साबित कर पाए कि नुकसान के लिए बैंक जिम्मेदार था। इसके विपरीत अदालत ने आदेश दिया कि सातों मामलों में कानूनी कार्यवाही का पूरा खर्च भी निवेशकों को ही उठाना होगा। गौरतलब है कि मार्च 2026 में भारत के राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (NCDRC) ने भी निवेशकों की शिकायतें खारिज करते हुए स्पष्ट किया था कि बैंक ने केवल एक माध्यम के रूप में काम किया था और ग्राहकों ने अपनी मर्जी से जोखिम समझकर निवेश किया था। वहीं, दुबई ब्रांच से जुड़े तकनीकी मामलों पर बैंक के एमडी-सीईओ शशिधर जगदीशन ने स्पष्ट किया है कि कोई धोखाधड़ी नहीं हुई थी, बल्कि वह केवल डॉक्यूमेंटेशन की एक तकनीकी चूक थी।
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