बांधवगढ़ से भटककर 250 किमी दूर प्रयागराज पहुंचे हाथी, ग्रामीण इलाकों में फैली दहशत
मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ नेशनल पार्क से भटककर हाथी प्रयागराज पहुंच गए हैं, वहीं छिंदवाड़ा में भी जंगली हाथी की आमद से ग्रामीण इलाकों में दहशत का माहौल है।
मध्य प्रदेश के उमरिया स्थित विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान से भटककर हाथियों का एक जोड़ा सुदूर उत्तर प्रदेश के प्रयागराज तक जा पहुंचा है। लगभग 250 किलोमीटर की लंबी दूरी तय करने वाले ये दोनों हाथी पिछले दिनों बांधवगढ़ अभ्यारण्य से बाहर निकल आए थे। वहीं दूसरी ओर, मध्य प्रदेश के ही छिंदवाड़ा जिले के तामिया और सांगाखेड़ा क्षेत्र में भी एक जंगली हाथी की मौजूदगी से हड़कंप मच गया है। बीजाढाना से निकला यह जंगली हाथी झौंत और घटिया गांव से होता हुआ कोलढाना के रास्ते सुआम की तरफ आगे बढ़ रहा है, जिससे आसपास के ग्रामीण इलाकों में भारी दहशत का माहौल है।
📍 अधिकारियों ने दी जानकारी, हाथियों के शरीर पर लगी है ट्रैकिंग चिप
प्रयागराज पहुंचे हाथियों के संबंध में डीएफओ अरविंद कुमार यादव ने जानकारी दी है कि इन दोनों हाथियों के शरीर पर विशेष ट्रैकिंग चिप लगी हुई है, जिससे इनकी लोकेशन ट्रैक की जा रही है। बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान के वरिष्ठ अधिकारियों को भी इस घटना की पूरी सूचना दे दी गई है। हाथियों के इस जोड़े ने कोरांव के अतरेंजी जंगल में डेरा डाल रखा है, जिसके बाद वन विभाग और स्थानीय पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद होकर इलाके की लगातार निगरानी कर रहा है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को टाला जा सके।
🚨 छिंदवाड़ा में वन विभाग और प्रशासन सतर्क, गांवों में कराई गई मुनादी
छिंदवाड़ा के जुन्नारदेव और सांगाखेड़ा क्षेत्र में हाथी की आवाजाही को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। सांगाखेड़ा वन परिक्षेत्र अधिकारी नेहा मासूरकर और जुन्नारदेव तहसीलदार अपनी टीमों के साथ मौके पर मुस्तैद हैं। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाइश दी है कि वे शांत रहें और हाथी को सुरक्षित रास्ता दें। एहतियात के तौर पर आसपास के सभी गांवों में मुनादी करवाकर लोगों को खेतों और जंगलों की तरफ न जाने की सख्त सलाह दी गई है। सांगाखेड़ा, जुन्नारदेव, दमुआ परिक्षेत्र और सतपुड़ा टाइगर रिजर्व (STR) का अमला लगातार हाथी की हर हरकत पर नजर बनाए हुए है।
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