दतिया में बगावत के बीच भाजपा का बड़ा बयान; आशुतोष तिवारी की जीत की भविष्यवाणी
दतिया विधानसभा उपचुनाव में टिकट वितरण के बाद उपजे विवाद पर भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय का बड़ा बयान। कहा—बीजेपी अपना फैसला नहीं बदलेगी।
दतिया। मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर टिकट वितरण के बाद शुरू हुआ 'पॉलिटिकल ड्रामा' थमने का नाम नहीं ले रहा है। नरोत्तम मिश्रा को टिकट न मिलने से नाराज समर्थकों द्वारा हाईवे जाम करने और विरोध प्रदर्शन के बीच, भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय ने पार्टी का स्टैंड स्पष्ट कर दिया है। इंदौर में मीडिया से चर्चा करते हुए विजयवर्गीय ने साफ कहा कि दतिया से आशुतोष तिवारी ही प्रत्याशी रहेंगे और पार्टी अपना निर्णय नहीं बदलेगी।
🚩 'बीजेपी में टिकट बदलने की परंपरा नहीं': विजयवर्गीय
कैलाश विजयवर्गीय ने बगावती सुरों को दरकिनार करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी एक अनुशासित पार्टी है। उन्होंने आत्मविश्वास जताते हुए कहा, "पार्टी सोच-समझकर निर्णय लेती है और हम डंके की चोट पर जीतेंगे। आशुतोष तिवारी भारी मतों से जीत दर्ज करेंगे।" उन्होंने स्पष्ट किया कि एक बार टिकट घोषित होने के बाद उसे बदलने की भाजपा में कोई परंपरा नहीं है, इसलिए टिकट बदलने की संभावना शून्य है।
👤 नरोत्तम मिश्रा की भूमिका पर बोले विजयवर्गीय
टिकट से वंचित रहने के बाद नरोत्तम मिश्रा के भविष्य पर विजयवर्गीय ने कहा कि वे वरिष्ठ और अच्छे कार्यकर्ता हैं। उन्होंने दतिया में पार्टी के भीतर असंतोष को 'छोटी बात' बताते हुए कहा कि अनुशासन से सब ठीक हो जाएगा। विजयवर्गीय के अनुसार, 230 सीटों पर हजारों लोगों ने दावेदारी की थी, लेकिन टिकट केवल एक को ही मिलता है।
⏳ दतिया का सियासी इतिहास और 'कंट्रोल'
दतिया की राजनीति में बगावत का इतिहास पुराना रहा है। वर्ष 2008 में जब नरोत्तम मिश्रा ने दतिया सीट का रुख किया था, तब भी उन पर 'बाहरी' होने का आरोप लगा था। हालांकि, हाईकमान के हस्तक्षेप से तब पार्टी ने स्थिति संभाल ली थी। बीते 15 वर्षों से दतिया की राजनीति पर नरोत्तम मिश्रा का दबदबा रहा है, जिसके कारण अन्य स्थानीय दावेदार पीछे छूट गए थे। अब देखना यह है कि क्या भाजपा हाईकमान का यह फैसला दतिया में पार्टी की जीत का मार्ग प्रशस्त करेगा या बगावत आगामी उपचुनाव के नतीजों को प्रभावित करेगी।
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