'छात्र क्या कीड़े हैं?'; विजयवर्गीय के घर बाहर धरने पहुंचे दंपती पुलिस हिरासत में
इंदौर में नीट परीक्षा धांधली और छात्र आंदोलन के समर्थन में कैलाश विजयवर्गीय के निवास पर धरना देने पहुंचे पांडे दंपती को पुलिस ने हिरासत में लिया। भंवरकुआं में दिग्विजय सिंह भी छात्रों के बीच पहुंचे।
इंदौर। दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी छात्र आंदोलन के समर्थन में इंदौर में भी विरोध के सुर तेज हो गए हैं. इंदौर के प्रहलाद पांडे और उनकी पत्नी ने बुधवार को पहले बीजेपी सांसद शंकर लालवानी के घर के बाहर प्रदर्शन किया, जिसके बाद वे प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के नंदा नगर स्थित निवास पर धरना देने पहुंचे. पुलिस ने इलाके में सुरक्षा कड़ी करते हुए दंपती को बिना अनुमति प्रदर्शन करने के प्रयास में हिरासत में ले लिया.
पांडे दंपती ने बुधवार दोपहर लगभग 1:00 बजे कैलाश विजयवर्गीय के नंदा नगर स्थित निवास के बाहर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया था. प्रहलाद पांडे और उनकी पत्नी हाथ में भारत के संविधान की प्रति लेकर पहुंचे और गेट के समक्ष बैठकर धरना देने की कोशिश की.
विरोध प्रदर्शन की पूर्व आशंका को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने मंत्री के आवास को छावनी में बदल दिया था. मौके पर मौजूद भारी पुलिस बल ने दंपती को धरना देने की अनुमति नहीं दी और उन्हें तुरंत हिरासत में ले लिया.
हिरासत में लिए जाने से पूर्व मीडिया से बातचीत करते हुए पांडे दंपती ने कहा कि विधानसभा सत्र के दौरान मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा नीट (NEET) घोटाला मामले को प्रदेश का विषय न बताना, आंदोलन को 'प्रायोजित' कहना और छात्रों के संदर्भ में कथित तौर पर अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करना युवाओं और अभिभावकों को आहत कर गया है.
इंदौर में हुए प्रदर्शन और राजनीतिक घटनाक्रम का संक्षिप्त ब्योरा नीचे दी गई तालिका में देखा जा सकता है:
| विवरण / घटनाक्रम | मुख्य बिंदु व आधिकारिक स्थिति |
| प्रदर्शनकारी दंपती | प्रहलाद पांडे एवं उनकी पत्नी (इंदौर निवासी) |
| विरोध का स्थल | सांसद शंकर लालवानी का घर, तत्पश्चात कैलाश विजयवर्गीय का निवास |
| प्रशासनिक कार्रवाई | नंदा नगर में भारी पुलिस बल तैनात; दंपती हिरासत में |
| पुलिस की समझाइश | ACP हिमानी मिश्रा ने बताया कि मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भोपाल में हैं |
| विपक्षी समर्थन | भंवरकुआं चौराहे पर दिग्विजय सिंह छात्रों के धरने में शामिल हुए |
पांडे दंपती ने मांग रखी कि कैलाश विजयवर्गीय अपने कथित बयानों पर सार्वजनिक रूप से स्पष्टीकरण दें और देश के छात्रों से क्षमा मांगें. साथ ही उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की.
मौके पर मौजूद एसीपी हिमानी मिश्रा ने प्रदर्शनकारी दंपती को समझाते हुए बताया कि मंत्री कैलाश विजयवर्गीय वर्तमान में इंदौर में नहीं बल्कि भोपाल में हैं, इसलिए यहां धरना देने का कोई औचित्य नहीं है.
दूसरी ओर, इंदौर के प्रमुख कोचिंग हब भंवरकुआं क्षेत्र में पिछले कई दिनों से छात्रों का अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी है. बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह भंवरकुआं पहुंचकर धरने पर बैठे छात्रों के बीच शामिल हुए और केंद्र की मोदी सरकार पर तीखे हमले बोले.
दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि "जहां-जहां भी डबल इंजन की सरकारें हैं, वहां शिक्षा का ढांचा पूरी तरह चरमरा गया है. वर्तमान सरकार के कार्यकाल में देश भर में 1 लाख से अधिक सरकारी स्कूल बंद हो चुके हैं और करीब 2 करोड़ बच्चों की पढ़ाई छूट गई है. इसके साथ ही शिक्षा के कुल बजट में भी भारी कटौती की गई है."
दिग्विजय सिंह ने नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के आयोजन को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की भूमिका पर सीधे सवाल खड़े किए.
उन्होंने कहा कि परीक्षा आयोजित करने वाली नोडल एजेंसी एनटीए (NTA) के प्रमुखों और अधिकारियों पर हाल के वर्षों में बार-बार पेपर लीक के आरोप लगे हैं, फिर भी सरकार ने न तो उनका इस्तीफा लिया और न ही कोई ठोस दंडात्मक कार्रवाई की. उन्होंने सवाल उठाया कि गंभीर आरोपों के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शिक्षा मंत्री पर कार्रवाई करने से क्यों कतरा रहे हैं.
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