स्कूलों और पंचायतों के पास शुद्ध पानी का बड़ा प्रोजेक्ट! ₹10 में 15 लीटर RO पानी देगी जबलपुर पंचायत
जबलपुर जिला पंचायत की नई पहल! जिले की 521 ग्राम पंचायतों में चरणबद्ध तरीके से RO प्लांट लगाए जाएंगे। ग्रामीणों को ₹1 में 1 लीटर और ₹10 में 15 लीटर शुद्ध पेयजल मिलेगा। पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत बरेला के सालीवाड़ा से होगी।
जबलपुर। ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिकों को स्वच्छ, सुरक्षित और किफायती पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में जिला पंचायत जबलपुर एक बड़ी और ऐतिहासिक पहल करने जा रही है. योजना के तहत जिले की सभी 521 ग्राम पंचायतों में चरणबद्ध तरीके से रिवर्स ऑस्मोसिस (RO) आधारित शुद्ध पेयजल प्लांट स्थापित किए जाएंगे. इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण अंचलों में दूषित पानी से फैलने वाली घातक जलजनित बीमारियों पर प्रभावी रोक लगाना है.
इस जन-कल्याणकारी योजना के अंतर्गत ग्राम पंचायत भवन, शासकीय स्कूलों या अन्य प्रमुख सार्वजनिक स्थानों के समीप RO प्लांट स्थापित किए जाएंगे. इस महत्वाकांक्षी योजना के पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत बरेला विकासखंड के सालीवाड़ा गांव से की जा रही है.
योजना के तहत ग्रामीणों को मात्र ₹1 में 1 लीटर तथा ₹10 में 15 लीटर शुद्ध और मिनरल RO पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा. इससे ग्रामीणों को दूर-दराज के जल स्रोतों से पानी ढोने की मजबूरी से मुक्ति मिलेगी और उनके घर के पास ही गुणवत्तापूर्ण पानी मिल सकेगा.
प्रत्येक RO प्लांट का नियमित संचालन और रखरखाव स्थानीय स्तर पर निर्धारित सामुदायिक व्यवस्था के माध्यम से किया जाएगा, ताकि मशीनें सुचारू रूप से कार्य करती रहें.
योजना का मुख्य उद्देश्य:
योजना का लक्ष्य केवल पानी बेचना नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में टिकाऊ और सुरक्षित पेयजल की स्थायी व्यवस्था खड़ी करना है. स्कूलों के आसपास प्लांट लगने से विद्यार्थियों को भी दोपहर में शुद्ध पेयजल उपलब्ध होगा, जिससे बीमारियों के कारण पढ़ाई में होने वाले नुकसान से बचा जा सकेगा.
योजना से जुड़ी प्रमुख जानकारियों और व्यवस्थाओं का ब्योरा नीचे दी गई तालिका में देखा जा सकता है:
| विवरण / मापदंड | आधिकारिक योजना व व्यवस्था का ब्योरा |
| कुल लक्षित ग्राम पंचायतें | जबलपुर जिले की सभी 521 ग्राम पंचायतें (7 विकासखंड) |
| पायलट प्रोजेक्ट का केंद्र | ग्राम सालीवाड़ा (विकासखंड: बरेला) |
| पेजल की निर्धारित दरें | ₹1 में 1 लीटर / ₹10 में 15 लीटर शुद्ध RO जल |
| स्थापना स्थल | पंचायत भवन, शासकीय स्कूल व सार्वजनिक स्थल |
| मुख्य लक्ष्य | डायरिया, टाइफाइड, पीलिया व फ्लोराइड का प्रभाव खत्म करना |
ग्रामीण इलाकों में आज भी कई स्थानों पर लोग हैंडपंपों, कुओं और खुले जल स्रोतों पर निर्भर हैं. अक्सर इन स्रोतों का पानी बैक्टीरिया, फ्लोराइड, नाइट्रेट या भारी आयरन की अशुद्धियों से प्रभावित होता है, जिससे डायरिया, टाइफाइड, पीलिया और पेट की गंभीर बीमारियां फैलती हैं.
RO प्लांट लगने से कम कीमत में शुद्ध पानी उपलब्ध होगा, जिससे इलाज पर होने वाला अवांछित खर्च बचेगा. साथ ही पानी लाने में व्यतीत होने वाला महिलाओं का कीमती समय और श्रम भी बचेगा. इसका सीधा फायदा जिले के सातों विकासखंडों की 521 ग्राम पंचायतों के लाखों निवासियों को मिलेगा.
योजना को एक साथ लागू करने के बजाय चरणबद्ध (Phased Manner) तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा. सबसे पहले चयनित गांवों में पायलट प्रोजेक्ट के तहत प्लांट लगाकर पानी की गुणवत्ता, संचालन प्रक्रिया, मशीनों के रखरखाव और ग्रामीणों की प्रतिक्रिया का व्यावहारिक मूल्यांकन होगा. यदि पायलट प्रोजेक्ट के परिणाम सकारात्मक रहते हैं, तो इसी मॉडल पर पूरे जिले की शेष पंचायतों में RO प्लांट स्थापित कर दिए जाएंगे.
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)