उज्जैन में सनसनीखेज गैंगवार! रेस्टोरेंट के बाहर अंधाधुंध फायरिंग में लोकेश गोरकर की मौत, 3 घायल

उज्जैन के नीलगंगा चौराहे पर एक फूड रेस्टोरेंट के बाहर दो पक्षों में खूनी संघर्ष हो गया। अंधाधुंध फायरिंग और तलवारबाजी में लोकेश गोरकर की मौत हो गई, जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल हैं।

Jul 19, 2026 - 10:14
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उज्जैन में सनसनीखेज गैंगवार! रेस्टोरेंट के बाहर अंधाधुंध फायरिंग में लोकेश गोरकर की मौत, 3 घायल

उज्जैन। धार्मिक नगरी उज्जैन के नीलगंगा थाना क्षेत्र में शनिवार देर रात पुरानी रंजिश ने एक खूनी रूप अख्तियार कर लिया. नीलगंगा चौराहा स्थित एक फूड रेस्टोरेंट के बाहर दो पक्षों के बीच ऐसा भीषण खूनी संघर्ष हुआ कि पूरा इलाका दनादन गोलियों की गड़गड़ाहट से दहल उठा. लाठी, डंडे, तलवार और पत्थरों के खुलकर इस्तेमाल के साथ ही हमलावरों ने कई राउंड फायरिंग भी की. इस घातक हमले में लोकेश गोरकर नामक युवक की मौके पर ही गोली लगने से मौत हो गई, जबकि उसे बचाने पहुंचे उसके दो भाई जय व दिलीप समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. सभी घायलों का शहर के एक निजी अस्पताल में उपचार जारी है. वारदात की आधिकारिक पुष्टि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) गुरु प्रसाद पराशर ने की है.

एएसपी गुरु प्रसाद पराशर ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि प्राथमिक पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि गोरकर और पासी परिवार के बीच विवाद की शुरुआत करीब छह महीने पहले होली के त्योहार के दौरान एक महिला को लेकर हुए झगड़े से हुई थी. उस समय का यह विवाद दोनों परिवारों के बीच गहरी दुश्मनी में बदल गया. महीनों से अंदर ही अंदर सुलग रही यह रंजिश शनिवार रात अचानक खूनी संघर्ष में तब्दील हो गई. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कुछ संदिग्धों को हिरासत में ले लिया है और मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें रवाना कर दी गई हैं. घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी (CCTV) फुटेज और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर बारीकी से जांच की जा रही है.

प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय दुकानदारों के अनुसार, शनिवार रात करीब 11 बजे हथियारों से लैस हमलावरों ने लोकेश गोरकर को फूड रेस्टोरेंट के ठीक बाहर घेर लिया था. पहले तो दोनों पक्षों के बीच तीखी कहासुनी हुई, लेकिन देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि हमलावरों ने अंधाधुंध फायरिंग और लाठी-डंडों से हमला शुरू कर दिया.

इसी बीच एक गोली सीधे लोकेश को जा लगी और वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा. आरोप है कि जब उसे तड़पता देख बचाने के लिए उसके भाई जय और दिलीप आगे बढ़े, तो हमलावरों ने उन पर भी तलवारों और लाठी-डंडों से जानलेवा हमला कर दिया. पूरी सड़क पर चीख-पुकार मच गई, दहशत के मारे आसपास की दुकानें धड़ाधड़ बंद हो गईं और हमलावर इस खूनी वारदात को अंजाम देकर आसानी से मौके से फरार हो गए.

इस हिंसक झड़प में प्रभावित हुए लोगों और उनकी वर्तमान स्थिति का विवरण नीचे दी गई तालिका में दिया गया है:

प्रभावित व्यक्ति का नाम पीड़ित का संबंध हमले का प्रकार वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति
लोकेश गोरकर मुख्य लक्षित युवक बंदूक की गोली लगना मौके पर ही दुखद मौत (शव पोस्टमार्टम में).
जय गोरकर मृतक का भाई तलवार व लाठी-डंडों का वार गंभीर रूप से घायल, निजी अस्पताल में भर्ती.
दिलीप गोरकर मृतक का भाई धारदार हथियारों से हमला गंभीर चोटें, डॉक्टरों की निगरानी में इलाज जारी.
तीसरा अन्य युवक सहयोगी/बचावकर्ता लाठी और पत्थरों की चोट खतरे से बाहर, अस्पताल में उपचार जारी.

गोलीकांड की सनसनीखेज सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल के साथ आला अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और सुरक्षा के लिहाज से पूरे क्षेत्र को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया. पुलिस ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा. वहीं, फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम ने भी देर रात ही घटनास्थल पर पहुंचकर गोलियों के खोखे, खून के नमूने और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए.

बहरहाल, होली पर शुरू हुआ एक मामूली महिला संबंधी विवाद आखिर इतने बड़े खूनी गोलीकांड तक कैसे पहुंच गया, यह जांच का विषय है. लेकिन उज्जैन जैसे प्रमुख शहर के बीचों-बीच खुलेआम कई राउंड फायरिंग होना स्थानीय कानून-व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रहा है. फिलहाल, नीलगंगा क्षेत्र में कानून व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए एहतियातन अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है.

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