मध्य प्रदेश में फिर रफ्तार पकड़ेगा मानसून; बालाघाट और डिंडौरी समेत इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मध्य प्रदेश में फिर सक्रिय होगा मानसून। मौसम विभाग ने बालाघाट और डिंडौरी में भारी बारिश और 31 जिलों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अलर्ट जारी किया है।
भोपाल । लंबे समय से अच्छी और लगातार बारिश का इंतजार कर रहे मध्य प्रदेश के नागरिकों के लिए राहत भरी खबर है. राज्य में मानसून धीरे-धीरे एक बार फिर अपनी रफ्तार पकड़ने वाला है. मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, शुक्रवार को प्रदेश के कुछ विशिष्ट जिलों में भारी बारिश का 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया गया है, जबकि कई अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है. गौरतलब है कि राज्य में चालू सीजन के दौरान अब तक सामान्य से लगभग 13 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, क्योंकि जून के बाद जुलाई के शुरुआती हफ्तों में भी मानसून की बेरुखी बनी रही.
💨 2. पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में तेज हवाओं की चेतावनी: मौसम विभाग का नया पूर्वानुमान
मौसम विभाग ने अपने ताजा बुलेटिन में पश्चिमी मध्य प्रदेश के जिलों में 21 से 22 जुलाई के बीच अच्छी और व्यापक बारिश होने की अनुकूल संभावना जताई है. वहीं, पूर्वी मध्य प्रदेश के हिस्सों में 17 से 21 जुलाई तक लगातार भारी बारिश का अनुमान व्यक्त किया गया है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस समयावधि के दौरान पूर्वी और पश्चिमी दोनों ही क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और लगभग 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने की भी आशंका है.
🥵 3. जुलाई में भी हुआ मार्च जैसी गर्मी का अहसास: शुष्क मौसम के चलते खजुराहो रहा सबसे गर्म
जुलाई के महीने में उम्मीद के विपरीत कम बारिश होने के कारण मध्य प्रदेश के कई बड़े शहरों में दिन के तापमान में अप्रत्याशित बढ़ोतरी दर्ज की गई है. कई प्रमुख शहरों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के आंकड़े को पार कर गया है, जिससे लोगों को जुलाई के महीने में मार्च जैसी उमस और तपती गर्मी का अहसास हो रहा है. मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से मानसूनी गतिविधियों के थमने से तापमान बढ़ा है, हालांकि अब धीरे-धीरे बादलों की आवाजाही शुरू होने से पारे में मामूली गिरावट दर्ज की जा रही है.
तापमान के चरम आंकड़े: प्रदेश में सबसे अधिक तापमान पर्यटन नगरी खजुराहो (छतरपुर) में 38.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सबसे सुहावना मौसम और न्यूनतम तापमान पचमढ़ी (नर्मदापुरम) में 18.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया.
🌀 4. मानसून की चाल पर कई मौसम प्रणालियों का असर: सक्रिय हुए नए चक्रवाती सिस्टम
मौसम विशेषज्ञ अरुण शर्मा ने वायुमंडलीय बदलावों की जानकारी देते हुए बताया:
"शुक्रवार को एक निम्न दबाव का क्षेत्र (Low-Pressure Area) उत्तरी ओडिशा और उससे सटे झारखंड व पश्चिम बंगाल के ऊपर सक्रिय है. इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) माध्य समुद्र तल से 5.8 किलोमीटर ऊपर तक फैला हुआ है, जो ऊंचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम दिशा की ओर झुक रहा है. इसके अगले 24 घंटों के दौरान धीरे-धीरे कमजोर होने की संभावना है. इसके अलावा, मानसून ट्रफ (Monsoon Trough) कम दबाव के क्षेत्र के केंद्र से होते हुए दक्षिण-पूर्व की ओर उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक गुजर रही है. साथ ही, एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) भी सक्रिय हो रहा है, जिसके प्रभाव से राज्य के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का नया दौर शुरू होगा."
⛈️ 5. बालाघाट और डिंडौरी में भारी बारिश की चेतावनी: 31 जिलों में आंधी-तूफान का अलर्ट
मौसम विभाग ने शुक्रवार को विशेष रूप से बालाघाट और डिंडौरी जिलों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार, प्रदेश के 31 से अधिक जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. वर्तमान में बंगाल की खाड़ी में एक नया कम दबाव का क्षेत्र आकार ले रहा है, जिसके साथ ही तीन अलग-अलग मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं. आगामी 19 जुलाई के बाद से उत्तर-पश्चिम भारत में पश्चिमी विक्षोभ के असर से बारिश की गतिविधियों में और अधिक तेजी आने की पूरी उम्मीद है.
📍 6. शुक्रवार को इन जिलों में वर्षा का पूर्वानुमान: कुछ क्षेत्रों में उमस का असर रहेगा बरकरार
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हल्की से मध्यम बारिश वाले जिले: भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, धार, इंदौर, देवास, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, और निवाड़ी जिलों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं.
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पूर्वी हिस्से में बारिश के संकेत: सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, शहडोल, उमरिया, कटनी, जबलपुर, पन्ना, दमोह, मैहर, अनूपपुर, डिंडौरी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट और पांढूर्णा जिलों के कुछ स्थानों पर अच्छी बारिश का पूर्वानुमान है.
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उमस और गर्मी का सामना: दूसरी ओर, राजधानी भोपाल, ग्वालियर, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर, आगर-मालवा, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम और झाबुआ में बारिश के अभाव के कारण उमस और गर्मी का मिलाजुला असर जारी रहने की संभावना है.
📉 7. मध्य प्रदेश के 35 जिलों में सामान्य से कम बारिश: पूर्वी हिस्से में स्थिति अधिक चिंताजनक
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, बीते एक सप्ताह से भारी बारिश न होने से राज्य के कई हिस्सों में पानी की कमी देखी जा रही है. सामान्य तौर पर जुलाई और अगस्त के महीनों में ही मध्य प्रदेश में मानसूनी कोटे की लगभग 40 प्रतिशत बारिश दर्ज की जाती है, लेकिन इस बार आंकड़ा पीछे चल रहा है.
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बारिश के आंकड़े: प्रदेश की औसत सामान्य बारिश लगभग 37.3 इंच मानी जाती है. भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे महानगरों में सामान्य बारिश का स्तर 38 से 40 इंच रहता है. इस सीजन में अब तक भोपाल में 13.1 इंच, हरदा में 15 इंच, देवास में 18 इंच और इंदौर व सीहोर में 14 इंच पानी गिरा है.
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न्यूनतम वर्षा: अलीराजपुर जिला वर्तमान में सबसे पीछे है, जहां केवल सवा 2 इंच के आसपास बारिश दर्ज हुई है.
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क्षेत्रीय असंतुलन: मध्य प्रदेश के लगभग 35 जिले अभी भी सामान्य से कम बारिश की श्रेणी में हैं. पूर्वी मध्य प्रदेश में स्थिति पश्चिमी हिस्से की तुलना में अधिक नाजुक है, जहां सामान्य से 26 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई है, जबकि पश्चिमी हिस्से में यह कमी केवल 2 प्रतिशत की है.
📊 8. मध्य प्रदेश के तापमान के आंकड़े: पचमढ़ी सबसे ठंडा, मैदानी इलाकों में शुष्क मौसम
सबसे कम न्यूनतम तापमान वाले शीर्ष 5 शहर (डिग्री सेल्सियस में):
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पचमढ़ी (नर्मदापुरम) — 18.9°C
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खरगोन — 21.0°C
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शिवपुरी — 22.0°C
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धार — 22.1°C
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खंडवा — 22.4°C
सबसे कम अधिकतम तापमान वाले शीर्ष 5 शहर (डिग्री सेल्सियस में):
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पचमढ़ी (नर्मदापुरम) — 30.4°C
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नरसिंहपुर — 31.2°C
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बैतूल — 32.2°C
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खरगोन / सिवनी — 32.4°C
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मलाजखंड (बालाघाट) — 32.5°C
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