मध्य प्रदेश में 1 लाख से अधिक शिक्षकों के लिए TET परीक्षा की तैयारी; अगस्त में हो सकती है ऑनलाइन परीक्षा
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की तैयारियां जोरों पर। अगस्त 2026 में संभावित परीक्षा के लिए 1 लाख से अधिक शिक्षक होंगे शामिल। जानिए परीक्षा केंद्र और नई अपडेट्स।
भोपाल। मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर को उन्नत करने और शिक्षकों की योग्यता का आकलन करने के लिए आयोजित की जाने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की प्रशासनिक तैयारियां अंतिम दौर में हैं। मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल द्वारा आगामी अगस्त महीने में इस ऑनलाइन परीक्षा का आयोजन प्रस्तावित है। परीक्षा को पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाने के लिए इस बार जिला कलेक्टरों को इसकी मॉनिटरिंग की विशेष जिम्मेदारी दी गई है।
👩🏫 1 लाख से अधिक शिक्षक होंगे परीक्षा में शामिल
इस पात्रता परीक्षा में स्कूल शिक्षा विभाग और जनजातीय कार्य विभाग के कुल मिलाकर 1 लाख से अधिक शिक्षक शामिल होंगे। कर्मचारी चयन मंडल के जनसंपर्क अधिकारी विशाल जोशी के अनुसार, स्कूल शिक्षा विभाग के लगभग 70 हजार और जनजातीय कार्य विभाग के करीब 35 हजार शिक्षक इस श्रेणी में पात्र हैं। बोर्ड वर्तमान में डेटा का मिलान कर रहा है, जिसके तुरंत बाद आधिकारिक तिथियों की घोषणा और ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
📍 परीक्षा केंद्रों के निर्धारण में सुरक्षा को प्राथमिकता
प्रदेश में जिलों की संख्या बढ़कर 55 हो गई है, लेकिन तकनीकी सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए कर्मचारी चयन मंडल ने फिलहाल 50 जिलों में ही परीक्षा केंद्र बनाने का निर्णय लिया है। बोर्ड का स्पष्ट तर्क है कि नए जिलों में फिलहाल ऑनलाइन परीक्षा के लिए आवश्यक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध नहीं है। अतः, नए जिलों के परीक्षार्थियों को अपनी परीक्षा देने के लिए निकटतम पुराने जिलों के केंद्रों पर जाना होगा।
📱 'समर्थ पोर्टल' से हाई-टेक हुई तैयारी
शिक्षकों को डिजिटल परीक्षा पैटर्न और विषय-ज्ञान में दक्ष बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने 'समर्थ पोर्टल' के माध्यम से विशेष पहल की है। यहाँ शिक्षकों के लिए ऑनलाइन स्टडी मॉड्यूल्स और वीडियो कक्षाएं उपलब्ध कराई गई हैं। जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सुनिश्चित करें कि शिक्षक इन संसाधनों का लाभ उठाएं, ताकि परीक्षा में उनका प्रदर्शन और बेहतर हो सके।
🛡️ कलेक्टरों की देखरेख में होगी परीक्षा
परीक्षा संचालन को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से स्थानीय जिला कलेक्टरों को पूरी व्यवस्था की निगरानी का जिम्मा सौंपा गया है। जिले में शिक्षकों की संख्या के अनुपात में कंप्यूटरों और परीक्षा केंद्रों की क्षमता का निर्धारण किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि शिक्षकों को केंद्र तक पहुंचने में असुविधा न हो और परीक्षा का आयोजन पूरी तरह से शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो।
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