कलेक्टर प्रियंक मिश्रा की समझाइश भी बेअसर, देर रात तक जारी रहा जूनियर डॉक्टर्स का आंदोलन और चक्काजाम

भोपाल के हमीदिया अस्पताल के इंटर्न डॉक्टर्स ने स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर ओपीडी बंद करने का ऐलान किया है। कमला पार्क पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रों में झड़प हुई।

Sep 08, 2026 - 12:37
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कलेक्टर प्रियंक मिश्रा की समझाइश भी बेअसर, देर रात तक जारी रहा जूनियर डॉक्टर्स का आंदोलन और चक्काजाम

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित गांधी मेडिकल कॉलेज से जुड़े हमीदिया अस्पताल के इंटर्न डॉक्टर्स ने अपने मानदेय (स्टाइपेंड) को बढ़ाने की मांग को लेकर कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। मंगलवार को डॉक्टर्स ने ओपीडी पूरी तरह बंद रखने का बड़ा ऐलान किया है, जिसका असर प्रदेशभर के अन्य सरकारी मेडिकल कॉलेजों से जुड़े अस्पतालों में भी देखने को मिलेगा। स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर जूनियर और इंटर्न डॉक्टर्स ने हमीदिया अस्पताल परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपने के लिए एम हाउस की तरफ निकले, जिन्हें रोकने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा।

🛑 पुलिस कार्रवाई के बाद कमला पार्क पर चक्काजाम, कलेक्टर की समझाइश बेअसर—सिर्फ 14 हजार मिल रहा है स्टाइपेंड

प्रदर्शन के दौरान पुलिस और डॉक्टर्स के बीच तीखी झड़प हुई, जिसमें कई इंटर्न डॉक्टर्स को चोटें आने का आरोप लगाया गया है। पुलिस कार्रवाई के विरोध में डॉक्टर्स हमीदिया से निकलकर कमला पार्क पहुंचे और बैरिकेडिंग रोक जाने के बाद सड़क पर ही धरने पर बैठ गए, जिससे पॉलीटेक्निक चौराहे से हमीदिया रोड पर भारी ट्रैफिक जाम लग गया। डॉ. अक्षत सोनी ने बताया कि वर्तमान में इंटर्न को केवल 14 हजार 337 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड मिल रहा है, जिसे बढ़ाकर कम से कम 25 हजार रुपये किया जाना चाहिए, जबकि उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में यह राशि बढ़ाई जा चुकी है। स्थिति को संभालने के लिए भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा मौके पर पहुंचे और छात्रों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन डॉक्टर्स अपनी मांग पर अड़े रहे और देर रात तक उनका आंदोलन जारी रहा।

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