निजी स्कूल बंद कराने आए सरपंच-उपसरपंच को हाई कोर्ट का अनोखा सबक; कहा- 'सुविधाएं आप उपलब्ध कराएंगे'

उमरिया में निजी स्कूल बंद कराने के लिए दायर याचिका पर हाई कोर्ट का बड़ा फैसला। कोर्ट ने कहा, स्कूल बंद करने के बजाय ग्राम पंचायत उपलब्ध कराएगी मूलभूत सुविधाएं।

Jun 30, 2026 - 17:21
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निजी स्कूल बंद कराने आए सरपंच-उपसरपंच को हाई कोर्ट का अनोखा सबक; कहा- 'सुविधाएं आप उपलब्ध कराएंगे'

जबलपुर : मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की युगलपीठ द्वारा सुनाया गया फैसला चर्चा में है. इस फैसले के जरिए हाईकोर्ट ने जनहित याचिका लगाने आए एक गांव के सरपंच और उप सरपंच को अनोखा सबक दिया है. दरअसल, ये दोनों नेता गांव के एक निजी स्कूलों को बंद करवाना चाहते थे क्योंकि उसमें बुनियादी सुविधाओं की कमी थी. सरपंच और उप सरपंच को हाईकोर्ट के सामने ये तर्क देना भारी पड़ गया. कोर्ट ने कहा कि ग्राम पंचायत ही इस निजी स्कूल में पीने के पानी, बिजली और टॉयलेट की मूलभूत सुविधाएं पूरी करेगी.

UMARIA SCHOOL CASE HEARING jabalpur highcourt

उमरिया के स्कूल को बंद कराने दायर की थी याचिका

दरअसल, यह जनहित याचिका उमरिया जिले के कोटरी के देवर्षि हाई स्कूल को बंद कराने के लिए दायर की गई थी. जनहित याचिका में कहा गया था कि यह स्कूल बच्चों को शिक्षा देने की स्थिति में नहीं है. इसका इंफ्रास्ट्रक्चर ठीक नहीं है. यहां कभी भी कोई दुर्घटना घट सकती है इसलिए इस स्कूल को बंद कर दिया जाए. मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की जबलपुर बैंच में एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की युगलपीठ के सामने तर्क देते हुए कहा गया कि स्कूल में टॉयलेट की फैसिलिटी, पीने के पानी की व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाएं नहीं है इसलिए बच्चे परेशान होते हैं.''

Umaria School Case Hearing

कोर्ट ने कहा- अब आप ही देंगे मूलभूत सुविधाएं

जब यह जनहित याचिका कोर्ट में लगाई गई तो कोर्ट ने ब्लॉक एजुकेशन ऑफीसर मानपुर को इसकी जांच करने के आदेश दिए थे. ब्लॉक एजुकेशन अधिकारी को भी स्कूल की स्थिति बिल्कुल वैसे ही मिली जैसे कि उस पर आरोप लगाए गए थे. लेकिन मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने अपने फैसले से सब को चौंका दिया. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि जिस गांव में यह निजी स्कूल चल रहा है उस गांव में कोई दूसरा सरकारी स्कूल नहीं है. ऐसी स्थिति में यदि स्कूल बंद कर दिया जाता है तो उन बच्चों की भविष्य का क्या होगा? वही सरपंच और उप सरपंच को कोर्ट ने यह जिम्मेदारी दी है कि वह ग्राम सभा में प्रस्ताव पास करें और स्कूल के बुनियादी ढांचे को उनकी ओर से ठीक करवाया जाए.

Jabalpur Highcourt on Umaria School

कोर्ट ने ग्राम पंचायत से यह व्यवस्था करने का एक एफिडेविट भी मांगा है. इसके साथ ही उमरिया कलेक्टर को आदेश के साथ इस फैसले की कॉपी भेजे जाने की बात कही है. कलेक्टर से कहा गया है कि वह स्कूल के बुनियादी ढांचे को ठीक करने के काम देखेंगे.

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