महंत रविंद्र पुरी का सिंहस्थ-2028 को लेकर बड़ा बयान: उज्जैन में क्षिप्रा स्नान के लिए संतों की बड़ी अपील
अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी ने सिंहस्थ-2028, लव जिहाद और राम मंदिर चंदा विवाद पर रखी बेबाक राय। पढ़ें पूरी खबर और संतों की बड़ी अपील।
रतलाम। श्री पंचायती श्री निरंजनी अखाड़ा के तत्वावधान में आयोजित महामंडलेश्वर पट्टाभिषेक महोत्सव के दौरान, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत 1008 रविंद्र पुरी महाराज ने कई ज्वलंत मुद्दों पर बेबाक राय रखी। उन्होंने सिंहस्थ-2028 को आस्था का महापर्व बताते हुए क्षिप्रा के जल को शुद्ध करने और उसे स्नान योग्य बनाने की पुरजोर वकालत की।
🌊 सिंहस्थ-2028: क्षिप्रा स्नान का संकल्प
महंत रविंद्र पुरी ने कहा कि 2016 के सिंहस्थ में संतों को नर्मदा के जल में स्नान करना पड़ा था, जो कि संत समाज के लिए संतोषजनक नहीं था। उन्होंने कहा, "अगले सिंहस्थ में हमें क्षिप्रा का ही जल चाहिए। मुख्यमंत्री के प्रयासों से क्षिप्रा के स्रोत खोले जा रहे हैं और 30 किलोमीटर लंबा घाट बन रहा है। मैं विश्व के सनातनियों का आह्वान करता हूँ कि वे उज्जैन आकर क्षिप्रा स्नान करें और प्रायश्चित का यह महापर्व मनाएं।" साथ ही, उन्होंने महाकाल लोक के विकास की सराहना करते हुए इसे रोजगार का बड़ा जरिया बताया।
⚖️ लव जिहाद, लैंड जिहाद और UCC पर तीखी प्रतिक्रिया
लव जिहाद को देश की बड़ी समस्या बताते हुए अखाड़ा परिषद अध्यक्ष ने कहा कि उत्तराखंड की तर्ज पर अब उज्जैन में भी सिंहस्थ से पहले अवैध निर्माणों की समीक्षा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इसे लेकर मुख्यमंत्री से चर्चा की जाएगी। वहीं, समान नागरिक संहिता (UCC) पर उन्होंने कहा कि "हम दो, हमारे दो" का सिद्धांत सभी धर्मों पर समान रूप से लागू होना चाहिए, क्योंकि समान कानून ही देशहित में है।
🚩 राम मंदिर चंदा विवाद पर बोले महंत
अयोध्या राम मंदिर में चंदा चोरी के आरोपों पर महंत रविंद्र पुरी ने संयम बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि मामले की एसआईटी (SIT) जांच जारी है। "आरोप लगना अलग बात है और दोष सिद्ध होना अलग। बिना तथ्यों के किसी को बदनाम करना उचित नहीं है। जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।"
🙏 महामंडलेश्वर पट्टाभिषेक संपन्न
इस कार्यक्रम में सैलाना के ग्राम आडवाणिया स्थित आश्रम के महंत श्री श्री 1008 आनंद गिरी महाराज का महामंडलेश्वर पद पर पट्टाभिषेक वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर डॉ. स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज, स्वामी बालकानंद गिरी महाराज सहित बड़ी संख्या में संत-विद्वान और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
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