आदिवासी दिवस और निजीकरण के मुद्दों पर गरमाई सियासत, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने उठाए कड़े सवाल
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल के साथ सीएम मोहन यादव से मुलाकात कर 9 अगस्त आदिवासी दिवस पर सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग की है।
भोपाल : मध्य प्रदेश में आदिवासी दिवस के आयोजन और उसकी छुट्टियों को लेकर अब राज्य में सियासत काफी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के बाद अब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने एक कांग्रेसी प्रतिनिधिमंडल के साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से उनके आधिकारिक निवास पर मुलाकात की है। कांग्रेस पार्टी ने मुख्यमंत्री के सामने 9 अगस्त को मनाए जाने वाले आदिवासी दिवस के अवसर पर प्रदेश भर में सार्वजनिक अवकाश घोषित करने सहित कुल तीन मुख्य मुद्दों पर तत्काल सख्त कार्रवाई करने की मांग रखी है।
🏹 आदिवासियों के अधिकारों और सार्वजनिक अवकाश को लेकर कांग्रेस की प्रमुख मांग
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने चर्चा के दौरान कहा कि, ''आदिवासी दिवस के पावन अवसर पर पूरे प्रदेश में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाना चाहिए। इसके साथ ही प्रदेशभर की सभी पंचायतों में आदिवासियों के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक अधिकारों को लेकर विशेष चर्चा की जानी चाहिए।''
उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में राज्य सरकार ने आदिवासी दिवस को केवल 'ऐच्छिक अवकाश' की सीमित श्रेणी में रखा है। इस प्रतिनिधिमंडल में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के साथ विधायक फुंदेलाल मार्को, केदार डाबर, झूमा सोलंकी, संजय उइके और सुनील उइके भी मुख्यमंत्री से मुलाकात करने सीएम हाउस पहुँचे थे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस नेताओं की इन मांगों पर सकारात्मक रूप से विचार करने का पूरा भरोसा दिलाया है।
🏢 सरकारी संस्थाओं और स्वास्थ्य केंद्रों को निजी हाथों में सौंपने पर कड़ा विरोध
मुलाकात के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि, ''प्रदेश भर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, आईटीआई संस्थानों और आदिवासी छात्रावासों को धीरे-धीरे निजी हाथों में सौंपने की तैयारी की जा रही है।''
उन्होंने आगे सवाल उठाया कि आखिर सरकार इस तरह के संस्थानों का निजीकरण क्यों करना चाहती है? क्या सरकार ऐसा करके अपनी बुनियादी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ना चाहती है? सरकार के पास क्या कोई ऐसा प्रशासनिक तंत्र नहीं बचा है जो इन व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संभाल सके? आखिर सरकार अस्पतालों में डॉक्टरों की नियमित भर्ती क्यों नहीं कर रही है?
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि डॉक्टर पहले से ही दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों में जाने से कतराते हैं, और दूसरी ओर प्रदेश के विभिन्न आईटीआई संस्थानों में पुरानी और कबाड़ हो चुकी मशीनें पड़ी हुई हैं, जबकि बदलते दौर और समय के साथ अब कई नए आधुनिक ट्रेंड आ चुके हैं, जिन पर सरकार को ध्यान देना चाहिए।
⚖️ कांग्रेस जिला अध्यक्ष की हत्या के मामलों में दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग
इस प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपकर कांग्रेस के एक जिला अध्यक्ष की हत्या के मामले में सभी दोषियों के खिलाफ अतिशीघ्र कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।
उमंग सिंघार ने इस संबंध में बताया कि, ''इस गंभीर मामले को लेकर एक दिन पहले ही डीजीपी से भी मुलाकात की गई थी, और अब इस महत्वपूर्ण मुद्दे को मुख्यमंत्री के समक्ष भी प्रमुखता से रखा गया है ताकि पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय मिल सके।''
🗳️ दतिया विधानसभा उपचुनाव के परिणामों को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नजर आई कांग्रेस
दूसरी तरफ, दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए मतदान की प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो चुकी है। हालांकि, कांग्रेस पार्टी मतगणना के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न होने को लेकर पूरी तरह से आश्वस्त दिखाई दे रही है।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का दावा है कि, ''इस उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की अंदरूनी कलह और आपसी फूट का सीधा फायदा कांग्रेस पार्टी को मिलने जा रहा है। हमारे कार्यकर्ता और मतदाता मैदान में बेहद मजबूत स्थिति में रहे हैं।''
उन्होंने कहा कि आम मतदाताओं का झुकाव स्पष्ट रूप से कांग्रेस की तरफ रहा है, और आने वाले चुनाव परिणाम पूरी तरह से कांग्रेस पार्टी के पक्ष में ही आएंगे। उनके अनुसार, अब मतदाताओं का फैसला मतदान पेटियों में सुरक्षित बंद हो चुका है और परिणामों में हार-जीत का अंतर काफी बड़ा रहने की उम्मीद है।
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