चंडीगढ़ की विरासत नीलामी से हटी! यूटी प्रशासन की पहल के बाद स्पेन में भारतीय दूतावास का एक्शन
स्पेन के बार्सिलोना में 22 जुलाई को होने वाली चंडीगढ़ की विरासत से जुड़े ऐतिहासिक फर्नीचर की नीलामी रोक दी गई है। विदेश मंत्रालय और यूटी प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद इसे नीलामी सूची से हटा दिया गया है।
चंडीगढ़। स्पेन के बार्सिलोना शहर में 22 जुलाई को होने वाली चंडीगढ़ की सांस्कृतिक और वास्तुकला विरासत से जुड़े ऐतिहासिक फर्नीचर की अंतर्राष्ट्रीय नीलामी को फिलहाल सफलतापूर्वक रोक दिया गया है. भारत सरकार, विदेश मंत्रालय (MEA) और चंडीगढ़ यूटी (UT) प्रशासन की त्वरित संयुक्त कार्रवाई के बाद संबंधित फर्नीचर को नीलामी सूची से पूरी तरह हटा दिया गया है. प्रशासन ने इसे शहर की अमूल्य धरोहरों की सुरक्षा की दिशा में एक बड़ी कूटनीतिक सफलता करार दिया है.
चंडीगढ़ प्रशासन के अनुसार, जैसे ही विदेश में हेरिटेज फर्नीचर की नीलामी का मामला संज्ञान में आया, यूटी प्रशासक गुलाब चंद कटारिया के स्पष्ट निर्देशों पर प्रशासनिक मशीनरी सक्रिय हो गई.
मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद की सीधी निगरानी में संस्कृति सचिव डॉ. सैयद आबिद रशीद शाह ने भारत के विदेश मंत्रालय से संपर्क साधकर तत्काल प्रभाव से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया. प्रशासन ने स्पष्ट किया कि समय रहते कदम उठाए जाने से इस ऐतिहासिक संपत्ति की अवैध बिक्री को रोकने में मदद मिली.
चंडीगढ़ प्रशासन के आग्रह पर विदेश मंत्रालय ने त्वरित संज्ञान लेते हुए स्पेन स्थित भारतीय दूतावास (Indian Embassy in Spain) के माध्यम से स्पेन की नीलामी एजेंसी के समक्ष आधिकारिक रूप से मामला उठाया.
भारतीय दूतावास की मजबूत कूटनीतिक पहल और कानूनी आपत्तियों के बाद नीलामी आयोजकों को इस फर्नीचर को नीलामी सूची से बाहर करने के लिए विवश होना पड़ा, जिससे अंतर्राष्ट्रीय बाजार में इसकी बिक्री फिलहाल टल गई है.
मामले से जुड़ी मुख्य जानकारियों और प्रशासनिक कार्रवाई का विवरण नीचे दी गई तालिका में देखा जा सकता है:
| विवरण / मापदंड | आधिकारिक जानकारी व स्थिति |
| नीलामी का स्थान व तिथि | बार्सिलोना (स्पेन), 22 जुलाई 2026 |
| संबंधित संपत्ति | चंडीगढ़ की संस्थागत व आधुनिक वास्तुकला का ऐतिहासिक फर्नीचर |
| प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी | प्रशासक गुलाब चंद कटारिया, मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद |
| मध्यस्थ संस्थाएं | विदेश मंत्रालय (MEA) एवं भारतीय दूतावास (स्पेन) |
| वर्तमान स्थिति | नीलामी सूची से हटाया गया; भारत वापसी हेतु कानूनी प्रयास जारी |
चंडीगढ़ प्रशासन का कहना है कि यह फर्नीचर शहर की संस्थागत और आधुनिक वास्तुकला (Modern Architecture) का एक अभिन्न हिस्सा है. इस फर्नीचर के मूल स्रोत, वर्तमान स्वामित्व और इसे भारत से बाहर ले जाने की कानूनी वैधता पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं.
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फर्नीचर के स्वामित्व की पुष्टि करने, पूरे मामले की कानूनी जांच कराने और इस हेरिटेज संपत्ति को वापस भारत लाने के लिए आवश्यक कानूनी, प्रशासनिक और कूटनीतिक प्रयास लगातार जारी रहेंगे.
चंडीगढ़ यूटी प्रशासन ने विदेश मंत्रालय, स्पेन स्थित भारतीय दूतावास तथा इस पूरे अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सभी अधिकारियों व संस्थाओं का आभार व्यक्त किया है.
प्रशासनिक अधिकारियों ने दोहराया कि शहर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में भी ऐसे मामलों में देश या विदेश स्तर पर तुरंत सख्त कदम उठाए जाएंगे.
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