एमपी में 10 साल बाद शुरू हुए प्रमोशन में उलझा पेच; 12 मेरिट अंकों के नियम से कर्मचारी परेशान

मध्य प्रदेश में 10 साल बाद शुरू हुई पदोन्नति प्रक्रिया में 12 मेरिट अंक और अर्हतादायी सेवा अवधि के नियम कर्मचारियों के लिए अड़चन बन रहे हैं। जानें पूरी खबर।

Sep 18, 2026 - 21:27
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एमपी में 10 साल बाद शुरू हुए प्रमोशन में उलझा पेच; 12 मेरिट अंकों के नियम से कर्मचारी परेशान

भोपाल। मध्य प्रदेश में लगभग 10 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रमोशन (पदोन्नति) का लाभ मिलना शुरू हो गया है। प्रदेश में लगभग ढाई लाख कर्मचारी लंबे समय से पदोन्नति की आस लगाए बैठे थे, जिनमें से अब तक करीब 1 लाख कर्मचारियों को प्रमोशन मिल चुका है। हालांकि, 'पदोन्नति नियम 2025' के दो सख्त नियम प्रदेश के द्वितीय और तृतीय श्रेणी कर्मचारियों की पदोन्नति की राह में बड़ी बाधा बनकर सामने आ रहे हैं, जिससे कई विभागों में प्रक्रिया अटक गई है।

📊 '12 मेरिट अंकों के नियम ने बिगड़ा प्रमोशन का गणित': कर्मचारी संगठनों ने उठाई 10 अंक रखने की मांग

मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि तृतीय श्रेणी (Class 3) से द्वितीय श्रेणी (Class 2) में पदोन्नति के लिए मेरिट अंकों की नई बाध्यता से कर्मचारी परेशान हैं।

उन्होंने बताया, "पहले क्लास-3 से क्लास-2 में प्रमोशन के लिए 10 अंकों की मेरिट देखी जाती थी और संबंधित अधिकारी 10 अंक दे देते थे। लेकिन 'पदोन्नति नियम 2025' में इस मेरिट को बढ़ाकर 12 अंक कर दिया गया है। जिन कर्मचारियों के 12 अंक नहीं बन पा रहे हैं, उनका प्रमोशन अटक रहा है। कर्मचारी संगठन ने सरकार से मांग की है कि आगामी 2 से 3 प्रमोशन चक्रों के लिए पुराने 10 मेरिट अंकों का नियम ही मान्य किया जाए।"

⏳ क्लास-2 अधिकारियों को अर्हतादायी सेवा अवधि में छूट की मांग: उच्च पदों के खाली रहने से निचले स्तर पर भी असर

कर्मचारी संगठनों ने सरकार से अर्हतादायी सेवा अवधि (Qualifying Service Period) के नियमों में भी ढील देने का अनुरोध किया है। वर्तमान नियमानुसार क्लास-2 से क्लास-1 अधिकारी के पद पर प्रमोशन के लिए कम से कम 5 वर्ष की अनिवार्य सेवा अवधि पूरी होना आवश्यक है।

संघ का कहना है कि पिछले 10 सालों से प्रमोशन न होने के कारण क्लास-2 स्तर के कई बड़े पद खाली पड़े हैं। अर्हतादायी सेवा अवधि पूरी न होने से कई योग्य अधिकारियों का प्रमोशन क्लास-1 में नहीं हो पा रहा है। जब तक उच्च स्तर के पद नहीं भरेंगे, तब तक निचले स्तर के कर्मचारियों का प्रमोशन भी संभव नहीं हो सकेगा।

📝 CPCT परीक्षा की अनिवार्यता से जल्द मिलेगी राहत: सामान्य प्रशासन विभाग जल्द जारी करेगा आदेश

चतुर्थ श्रेणी (Class 4) के कर्मचारियों को तृतीय श्रेणी (Class 3) में प्रमोट करने के लिए मार्ग में बाधा बनी सीपीसीटी (CPCT) परीक्षा की अनिवार्यता को जल्द ही समाप्त या शिथिल किया जा रहा है।

सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) इसका औपचारिक आदेश जल्द जारी करने की तैयारी में है। हाल ही में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस समस्या को ध्यान में रखते हुए CPCT की अनिवार्यता में राहत देने का बड़ा ऐलान किया था, जिससे हजारों चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के प्रमोशन का रास्ता साफ हो जाएगा।

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