MP बना देश का पहला राज्य जिसने लागू किया नया वक्फ अधिनियम; सनवर पटेल बने बोर्ड अध्यक्ष
मध्य प्रदेश में नए वक्फ अधिनियम के तहत बोर्ड का पुनर्गठन। पहली बार बोर्ड में 2 हिंदू सदस्य शामिल। राज्य में 23,118 वक्फ संपत्तियों का ब्यौरा और कमाई का विवरण जानें।
भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने नए वक्फ अधिनियम के तहत राज्य वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन कर एक बड़ा कदम उठाया है। मध्य प्रदेश देश का ऐसा पहला राज्य बन गया है, जिसने इस अधिनियम को लागू करते हुए बोर्ड में सदस्यों की नियुक्ति की है। राज्य सरकार की अधिसूचना के अनुसार, बोर्ड में कुल 11 सदस्यों का प्रावधान किया गया है, जिसमें पहली बार दो हिंदू सदस्यों, मनोज मालपानी और अनिमेश भार्गव को भी शामिल किया गया है। वहीं, सनवर पटेल को बोर्ड का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
📊 वक्फ बोर्ड की संपत्तियों का विवरण
मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, राज्य में कुल 23,118 वक्फ संपत्तियां दर्ज हैं। इन संपत्तियों में मस्जिदें, कब्रिस्तान, ईदगाह, दरगाह और मदरसे शामिल हैं। जिलेवार वितरण की बात करें तो राजधानी भोपाल में सबसे अधिक 4,475 संपत्तियां हैं। इसके बाद उज्जैन (1,473), इंदौर (1,307), शाजापुर (1,213), विदिशा (1,011) और रतलाम (907) प्रमुख हैं। ये सभी संपत्तियां वक्फ बोर्ड के आधिकारिक पोर्टल पर पंजीकृत हैं।
💰 आय के स्रोत और बोर्ड की जिम्मेदारी
मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड की कमाई मुख्य रूप से सरकारी अनुदान, चंदा, निगरानी शुल्क और अन्य स्रोतों से होती है, जो सालाना करोड़ों में है। वर्ष 1995 के अधिनियम के तहत गठित यह संस्था भोपाल में स्थित है। बोर्ड का मुख्य कार्य वक्फ संपत्तियों का प्रबंधन और सुरक्षा करना है। साथ ही, बोर्ड का यह उत्तरदायित्व है कि इन संपत्तियों से प्राप्त आय का उपयोग धार्मिक, शैक्षणिक और सामाजिक कल्याण के कार्यों में पारदर्शी तरीके से सुनिश्चित किया जाए। इसके अलावा, अवैध कब्जों से संपत्तियों को बचाना और कानूनी विवादों का निपटारा करना भी बोर्ड की प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)