पर्यटकों की पहली पसंद बना पन्ना टाइगर रिजर्व; 100 से अधिक बाघों के दीदार को उमड़े देशी-विदेशी सैलानी
पन्ना टाइगर रिजर्व ने साल 2025-26 में 8.77 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड राजस्व अर्जित किया। 100 से अधिक बाघों के आकर्षण और बढ़ते पर्यटकों से पर्यटन को मिली रफ्तार।
पन्ना। मध्य प्रदेश का पन्ना टाइगर रिजर्व अपनी प्राकृतिक सुंदरता और 100 से अधिक बाघों की मौजूदगी के कारण वैश्विक स्तर पर पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। साल 2025-26 में इस रिजर्व ने पर्यटन से जो राजस्व अर्जित किया है, उसने पिछले सभी वर्षों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। डिप्टी डायरेक्टर बी.के. पटेल के अनुसार, इस वर्ष पन्ना टाइगर रिजर्व ने कुल 8 करोड़ 77 लाख 99 हजार रुपये की आय दर्ज की है। यह अर्जित राशि पन्ना के विकास और स्थानीय ग्राम समितियों के सहयोग के लिए उपयोग की जाएगी।
📈 निरंतर बढ़ रहा है पर्यटन का ग्राफ
पिछले साल (2024-25) में रिजर्व ने 7 करोड़ 43 लाख रुपये की आय प्राप्त की थी, जिसे इस बार और पीछे छोड़ दिया गया है। वर्ष 2025-26 में कुल 2 लाख 63 हजार 250 पर्यटकों ने पन्ना टाइगर रिजर्व का भ्रमण किया, जिसमें देशी और विदेशी दोनों सैलानी शामिल थे। अधिकारियों का मानना है कि यह सफलता वन विभाग के अधिकारियों से लेकर निचले स्तर के उन कर्मचारियों की कड़ी मेहनत का परिणाम है, जो दिन-रात वन्य प्राणियों और वनों की सुरक्षा में जुटे रहते हैं।
🚗 सफारी जानकारी और मानसून अपडेट
पर्यटन को सुव्यवस्थित करने के लिए प्रवेश शुल्क और सफारी दरों में भी बदलाव किया गया है। वर्तमान में प्रति जिप्सी सफारी का शुल्क 3,050 रुपये, जिप्सी का किराया 3,000 रुपये और गाइड का शुल्क 800 रुपये निर्धारित है। डिप्टी डायरेक्टर ने बताया कि मानसून के दौरान कोर एरिया के गेट सुरक्षा कारणों से बंद कर दिए जाते हैं, लेकिन पर्यटक अकोला और जिन्ना जैसे बफर जोन गेटों से सफारी का आनंद ले सकते हैं। मानसून समाप्त होने के बाद कोर एरिया को पर्यटकों के लिए पुनः खोल दिया जाएगा।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)