बंद पड़ी फैक्ट्री का कायाकल्प करने की तैयारी, सैकड़ों बेरोजगार मजदूरों के लिए जागी उम्मीद की किरण

गुना में 6 साल से बंद पड़ी नारायणपुरा शुगर फैक्ट्री को दोबारा शुरू करने के लिए प्रशासन एक्शन मोड में है। कलेक्टर ने 1 सप्ताह में विस्तृत कार्ययोजना मांगी है।

Jul 16, 2026 - 12:20
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बंद पड़ी फैक्ट्री का कायाकल्प करने की तैयारी, सैकड़ों बेरोजगार मजदूरों के लिए जागी उम्मीद की किरण

गुना। मध्य प्रदेश के गुना जिले में पिछले 5-6 वर्षों से नारायणपुरा शुगर फैक्ट्री (चीनी मिल) के बंद होने के चलते सैकड़ों स्थानीय मजदूरों और कर्मचारियों को गंभीर बेरोजगारी का सामना करना पड़ रहा था। लेकिन अब इन प्रभावित परिवारों के लिए एक बार फिर उम्मीद की बड़ी किरण जागी है। मिल को दोबारा क्रियाशील बनाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया है और इसे पुनः शुरू करने की प्रशासनिक कवायद बहुत तेज कर दी गई है। प्रशासन के इस सकारात्मक कदम से निश्चित रूप से उन सैकड़ों मजदूरों के चेहरों पर खुशी देखने को मिलेगी जो सालों से काम छिन जाने के कारण घर बैठे हैं और आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं।

🏢 कार्यालय से लेकर उत्पादन इकाई का जायजा: कलेक्टर किशोर कन्याल ने किया विस्तृत निरीक्षण, पूर्व कर्मचारियों से की चर्चा

फैक्ट्री को दोबारा शुरू करने की तैयारियों के सिलसिले में गुना कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने बुधवार को पूरी प्रशासनिक टीम के साथ फैक्ट्री परिसर का एक विस्तृत और व्यावहारिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मिल की वर्तमान स्थिति, उपलब्ध संसाधनों एवं तकनीकी व्यवस्थाओं का गहन जायजा लिया। कलेक्टर ने सबसे पहले फैक्ट्री के मुख्य कार्यालय का अवलोकन कर पुराने अभिलेखों (रिकॉर्ड्स) एवं वर्तमान सुरक्षा व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने पूर्व में इस फैक्ट्री में कार्यरत रहे तकनीकी कर्मचारियों और श्रमिक नेताओं से आमने-सामने विस्तृत चर्चा की। इस चर्चा के माध्यम से उन्होंने मिल की पुरानी संचालन व्यवस्था, वास्तविक उत्पादन क्षमता तथा वर्तमान में हो सकने वाले सुधारों के संबंध में महत्वपूर्ण फीडबैक प्राप्त किया। तत्पश्चात उन्होंने पूरी फैक्ट्री का भ्रमण कर उत्पादन प्रक्रिया से जुड़ी मशीनों, पेराई सत्र की व्यवस्था और पावर हाउस का निरीक्षण कर तकनीकी पहलुओं को समझा।

⚙️ पुनः संचालन के 2 विकल्पों पर मंथन: पुरानी मशीनों का पुनरुद्धार या नए आधुनिक संयंत्र की स्थापना पर होगा फैसला

कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने निरीक्षण के उपरांत मीडिया और अधिकारियों से बात करते हुए कहा कि, "इस ऐतिहासिक शुगर फैक्ट्री को पुनः शुरू करने के लिए दो प्रमुख विकल्पों पर बहुत गंभीरता से काम किया जा सकता है। पहला विकल्प यह है कि वर्तमान में मौजूद पुरानी मशीनों एवं मिल परिसर में उपलब्ध बुनियादी संसाधनों का पुनरुद्धार (रिनोवेशन) कर फैक्ट्री का संचालन यथाशीघ्र प्रारंभ किया जाए। वहीं दूसरा विकल्प यह है कि आज की आधुनिक और उन्नत तकनीक के अनुरूप यहां नए सिरे से एक अत्याधुनिक संयंत्र (प्लांट) स्थापित कर संचालन शुरू किया जाए।" उन्होंने उपस्थित तकनीकी विशेषज्ञों को दोनों ही विकल्पों की तकनीकी व्यवहार्यता और वित्तीय लागत का बारीकी से परीक्षण कर एक तुलनात्मक प्रस्ताव तैयार करने के सख्त निर्देश दिए हैं।

📋 1 सप्ताह में तैयार होगी विस्तृत कार्ययोजना: डीआरसीएस को मिले निर्देश, जिले की आर्थिक गतिविधियों को मिलेगी नई गति

इस महत्वाकांक्षी परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए कलेक्टर ने जिला पंजीयक सहकारी संस्थाएं (DRCS) को कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित तकनीकी और वित्तीय विभागों के साथ आपसी समन्वय स्थापित करते हुए एक सप्ताह के भीतर इसकी एक विस्तृत और व्यावहारिक कार्ययोजना (Action Plan) तैयार कर जिला मुख्यालय के समक्ष प्रस्तुत की जाए, ताकि फैक्ट्री के पुनर्जीवन की दिशा में राज्य शासन को अंतिम प्रस्ताव भेजकर आगे की कानूनी व विधिक कार्रवाई की जा सके। उल्लेखनीय है कि इस नारायणपुरा शुगर फैक्ट्री से कभी क्षेत्र के सैकड़ों परिवारों की आजीविका और घर चलता था। ऐसे में फैक्ट्री दोबारा शुरू करने का यह प्रशासनिक फैसला पुराने कर्मचारियों के लिए बहुत बड़ी राहत लेकर आया है। इसके साथ ही इस मिल के चालू होने से गुना जिले की औद्योगिक व आर्थिक गतिविधियों को भी एक नई और मजबूत गति मिलेगी, जिससे क्षेत्रीय किसानों को भी अपनी गन्ने की फसल का सही दाम स्थानीय स्तर पर मिल सकेगा।

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