बारिश न होने से फसलों पर मंडराया संकट, सागर के गांवों में पूजा-पाठ और प्रार्थनाओं का दौर शुरू
सागर जिले के खुरई क्षेत्र में 15 दिनों से बारिश न होने से खरीफ फसलें सूखने की कगार पर हैं। इंद्र देव को प्रसन्न करने के लिए कुमरोल गांव में महिलाएं विभिन्न मंदिरों में निरंतर भजन-कीर्तन कर बारिश की गुहार लगा रही हैं।
सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले के खुरई क्षेत्र में पिछले 15 दिनों से मानसून की बारिश का सिलसिला पूरी तरह थम सा गया है. लंबे समय से तेज धूप और बारिश न होने के कारण खेतों में खड़ी किसानों की खरीफ फसलों पर अब सूखने का गंभीर खतरा मंडराने लगा है. बारिश की इस लंबी खेंच को देखते हुए खुरई के कुमरोल गांव में अब आस्था, भजन-कीर्तन और धार्मिक प्रार्थनाओं का दौर शुरू हो चुका है. पिछले चार दिनों से लगातार गांव की महिलाएं देवराज इंद्र को प्रसन्न करने के लिए गांव के विभिन्न मंदिरों में पहुंचकर भजन-कीर्तन कर रही हैं.
बारिश न होने से चिंतित ग्रामीणों द्वारा जहां एक ओर कुलदेवताओं और स्थानीय देव स्थानों पर विशेष पूजा-अर्चना की जा रही है, वहीं दूसरी ओर कुमरोल गांव की महिलाएं पिछले चार दिनों से रोजाना सुबह-शाम एकत्रित होकर अलग-अलग मंदिरों में भजन-कीर्तन के माध्यम से भगवान से बारिश की गुहार लगा रही हैं. गांव की वरिष्ठ महिलाओं भग्गो बाई, रामदुलारी सिंह और कुसुम रानी ने बताया कि लगभग 15 दिनों से एक बूंद पानी न बरसने के कारण इंसानों के साथ-साथ मवेशी भी भीषण गर्मी से हलाकान हैं और फसलें मुरझा रही हैं.
बारिश की आस में गांव की महिलाओं ने इंद्र देव को मनाने के लिए एक योजनाबद्ध धार्मिक अनुष्ठान शुरू किया है. सबसे पहले चार दिन पूर्व राधा-कृष्ण मंदिर में संगीतमय भजन-कीर्तन किया गया. इसके बाद गांव के देवी मंदिर और बीच दरवाजे पर विराजमान हरसिद्धि मैया के मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की गई. वर्तमान में हनुमान मंदिर परिसर में चौपाई और भजनों के जरिए भगवान से जल बरसाने की प्रार्थना की जा रही है. महिलाओं का संकल्प है कि जब तक गांव में झमाझम बारिश नहीं हो जाती, तब तक वे प्रतिदिन इसी तरह हर मंदिर की चौखट पर जाकर कीर्तन करेंगी.
क्षेत्र में बारिश की स्थिति और ग्रामीणों के प्रयासों का विवरण नीचे दी गई तालिका में देखा जा सकता है:
| मुख्य विषय / प्रसंग | वर्तमान स्थिति व विवरण |
| सूखे की अवधि | पिछले 15 दिनों से बारिश पूरी तरह बंद |
| प्रभावित क्षेत्र | कुमरोल गांव, तहसील खुरई (जिला सागर, MP) |
| धार्मिक अनुष्ठान | महिलाओं द्वारा 4 दिनों से अनवरत मंदिरों में भजन-कीर्तन |
| प्रमुख मंदिर स्थान | राधा-कृष्ण मंदिर, देवी मंदिर, हरसिद्धि मैया मंदिर व हनुमान मंदिर |
| मुख्य चिंता | फसलों का सूखना, कड़ाके की गर्मी और भूजल स्तर गिरना |
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