चंडीगढ़ में यूटी प्रशासन के खिलाफ कर्मचारियों का हल्लाबोल; लेबर कोड के विरोध में फूंका पुतला
चंडीगढ़ में यूटी प्रशासन के खिलाफ कर्मचारियों ने सेक्टर-16 में जोरदार प्रदर्शन कर पुतला फूंका। चार लेबर कोड के विरोध और 'समान काम के लिए समान वेतन' की मांग को लेकर 28 जुलाई को फिर से बड़े आंदोलन का ऐलान किया गया है।
चंडीगढ़। चंडीगढ़ में यूटी (UT) प्रशासन के खिलाफ विभिन्न विभागों के कर्मचारियों का आक्रोश लगातार गहराता जा रहा है. शुक्रवार को 'कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ गवर्नमेंट एंड एमसी एम्प्लॉईज एंड वर्कर्स, यूटी चंडीगढ़' के संयुक्त बैनर तले कई विभागों के कर्मचारियों ने सेक्टर-16 स्थित मेंटेनेंस बूथ के समीप विशाल विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान कर्मचारियों ने प्रशासन की कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और पुतला फूंका. इस उग्र प्रदर्शन में बिजली, जलापूर्ति (पानी) और सिविल विभाग सहित कई अन्य सेवाओं के कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल हुए.
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारी नेताओं ने केंद्र सरकार द्वारा लाए गए चार नए लेबर कोड का कड़ा विरोध किया. नेताओं का कहना था कि इन नए कानूनों में श्रमिक विरोधी कई प्रावधान शामिल हैं, जिन्हें तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाना चाहिए.
इसके साथ ही लंबे समय से सेवाएं दे रहे आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए 'समान काम के लिए समान वेतन' का सिद्धांत लागू करने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया. कर्मचारियों ने मांग की कि आउटसोर्स वर्करों के लिए एक सुरक्षित सेवा नीति (Secure Service Policy) बनाई जाए और उन्हें नियमित कर्मचारियों के समान ही सभी प्रशासनिक सुविधाएं प्रदान की जाएं.
कोऑर्डिनेशन कमेटी ने प्रशासन के समक्ष अपनी मांगों का एक विस्तृत चार्टर रखा, जिसमें प्रमुख रूप से निम्नलिखित मुद्दे शामिल हैं:
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वेतन एवं बोनस: 'पेमेंट ऑफ बोनस एक्ट' तुरंत लागू किया जाए और सभी कर्मचारियों का वेतन हर महीने की 7 तारीख तक अनिवार्य रूप से जारी हो.
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डेली वेज कर्मचारी: वर्षों से कार्यरत डेली वेज कर्मचारियों को 13.3.15 नीति के तहत सभी देय लाभ प्रदान किए जाएं.
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रिक्त पद व मानदेय: विभिन्न विभागों में पड़े खाली पदों को शीघ्र भरा जाए, सुरक्षा गार्डों की सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ाकर 65 वर्ष की जाए तथा मिड-डे मील वर्करों का मानदेय बढ़ाकर डीसी रेट (DC Rate) के अनुसार तय किया जाए.
कर्मचारी संगठन द्वारा उठाई गई मुख्य मांगों और प्रदर्शन की रूपरेखा का ब्योरा नीचे दी गई तालिका में देखा जा सकता है:
| विवरण / मापदंड | आधिकारिक मांगें व आंदोलन का ब्योरा |
| आयोजक संगठन | कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ गवर्नमेंट एंड एमसी एम्प्लॉईज एंड वर्कर्स |
| प्रदर्शन स्थल | सेक्टर-16, मेंटेनेंस बूथ के पास (चंडीगढ़) |
| मुख्य मुद्दे | 4 लेबर कोड निरस्त करना, आउटसोर्स वर्करों को समान वेतन |
| वित्तीय मांगें | बोनस एक्ट लागू करना, 7 तारीख तक वेतन, मिड-डे मील वर्करों को DC रेट |
| अन्य प्रमुख मांगें | सुरक्षा गार्डों की रिटायरमेंट उम्र 65 वर्ष, खाली पदों पर भर्ती |
| अगला कदम | मांगों पर विचार न होने पर 28 जुलाई को पुनः पुतला दहन |
कोऑर्डिनेशन कमेटी के महासचिव राकेश कुमार ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा, "प्रशासन जल्द से जल्द कर्मचारी प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर इन लंबित मांगों का समाधान निकाले. यदि समय रहते समस्याओं को हल नहीं किया गया, तो यह आंदोलन और उग्र रूप धारण करेगा."
वहीं, कमेटी के प्रधान सतविंदर सिंह ने स्पष्ट किया कि यदि आउटसोर्स कर्मचारियों के हक में फैसला नहीं लिया गया, तो 28 जुलाई को फिर से पुतला दहन प्रदर्शन किया जाएगा.
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