अभिव्यक्ति की आजादी पर बनी शॉर्ट फिल्म को मिला ब्रॉन्ज मेडल, सागर में जश्न
डॉ. हरीसिंह गौर सेंट्रल यूनिवर्सिटी, सागर के पत्रकारिता छात्रों द्वारा केवल मोबाइल से बनाई गई शॉर्ट फिल्म 'सच की कीमत' को राष्ट्रीय स्मार्टफोन शॉर्ट फिल्म प्रतियोगिता 2026 में ब्रॉन्ज रैंक मिली है।
सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले में स्थित डॉ. हरीसिंह गौर सेंट्रल यूनिवर्सिटी (सागर यूनिवर्सिटी) के विद्यार्थियों की एक अद्भुत कलाकृति इन दिनों राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी हुई है. विश्वविद्यालय के प्रतिभावान छात्रों द्वारा अभिव्यक्ति की आजादी जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण विषय पर बनाई गई एक शॉर्ट फिल्म को राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा गया है. इस पूरी फिल्म की सबसे खास बात यह है कि इसे किसी महंगे कैमरे के बजाय पूरी तरह से एक सामान्य मोबाइल फोन से तैयार किया गया है. फिल्म की स्क्रिप्टिंग, शूटिंग से लेकर अंतिम एडिटिंग तक का सारा काम सिर्फ और सिर्फ मोबाइल पर ही निपटाया गया था.
🎬 1. पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के स्टूडेंट्स का कमाल: 'सच की कीमत' को मिली ब्रॉन्ज रैंक
सागर यूनिवर्सिटी के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के स्टूडेंट्स द्वारा मोबाइल फोन से बनाई गई इस चर्चित शॉर्ट फिल्म का नाम ‘सच की कीमत’ है. इसे राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित 'टॉकिंग फिल्म्स ऑनलाइन' की 6वीं एनुअल स्मार्टफोन शॉर्ट फिल्म प्रतियोगिता में प्रतिष्ठित ब्रॉन्ज रैंक (तीसरा स्थान) हासिल हुआ है.
इस उच्च स्तरीय प्रतियोगिता के परिणाम 27 जून 2026 को ऑनलाइन माध्यम से घोषित किए गए. विजेता छात्र टीम को ब्रॉन्ज रैंक मिलने के साथ ही गौरवशाली डिजिटल प्रमाण-पत्र भी प्रदान किया गया है, जिससे विश्वविद्यालय का नाम पूरे देश में रोशन हुआ है.
🌐 2. राष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगिता का आयोजन: 44 फिल्मों को पछाड़कर बनाई जगह
'टॉकिंग फिल्म्स ऑनलाइन' असल में देश-विदेश के प्रतिष्ठित शिक्षकों, विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं एवं सिनेमा प्रेमियों का एक सक्रिय ऑनलाइन समूह है. इसकी स्थापना जून 2020 में वैश्विक महामारी और लॉकडाउन के दौर में सिनेमा पर एक सार्थक संवाद, समालोचना और रचनात्मक लेखन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई थी. इस प्रतिष्ठित मंच की सह-संस्थापक गीता विश्वनाथ एवं निखिला एच हैं. यह संस्था प्रति वर्ष स्मार्टफोन के जरिए फिल्म निर्माण की विधा को प्रोत्साहित करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर इस भव्य प्रतियोगिता का सफल आयोजन करती है. इस वर्ष प्रतियोगिता में देश भर से 44 फिल्मों ने हिस्सा लिया था, जिनमें से कड़ी स्क्रूटनी के बाद 22 शॉर्ट फिल्मों को ही अंतिम प्रतियोगिता के लिए सूचीबद्ध किया गया था.
📊 3. शॉर्ट फिल्म 'सच की कीमत' 2026: एक नजर में मुख्य विवरण
इस पुरस्कृत शॉर्ट फिल्म के तकनीकी पक्षों, मुख्य विषय और इसकी निर्माण टीम का विवरण नीचे दी गई तालिका में संकलित किया गया है:
| फिल्म से जुड़े मुख्य बिंदु | आधिकारिक विवरण | टीम के मुख्य सदस्य |
| फिल्म का नाम | 'सच की कीमत' (शॉर्ट फिल्म) | कहानीकार: आशुतोष क्षत्रि एवं राधा लोधी |
| मुख्य विषय (Theme) | अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता (Freedom of Speech) | निर्देशक व संगीतकार: आशुतोष क्षत्रि |
| तकनीकी माध्यम | 100% स्मार्टफोन (शूटिंग और एडिटिंग) | मुख्य अभिनेता: धर्मेंद्र लोधी, राधा लोधी, मो. ज़ैद |
| प्रतियोगिता एवं रैंक | टॉकिंग फिल्म्स ऑनलाइन प्रतियोगिता (ब्रॉन्ज रैंक) | सहयोगी कलाकार: मोहम्मद जुबेर, रितेश कुशवाहा |
📜 4. अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता विषय पर आधारित है फिल्म: सीमित संसाधनों में दिखाया हुनर
शॉर्ट फिल्म ‘सच की कीमत’ समाज में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जैसे बेहद गंभीर और ज्वलंत सामाजिक विषय पर गहराई से चोट करती है. बेहद सीमित संसाधनों के बावजूद, केवल मोबाइल फोन के माध्यम से तैयार की गई इस फिल्म ने अपनी प्रभावी कहानी, कसी हुई पटकथा और बेहतरीन प्रस्तुति के बल पर राष्ट्रीय पटल पर अपनी एक अमिट पहचान बनाई है.
विश्वविद्यालय प्रबंधन, पत्रकारिता विभाग के विभागाध्यक्ष और प्रोफेसरों ने छात्रों की इस ऐतिहासिक सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की है और इसे विभाग के व्यावहारिक प्रशिक्षण की एक बड़ी जीत बताया है.
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