नेशनल हाईवे-52 पर घटिया निर्माण की पोल: डिवाइडर और नालियों का काम सवालों के घेरे में, चंद दिनों में ही टूटने लगे निर्माण
नेशनल हाईवे-52 पर निर्माण कार्य में भारी लापरवाही। डिवाइडर और नालियों का काम गुणवत्तापूर्ण नहीं होने से क्षतिग्रस्त।
नेशनल हाईवे-52 पर डिवाइडर की ऊंचाई बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है लेकिन काम गुणवत्तापूर्ण नहीं हो रहा है। निर्माण के कुछ ही दिन बाद डिवाइडर क्षतिग्रस्त होने लगे हैं।
टोल कंपनी ने कार्य निजी कंपनी श्री इंफ्रा को दिया हो लापरवाही पूर्वक व गुणवत्तापूर्ण कार्य नहीं कर रहे
गवाड़ी गांव के पास चार-पांच दिन पहले ही पहले से बने डिवाइडर के ऊपर सीमेंट-कांक्रीट की परत चढ़ाई गई थी। इसके तुरंत बाद ही डिवाइडर पर पंप से सफेद रंग या केमिकल का छिड़काव कर औपचारिकता पूरी कर दी गई। निर्माण कार्य के बाद ठीक से तराई भी नहीं की गई। निर्माण के पांच दिन बाद ही डिवाइडर क्षतिग्रस्त होने लगा। गवाड़ी के पास सीमेंट-कांक्रीट का कुछ हिस्सा टूटकर सड़क पर गिर गया। इसके अलावा उसमें दरारें भी पड़ गई हैं।
निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े होने लगे हैं। इसके बावजूद संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
नालीया क्षतिग्रस्त
बिजासन घाट क्षेत्र में बारिश के दौरान पहाड़ों से आने वाले पानी की निकासी के लिए सड़क के दोनों ओर नालियां बनाई गई हैं। बारिश के दौरान ये नालियां क्षतिग्रस्त हो गई थीं, जिनकी मरम्मत कराई जा रही है। लेकिन मरम्मत कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं। सुधार कार्य के लापरवाही देखने को मिल रही नालियों में टूट-फूट सुधार कार्य में छोटे छोटे पत्थरों का उपयोग कर ऊँची नीची आदि तिरछी बना कर औपचारिकता निभाई जा रही। ऐसे में बारिश के दौरान फिर समस्या खड़ी हो सकती है।
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