जबलपुर के इन इलाकों में कुत्तों का सबसे ज्यादा खौफ; निगम ने बढ़ाई पिंजरों की संख्या, जानें क्या है नई योजना

जबलपुर में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ा। जिला अस्पताल में रोजाना 50 से अधिक डॉग बाइट के मरीज। नगर निगम ने बढ़ाई नसबंदी की क्षमता, जानें पूरा अपडेट।

Jul 06, 2026 - 13:52
0
जबलपुर के इन इलाकों में कुत्तों का सबसे ज्यादा खौफ; निगम ने बढ़ाई पिंजरों की संख्या, जानें क्या है नई योजना

जबलपुर। मानसून के आगमन के साथ ही जबलपुर में आवारा कुत्तों का आतंक सिर चढ़कर बोलने लगा है। शहर की प्रमुख सड़कों, गलियों और कॉलोनियों में आवारा श्वानों के झुंड राहगीरों के लिए खतरा बन गए हैं। जिला अस्पताल के वैक्सीनेशन कक्ष के बाहर सुबह से ही एंटी रैबीज लगवाने वालों की लंबी कतारें देखी जा सकती हैं। आंकड़ों के मुताबिक, जून महीने से अब तक डॉग बाइट के 555 सहित कुल 2,425 जानवरों के काटने के मामले दर्ज किए गए हैं।

📍 किन इलाकों में सबसे ज्यादा खतरा?

शहर के सिविक सेंटर, रसल चौक, धन्वंतरि नगर, गढ़ा, मदन महल, रानीताल, गोहलपुर और रांझी समेत कई इलाकों में आवारा कुत्तों का जमावड़ा रहता है। शाम ढलते ही इन इलाकों में राहगीरों, बच्चों और बुजुर्गों का निकलना मुश्किल हो गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रशासन के दावों के बावजूद जमीनी स्तर पर स्थिति जस की तस है।

🛠️ नगर निगम की नई कार्ययोजना और चुनौतियां

आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने के लिए नगर निगम ने अब नई कार्ययोजना पर काम शुरू किया है। कठौंदा स्थित डॉग बधियाकरण केंद्र में पिंजरों की संख्या 65 से बढ़ाकर 150 कर दी गई है और जल्द ही 100 और पिंजरे जोड़ने की तैयारी है। निगम प्रतिदिन 30 से 35 कुत्तों का बधियाकरण कर रहा है। हालांकि, शहर में कुत्तों की सटीक संख्या और उनमें संक्रमण की स्थिति का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड न होना स्वास्थ्य विभाग और निगम के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। अब आम जनता की उम्मीदें सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद लागू होने वाली नई प्रशासनिक रणनीति पर टिकी हैं।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User