श्योपुर के विजयपुर में बच्चों की जान से खिलवाड़; 10 सीटर वैन में ठूंस कर भरे 25 स्कूली बच्चे, वीडियो वायरल

श्योपुर के विजयपुर में GVN एकेडमी स्कूल की 10 सीटर वैन में 25 बच्चों को ठूंस-ठूंसकर भरने का वीडियो वायरल होने के बाद परिवहन और शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

Jul 18, 2026 - 16:08
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श्योपुर के विजयपुर में बच्चों की जान से खिलवाड़; 10 सीटर वैन में ठूंस कर भरे 25 स्कूली बच्चे, वीडियो वायरल

श्योपुर। जिले के विजयपुर क्षेत्र में निजी स्कूल संचालकों की एक बेहद गंभीर और जानलेवा लापरवाही सामने आ रही है. यहाँ स्कूली वाहनों में तय क्षमता से ढाई गुना अधिक मासूम बच्चों को ठूंस-ठूंसकर ले जाया जा रहा है. जिन मारुति वैन और गाड़ियों में परिवहन विभाग द्वारा महज 9 से 10 बच्चों को सुरक्षित बिठाने की वैधानिक अनुमति दी गई है, उनमें भेड़-बकरियों की तरह 25 से 26 बच्चों को जबरन भरकर रोजाना स्कूल लाया और छोड़ा जा रहा है. यह न केवल मासूम बच्चों की सुरक्षा के साथ सरेआम खिलवाड़ है, बल्कि स्कूल वाहन संचालन से जुड़े सुप्रीम कोर्ट और परिवहन विभाग के सभी सुरक्षा नियमों की भी खुली अवहेलना है. विजयपुर में शुक्रवार को GVN एकेडमी स्कूल की एक निजी वैन का हैरान करने वाला वीडियो सामने आने के बाद अब निजी स्कूल प्रबंधन की कार्यप्रणाली और बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.

जून की पहली तारीख से ही नए शैक्षणिक सत्र के लिए स्कूल पूरी तरह से खुल चुके हैं, लेकिन जिम्मेदार प्रशासनिक विभाग अब तक स्कूली वाहनों की फिटनेस और सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त नहीं कर पाया है. हर दिन मासूम बच्चों की जान जोखिम में डालकर ये स्कूल वाहन तेज रफ्तार के साथ सड़कों पर दौड़ रहे हैं. स्कूल वाहनों के लिए तय किए गए कड़े सुरक्षा मानकों के अनुसार क्षमता से एक भी अधिक बच्चे को बिठाने की अनुमति नहीं है.

वायरल वीडियो की हकीकत:

इसके बावजूद विजयपुर में कई वाहन क्षमता से अधिक ओवरलोड होकर मुख्य सड़कों पर दौड़ रहे हैं. वैन की सीटों पर बच्चों को बेरहमी से ठूंस कर बिठाया जा रहा है. यह बात केवल आरोपों तक सीमित नहीं है, बल्कि सोशल मीडिया पर सामने आया एक ताजा वीडियो इस बात की जीवंत गवाही दे रहा है. वैन के भीतर कई मासूम बच्चे जगह न होने के कारण एक-दूसरे की गोद में बैठकर दमघोंटू सफर करने को मजबूर हैं. ऐसे में रास्ते में अचानक ब्रेक लगने या कोई छोटी सी दुर्घटना होने पर भी किसी गंभीर जनहानि की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता.

इस पूरे गंभीर मामले ने जिला परिवहन विभाग (RTO) और स्कूल शिक्षा विभाग की लचर मॉनिटरिंग और सुस्त कार्यप्रणाली पर बड़े सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं. शुक्रवार को सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ यह वायरल वीडियो विजयपुर क्षेत्र का है. स्थानीय लोगों के आरोप हैं कि यहाँ संचालित GVN एकेडमी स्कूल से जुड़ी एक निजी गाड़ी में बच्चों को बुरी तरह भरा गया था. जब यह गाड़ी स्कूल से छुट्टी होने के बाद क्षेत्र में बच्चों को उनके घर छोड़ने पहुंची, तो वैन के भीतर की स्थिति देखकर एक जागरूक अभिभावक ने अपने मोबाइल से इस पूरी घटना का वीडियो बना लिया. वीडियो में देखा जा सकता है कि जब स्कूल गाड़ी से एक-एक कर बच्चे नीचे उतारे गए, तो उस छोटी सी वैन से कुल 25 बच्चे बाहर निकले. यदि इसमें ड्राइवर की संख्या को भी जोड़ दिया जाए, तो गाड़ी के भीतर कुल 26 लोग सवार थे.

वाहन सुरक्षा एवं प्रशासनिक स्टेटस जमीनी हकीकत और विसंगति
वाहन की तय विधिक क्षमता अधिकतम 9 से 10 स्कूली बच्चे
वैन में मिले बच्चों की संख्या 25 बच्चे + 1 ड्राइवर = कुल 26 लोग
प्रभावित स्कूल का नाम GVN एकेडमी स्कूल, विजयपुर (श्योपुर)
विभागीय कार्रवाई का दावा नियम उल्लंघन करने वाले संचालकों को नोटिस जारी करने की तैयारी
मुख्य शिकायत और मांग वाहनों का नियमित चेकिंग अभियान चले और परमिट रद्द हो

इस पूरे मामले पर कड़ा रोष जताते हुए विधायक प्रतिनिधि सिराज दाउदी ने जिला प्रशासन को आड़े हाथों लिया. उन्होंने मीडिया से कहा:

"पूरे श्योपुर जिले में मासूम बच्चों की कीमती जान के साथ निजी स्कूल संचालक सरेआम खिलवाड़ कर रहे हैं और मोटी फीस वसूलने के बाद भी सुरक्षा के नाम पर शून्य हैं. क्षेत्रवासियों द्वारा कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें किए जाने के बावजूद जिला परिवहन विभाग के द्वारा इन ओवरलोड वाहनों के खिलाफ कोई ठोस दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई. हमने कई बार जिला प्रशासन के आला अधिकारियों को भी इस दिशा में सख्त कदम उठाने और औचक निरीक्षण करने की बात कही, परंतु जिला प्रशासन इस गंभीर विषय की ओर ध्यान नहीं दे रहा है. हमारी मांग है कि जिला शिक्षा अधिकारी भी इस मामले में तुरंत संज्ञान लें और गंभीरता दिखाएं, जिससे भविष्य में किसी मासूम की जान के साथ ऐसा खिलवाड़ न हो."

GVN एकेडमी स्कूल की वैन का वीडियो वायरल होने और स्थानीय नागरिकों के बढ़ते आक्रोश के बाद शिक्षा विभाग के स्थानीय अधिकारी हरकत में आए हैं. मामले की प्रशासनिक स्थिति को स्पष्ट करते हुए विजयपुर के ब्लॉक संसाधन केंद्र समन्वयक (BRCC) उमाकांत वशिष्ठ ने बताया:

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