जान बचाने वाले मजदूरों को इनाम का इंतज़ार; प्रशासन का दावा, मजदूरों का इनकार- किसे मिले पैसे?

बरगी बांध क्रूज हादसे में जान बचाने वाले मजदूरों को नहीं मिला सीएम द्वारा घोषित 51,000 का इनाम। कलेक्टर का दावा 22 लोगों को पैसे दिए, मजदूर हैरान।

Jul 03, 2026 - 17:02
0
जान बचाने वाले मजदूरों को इनाम का इंतज़ार; प्रशासन का दावा, मजदूरों का इनकार- किसे मिले पैसे?

जबलपुर। 30 अप्रैल को बरगी बांध के बैकवाटर में हुए भीषण क्रूज हादसे में 13 लोगों की जान चली गई थी, जबकि 28 लोगों को स्थानीय मजदूरों ने अपनी जान जोखिम में डालकर बचाया था। इस बहादुरी के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इनाम की घोषणा की थी, लेकिन दो महीने बाद भी ये मजदूर इनाम के लिए दर-दर भटक रहे हैं। वहीं, प्रशासन का दावा है कि उन्होंने 22 लोगों को इनाम की राशि वितरित कर दी है।

🌊 जब मजदूरों ने दिखाई बहादुरी

घटना के प्रत्यक्षदर्शी और बचाव कार्य में शामिल संजय सैनी और प्रवीण दयाल ने बताया कि उस दिन साइट पर काम बंद था, तभी अचानक क्रूज को डूबते देख उन्होंने तुरंत पानी में छलांग लगा दी। एनडीआरएफ के पहुंचने से पहले ही इन मजदूरों ने 28 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया था। प्रवीण दयाल का कहना है कि मुख्यमंत्री ने उनकी पीठ थपथपाई थी और 51,000 रुपये देने का वादा किया था, बैंक खाता भी लिया गया, लेकिन अब तक एक भी रुपया नहीं मिला।

🧐 बड़ा सवाल: पैसे किसे बांटे गए?

मजदूरों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जिन लोगों को इनाम बांटा गया है, उनमें उनकी कंपनी के वे अधिकारी भी शामिल हैं जो उस दिन घटनास्थल पर मौजूद ही नहीं थे। इस दावे से मामले में भ्रष्टाचार की बू आ रही है। उधर, जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह का कहना है कि 22 लोगों को 50,000-50,000 रुपये दिए गए हैं। कलेक्टर ने यह भी जोड़ा कि इनाम की घोषणा के बाद से गांव के कई अन्य लोगों ने भी मदद करने का दावा करते हुए अपने नाम लिखवा दिए थे, जिससे भ्रम की स्थिति बनी।

⚠️ हादसे की जांच जारी, जिम्मेदार अभी भी बेफिक्र

जहां एक ओर इनाम के पैसों का विवाद गरमाया हुआ है, वहीं दूसरी ओर बरगी बांध के घाट पर आज भी क्रूज का मलबा बिखरा पड़ा है। हादसे के दो महीने बीत जाने के बाद भी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इस त्रासदी का असली जिम्मेदार कौन है। हाईकोर्ट के एक रिटायर्ड जज मामले की जांच कर रहे हैं, लेकिन 13 मौतों के लिए अब तक किसी पर भी सीधी जवाबदेही तय न होने से स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User