Sandeepani Vidyalaya Jaora: स्वच्छता में देश में अव्वल एमपी का ये स्कूल; 98.4 अंक के साथ हासिल की 5-स्टार रैंकिंग

रतलाम के सांदीपनि विद्यालय ने 'स्वच्छ एवं हरित विद्यालय मूल्यांकन 2026' में देश में पहला स्थान प्राप्त किया। जल संरक्षण और स्वच्छता में स्कूल को मिली 5-स्टार रैंकिंग।

Jun 29, 2026 - 18:37
0
Sandeepani Vidyalaya Jaora: स्वच्छता में देश में अव्वल एमपी का ये स्कूल; 98.4 अंक के साथ हासिल की 5-स्टार रैंकिंग

रतलाम। इंदौर के सबसे स्वच्छ शहर होने के बाद, अब मध्य प्रदेश का नाम एक और बड़ी उपलब्धि से जुड़ गया है। केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा आयोजित 'स्वच्छ एवं हरित विद्यालय मूल्यांकन 2026' में जावरा के सांदीपनि विद्यालय ने हायर सेकेंडरी कैटेगरी में देशभर में प्रथम स्थान हासिल किया है। स्कूल ने 98.4 अंकों के साथ 5-स्टार रैंकिंग प्राप्त कर देश के कई प्रतिष्ठित स्कूलों को पीछे छोड़ दिया है।

🌍 12 लाख विद्यालयों के सर्वे में शीर्ष पर

शिक्षा मंत्रालय द्वारा संचालित इस राष्ट्रीय सर्वे में शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के करीब 12 लाख स्कूलों ने भाग लिया था। मूल्यांकन का आधार स्वच्छता, जल संरक्षण, कचरा प्रबंधन, सौर ऊर्जा और हरित पहल (Green Initiatives) जैसे महत्वपूर्ण विषय थे। मध्य प्रदेश के लगभग 70 हजार स्कूलों में से टॉप 20 में जगह बनाने के बाद, सांदीपनि विद्यालय ने राष्ट्रीय स्तर पर चयनित 600 स्कूलों के बीच 98.4% अंक प्राप्त कर नंबर वन का खिताब अपने नाम किया।

💧 नवाचार और तकनीकी का अद्भुत संगम

स्कूल के प्राचार्य राजेंद्र बोस और उपप्राचार्य संजय श्रीवास्तव ने बताया कि अगस्त 2025 से ही स्कूल ने एक सुव्यवस्थित कार्य योजना पर काम करना शुरू कर दिया था। जल संरक्षण के लिए स्कूल में अत्याधुनिक वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाया गया है। इतना ही नहीं, विद्यालय की 12 आरओ मशीनों से निकलने वाले वेस्ट वॉटर को रिसाइकल कर बगीचे की सिंचाई के लिए उपयोग किया जा रहा है, जो एक बड़ा उदाहरण है।

🌳 इको क्लब की अनूठी पहल: पेड़ों को मिला 'डिजिटल' परिचय

स्कूल में हरियाली बढ़ाने के लिए इको क्लब और एनसीसी टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यहाँ 'अतिथि वृक्षारोपण' परंपरा के तहत हर आने वाले अतिथि से पौधा लगवाया जाता है और उस पौधे का नाम भी अतिथि के नाम पर रखा जाता है। विद्यालय में करीब 400 छायादार, फलदार और सजावटी पौधे लगाए गए हैं। सबसे खास बात यह है कि हर पेड़ पर एक 'क्यूआर कार्ड' लगाया गया है, जिसे स्कैन करते ही उस पौधे से जुड़ी विस्तृत जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

👨‍🏫 सामूहिक प्रयास की जीत

यह उपलब्धि स्कूल स्टाफ, शिक्षकों और छात्रों के निरंतर प्रयासों का परिणाम है। सांदीपनि विद्यालय का यह मॉडल अब राज्य के अन्य शासकीय स्कूलों के लिए एक प्रेरणा बन गया है, जो साबित करता है कि दृढ़ इच्छाशक्ति से सरकारी शिक्षण संस्थान भी विश्व स्तरीय मानक स्थापित कर सकते हैं।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User