भितरवार की युवती से अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म; थाने में सुनवाई न होने पर पहुंची SP दफ्तर
ग्वालियर के भितरवार की युवती ने पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर 4 युवकों पर घर में घुसकर अपहरण, बंदूक की नोक पर परिजनों को धमकाने और गैंगरेप का आरोप लगाया है। थाने में सुनवाई न होने पर एसपी से गुहार लगाई गई है।
ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के भितरवार थाना क्षेत्र की एक पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय पहुंचकर शिकायती आवेदन सौंपा है. युवती ने चार युवकों पर देर रात घर में घुसकर अपहरण करने और बंदूक की नोक पर सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) की गंभीर वारदात को अंजाम देने का आरोप लगाया है. पीड़िता का आरोप है कि स्थानीय भितरवार थाना पुलिस ने आरोपियों पर कार्रवाई करने के बजाय उल्टा उसे ही डरा-धमकाकर भगा दिया, जिसके बाद उसे न्याय के लिए जिला मुख्यालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा.
पीड़िता द्वारा दिए गए शिकायती आवेदन के अनुसार, घटना 9 मई 2026 की रात की है. उस समय उसके पिता किसी काम से घर से बाहर गए हुए थे. इसी का फायदा उठाकर चार आरोपी जबरन उसके घर में घुस आए.
आरोपियों में से एक ने बंदूक (कट्टा) दिखाकर पीड़िता की मां और छोटे भाई को जान से मारने की धमकी देकर एक कमरे में बंद कर दिया, जबकि अन्य तीन आरोपी युवती को जबरन उठाकर सुनसान जगह पर ले गए. पीड़िता का आरोप है कि वहां दो आरोपियों ने उसके साथ दुष्कर्म किया, जबकि अन्य बाहर पहरा देते रहे.
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने पीड़िता का अश्लील वीडियो भी बना लिया और इसे सोशल मीडिया पर वायरल करने तथा मुंह खोलने पर पूरे परिवार को खत्म करने की धमकी दी.
गंभीर मानसिक तनाव और लोक-लाज के डर से पीड़िता ने घर पहुंचकर जहरीला पदार्थ गटक लिया, जिसके बाद परिजनों ने उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया. पीड़िता को दो दिनों तक अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझना पड़ा.
मामले से जुड़ी मुख्य जानकारियों और आरोपों का ब्योरा नीचे दी गई तालिका में देखा जा सकता है:
| विवरण / मापदंड | पीड़िता द्वारा लगाए गए आरोप व स्थिति |
| घटनास्थल | भितरवार थाना क्षेत्र, ग्वालियर (मप्र) |
| घटना की तिथि | 9 मई 2026 की रात |
| मुख्य आरोप | घर में घुसकर अपहरण, बंदूक की नोक पर गैंगरेप व वीडियो बनाना |
| स्थानीय पुलिस पर आरोप | एफआईआर दर्ज न करना और मेडिकल दस्तावेज अपने पास रखना |
| वर्तमान स्थिति | एसपी के निर्देश पर शिकायत महिला थाने भेजी गई (जांच जारी) |
पीड़िता का आरोप है कि अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद जब वह अपनी शिकायत लेकर भितरवार थाने पहुंची, तो पुलिसकर्मियों ने उसकी एफआईआर दर्ज नहीं की. उल्टा उसके इलाज से संबंधित अस्पताल के दस्तावेज अपने पास रख लिए और उस पर आत्महत्या के प्रयास का मामला दर्ज करने की धमकी देकर चुप रहने का दबाव बनाया.
स्थानीय पुलिस से न्याय न मिलने पर पीड़िता ने ग्वालियर एसपी से गुहार लगाई है. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उच्च अधिकारियों का कहना है कि शिकायती आवेदन को महिला थाने स्थानांतरित कर दिया गया है. मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.
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