कुत्तों के डर से अस्पताल में घुसा चीतल! डॉक्टर के रूम में मची अफरा-तफरी; वन विभाग ने किया रेस्क्यू
दमोह के तेंदूखेड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कुत्तों के हमले से बचकर एक नर चीतल डॉक्टर के कक्ष में घुस गया। स्वास्थ्य कर्मियों और वन विभाग की सूझबूझ से चीतल का सुरक्षित रेस्क्यू कर उसे जंगल में छोड़ा गया।
दमोह। मध्य प्रदेश के दमोह जिले अंतर्गत तेंदूखेड़ा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बुधवार को उस समय अफरा-तफरी और कौतूहल का माहौल बन गया, जब कुत्तों के हमले से अपनी जान बचाकर भाग रहा एक नर चीतल सीधे अस्पताल के अंदर डॉक्टर के कक्ष में जा घुसा. अचानक अस्पताल परिसर में चीतल को देखकर वहां मौजूद मरीज और स्वास्थ्य कर्मी अचंभित रह गए.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, समीपवर्ती पहाड़ी क्षेत्र से विचरण करता हुआ एक नर चीतल तेंदूखेड़ा के समीप खेतों की ओर आ गया था. इसी दौरान गांव के पालतू कुत्तों की नजर उस पर पड़ गई और उन्होंने चीतल का पीछा करना शुरू कर दिया. कुत्तों के हमले से खुद को बचाते हुए चीतल तेज गति से नगर की ओर भागा और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पिछले हिस्से से सीधे डॉक्टर के कमरे में जा घुसा.
🚪 2. स्वास्थ्य कर्मियों की सूझबूझ: कमरा किया बंद, वन विभाग को दी सूचना
घटना की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य कर्मियों ने तत्परता और सूझबूझ दिखाई. उन्होंने तुरंत कमरे का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया, जिससे चीतल सुरक्षित अंदर ही रुक गया और अस्पताल में मौजूद मरीजों में भगदड़ जैसी स्थिति नहीं बनी. इसके तत्काल बाद स्वास्थ्य कर्मियों ने वन विभाग की टीम को घटना की जानकारी दी.
📊 3. तेंदूखेड़ा अस्पताल चीतल रेस्क्यू मामला: मुख्य विवरण एक नजर में
घटनाक्रम और वन विभाग के रेस्क्यू ऑपरेशन का विवरण नीचे दी गई तालिका में समझा जा सकता है:
| विवरण / मापदंड | आधिकारिक जानकारी व स्थिति |
| घटनास्थल | सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (तेंदूखेड़ा, जिला दमोह) |
| वन्यजीव | नर चीतल (Spotted Deer) |
| वजह | आवारा व पालतू कुत्तों के हमले से बचाव |
| रेस्क्यू टीम | वन विभाग तेंदूखेड़ा (प्रभारी डिप्टी रेंजर के नेतृत्व में) |
| वर्तमान स्थिति | प्राथमिक उपचार के पश्चात सुरक्षित जंगल में छोड़ा गया |
🚑 4. प्राथमिक उपचार के बाद चीतल को सुरक्षित जंगल में छोड़ा गया
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कर चीतल को अपने संरक्षण में लिया.
प्रभारी डिप्टी रेंजर का आधिकारिक वक्तव्य:
"कुत्तों द्वारा पीछा करने और भागने के दौरान नर चीतल के मुंह में हल्की चोटें आई थीं. अस्पताल परिसर में ही पशु चिकित्सक की मदद से उसका प्राथमिक उपचार कराया गया. इसके पश्चात चीतल को पूरी तरह स्वस्थ पाकर वापस उसके प्राकृतिक आवास (जंगल) में सुरक्षित रूप से छोड़ दिया गया है."
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