क्या सावन के पहले खुलेंगे गुना के केदारनाथ धाम के दरवाजे? प्रशासन की रिपोर्ट का भक्तों को बेसब्री से इंतजार
मध्य प्रदेश के गुना में स्थित प्राचीन केदारनाथ धाम श्रद्धालुओं के लिए बंद। चट्टानों में दरारों के कारण प्रशासन ने लगाई है रोक। क्या सावन में खुलेंगे पट?
गुना। केदारनाथ धाम का नाम सुनते ही उत्तराखंड की याद आना स्वाभाविक है, लेकिन मध्य प्रदेश के गुना जिले में भी एक प्राचीन 'केदारनाथ धाम' स्थित है। पहाड़ियों और घने जंगलों के बीच बसा यह मंदिर अपनी प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक आस्था के लिए पूरे प्रदेश में प्रसिद्ध है। महोदरा गांव के पास स्थित यह मंदिर त्रेता युग से भी पूर्व का माना जाता है, जो भक्तों की श्रद्धा का प्रमुख केंद्र रहा है।
🚧 सुरक्षा कारणों से पिछले 3 वर्षों से बंद है धाम
प्राकृतिक सौंदर्य और झरनों के लिए मशहूर इस धाम पर पिछले कुछ वर्षों से संकट के बादल छाए हुए हैं। पहाड़ों और मंदिर की चट्टानों में आई दरारों के कारण प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से जुलाई 2024 में मंदिर के मुख्य द्वार पर प्रतिबंध लगा दिया था। तब से लेकर अब तक यह प्राचीन मंदिर श्रद्धालुओं के लिए बंद है, जिससे भक्त मायूस हैं।
⏳ सावन 2026: क्या भक्तों को मिलेंगे भोलेनाथ के दर्शन?
इस साल 30 जुलाई से सावन का पवित्र महीना शुरू होने जा रहा है। सावन के पहले सोमवार (3 अगस्त) को लेकर भक्तों में भारी उत्साह है, लेकिन केदारनाथ धाम के पट खुलने को लेकर संशय बना हुआ है। हाल ही में भोपाल से आई वैज्ञानिकों की टीम ने चट्टानों का सर्वे किया था, जिसकी रिपोर्ट का इंतज़ार अब भी है। महंत शिवनाथ गणेश गिरी महाराज के अनुसार, प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है और भक्त फिलहाल आश्रम में ही दर्शन कर रहे हैं।
📜 रिपोर्ट का इंतज़ार, उम्मीदों पर टिकीं नज़रें
भक्तों ने जनसुनवाई में कई बार मंदिर को पुन: खोलने के लिए आवेदन दिए हैं। सभी की निगाहें अब उस सर्वे रिपोर्ट पर टिकी हैं जो मंदिर की सुरक्षा और भविष्य का रास्ता तय करेगी। प्रशासन का स्पष्ट मानना है कि सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता, लेकिन भक्तों को उम्मीद है कि सावन के इस पावन पर्व पर उन्हें भोलेनाथ के सीधे दर्शन का सौभाग्य फिर से प्राप्त होगा।
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