15 जुलाई के बाद कमजोर पड़ सकता है मानसूनी सिस्टम; जानें आपके जिले में बारिश का क्या है हाल
मध्य प्रदेश में अब तक कोटे की 25% बारिश। 15 जुलाई के बाद बढ़ेगी गर्मी और उमस। देवास में भारी बारिश, जबकि 23 जिलों में अभी भी सामान्य से कम वर्षा।
भोपाल। मध्य प्रदेश में इस बार मानसून का मिजाज काफी अलग है। राज्य में अब तक कोटे की लगभग 25 प्रतिशत यानी 9.4 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, जुलाई का महीना दो चरणों में विभाजित रह सकता है। जहां भोपाल, देवास और इंदौर सहित 32 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई है, वहीं 15 जुलाई के बाद मानसूनी सिस्टम के कमजोर पड़ने से लोगों को उमस और तेज गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।
🌡️ 15 जुलाई के बाद बदल सकता है मौसम का रुख
मौसम विशेषज्ञ अरुण शर्मा के अनुसार, 15 जुलाई के बाद मानसून की सक्रियता में थोड़ी कमी आएगी, जिससे बारिश का सिलसिला कुछ दिनों के लिए थम सकता है। हालांकि, यह मानसून के विदा होने के संकेत नहीं हैं। बंगाल की खाड़ी या अरब सागर में नया लो-प्रेशर सिस्टम बनते ही प्रदेश में फिर से झमाझम बारिश शुरू हो जाएगी। जुलाई के दूसरे पखवाड़े की शुरुआत थोड़ी धीमी रह सकती है।
📊 बारिश का असमान वितरण: देवास सबसे आगे, कई जिले पीछे
प्रदेश में बारिश का वितरण इस बार काफी असमान है। देवास जिला बारिश के मामले में रिकॉर्ड बना रहा है, जहाँ सामान्य से 125 प्रतिशत अधिक (लगभग 18 इंच) पानी बरस चुका है। वहीं, इंदौर और सीहोर में 14 इंच, हरदा में 15 इंच और राजधानी भोपाल में 13.1 इंच बारिश दर्ज की गई है। इसके विपरीत अनूपपुर, जबलपुर, कटनी, रीवा, सागर, सतना और नरसिंहपुर सहित 23 जिलों में अभी भी सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है।
⚠️ अगले 24 घंटों का पूर्वानुमान और अलर्ट
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए पन्ना और सतना जिलों में भारी बारिश (4 इंच या उससे अधिक) का रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर सहित प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अगले 4 दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। विभाग ने किसानों और आम नागरिकों को बदलते मौसम के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी है।
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