मप्र में 17% कम बारिश के बीच बदला मौसम, 20 से अधिक जिलों में भारी बारिश की चेतावनी; किसानों के खिले चेहरे
मध्य प्रदेश में लंबे इंतजार के बाद राहत की मूसलाधार बारिश शुरू हो गई है। मौसम विभाग ने पूर्वी मप्र के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। प्रदेश में अब तक औसतन 10.5 इंच बारिश दर्ज हुई है, जो सामान्य से 17% कम है।
भोपाल। मध्य प्रदेश में लंबे इंतजार और सूखे के बढ़ते संकट के बीच आखिरकार मानसून ने राहत की फुहारों के साथ जोरदार वापसी की है. सोमवार को पूर्वी मध्य प्रदेश से शुरू हुआ बारिश का मूसलाधार दौर आज मंगलवार को भी लगातार जारी है. मौसम विज्ञान केंद्र (IMD Bhopal) ने मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों के लिए भारी से अत्यधिक भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि पश्चिमी हिस्सों में गरज-चमक और तूफानी हवाओं के साथ बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है.
मध्य प्रदेश में सोमवार सुबह से ही बादल मेहरबान रहे. राजधानी भोपाल, सीहोर, रायसेन और जबलपुर के साथ-साथ अनूपपुर, बालाघाट, भिंड, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, ग्वालियर, मंडला, मुरैना, पन्ना, सागर, सिवनी, शहडोल, सीधी और उमरिया जिलों में तेज तूफानी हवाओं के साथ मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई.
मध्य प्रदेश के पूर्वी और मध्य हिस्सों में सोमवार सुबह से रुक-रुककर हो रही बारिश ने आम जनता को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है. लगातार बारिश और बादलों के डेरे के कारण दिन के अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे पिछले कई दिनों से जारी उमस और बेचैनी से लोगों को राहत मिली है.
प्रदेश में चालू मानसून सीजन के दौरान अब तक हुई बारिश की स्थिति का ब्योरा नीचे दी गई तालिका में देखा जा सकता है:
| विवरण / मापदंड | आधिकारिक आंकड़ा व वर्तमान स्थिति |
| प्रदेश में अब तक हुई कुल औसत बारिश | 10.5 इंच |
| इस अवधि तक सामान्य बारिश का आंकड़ा | 13.0 इंच |
| प्रदेश में बारिश की कुल कमी (Deficit) | सामान्य से 17 प्रतिशत कम |
| वर्तमान चेतावनी स्थिति | पूर्वी मप्र (ऑरेंज अलर्ट) | पश्चिमी मप्र (येलो अलर्ट) |
मौसम विभाग के अनुसार अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, भिंड, मुरैना और टीकमगढ़ जिलों में गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है. इसके अलावा सतना, शहडोल, उमरिया, डिंडौरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, दमोह, सागर, मैहर, सीधी और रीवा जिलों में भी हल्की से मध्यम वर्षा का दौर जारी रहने के आसार हैं.
बोवनी के बाद लंबे समय से तेज बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के लिए यह बारिश जीवनदायिनी साबित हो रही है. सूखे की मार झेल रही सोयाबीन, मक्का और धान की फसलों को इस बारिश से नया जीवन मिला है. हालांकि, बारिश का मुख्य असर मध्य प्रदेश के पूर्वी और मध्य अंचलों में अधिक देखने को मिला है, जबकि मालवा-निवाड़ (पश्चिमी हिस्सों) में अभी भी तेज और लगातार बारिश की दरकार बनी हुई है.
पूर्वी मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में मंगलवार सुबह से बारिश का सिलसिला अनवरत जारी है. वहीं भोपाल, सीहोर और रायसेन समेत कई शहरों में देर रात से ही रिमझिम और तेज बारिश हो रही है.
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