प्रशासन नदारद, ग्रामीणों ने खुद काटा पेड़; हाईवे पर यात्रियों की बढ़ी मुसीबतें
सीहोर-भैरूंदा स्टेट हाईवे पर पेड़ गिरने से 7 घंटे का लगा भीषण जाम। एंबुलेंस सहित सैकड़ों वाहन फंसे। प्रशासन की अनुपस्थिति में स्थानीय लोगों ने खुद हटवाया पेड़।
सीहोर। सीहोर-भैरूंदा स्टेट हाईवे पर गुरुवार की सुबह एक बड़े यातायात संकट का सामना करना पड़ा। नादान के पास समापुरा क्षेत्र में एक विशाल आम का पेड़ मुख्य मार्ग पर गिर गया, जिससे हाईवे पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। इस घटना के कारण सड़क के दोनों ओर लगभग दो-दो किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिसमें सैकड़ों यात्री सात घंटे तक फंसे रहे। स्थिति इतनी विकट हो गई कि एक एंबुलेंस भी जाम में फंस गई, जिससे मरीज को अस्पताल ले जाने में भारी मशक्कत करनी पड़ी।
📋 प्रशासन और टोल एजेंसी की लापरवाही पर सवाल
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि घटना के कई घंटों बाद तक प्रशासन का कोई जिम्मेदार अधिकारी या पुलिस बल मौके पर नहीं पहुंचा। हाईवे का संचालन और देखरेख करने वाली टोल एजेंसी ने भी राहत कार्य के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए। यात्रियों का कहना है कि यदि प्रशासन समय रहते सतर्क हो जाता, तो लोगों को भीषण गर्मी और परेशानी के बीच घंटों इंतजार नहीं करना पड़ता।
🛠️ ग्रामीणों ने संभाली कमान: निजी खर्च पर हटवाया पेड़
जब प्रशासनिक स्तर से कोई मदद नहीं मिली, तो जाम में फंसे नागरिकों और स्थानीय लोगों ने स्वयं आगे आने का निर्णय लिया। उन्होंने अपने निजी खर्च पर मजदूर बुलाए और आरी-कुल्हाड़ी की मदद से पेड़ को कटवाकर सड़क से हटवाया। ग्रामीणों की इस पहल के बाद ही सात घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद यातायात बहाल हो सका।
📢 प्रशासन से त्वरित राहत दल की मांग
इस घटना ने संवेदनशील मार्गों पर सुरक्षा को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि मानसून के दौरान ऐसे मार्गों पर 'त्वरित राहत दल' (Quick Response Team) और आवश्यक मशीनरी की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न होने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।
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