ट्रांसफर रुकवाने के लिए MPW ने लिया AI का सहारा; कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने ऐसे खोला फर्जीवाड़ा
टीकमगढ़ में ट्रांसफर रुकवाने के लिए स्वास्थ्य कर्मचारी ने AI से प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर का फर्जी अनुशंसा पत्र बना डाला। 'कृणणा गौर' लिखे नाम से कलेक्टर ने पकड़ा फर्जीवाड़ा और किया सस्पेंड।
टीकमगढ़। आधुनिक तकनीक जहां एक ओर लोगों की सुविधाएं बढ़ा रही है, वहीं इसका गलत इस्तेमाल प्रशासनिक व्यवस्थाओं के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है. ऐसा ही एक सनसनीखेज मामला मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले से सामने आया है, जहां स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ एक एमपीडब्ल्यू (मल्टी पर्पज वर्कर) कर्मचारी ने अपना ट्रांसफर रुकवाने के लिए एआई (Artificial Intelligence) का सहारा लेकर प्रभारी मंत्री का फर्जी अनुशंसा पत्र तैयार करा लिया.
कर्मचारी ने यह फर्जी पत्र विभाग के आला अधिकारियों के सामने प्रस्तुत किया. हालांकि, कलेक्टर ने एक ही नजर में इस एआई जनरेटेड फर्जी आदेश को पकड़ लिया और कर्मचारी को तत्काल निलंबित कर दिया.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, टीकमगढ़ जिले के स्वास्थ्य केंद्र 'गोर' में पदस्थ एमपीडब्ल्यू के.एल. बंशकार का स्थानांतरण स्वास्थ्य केंद्र 'दरगाएं' किया गया था. कर्मचारी बंशकार शासन द्वारा जारी अपने इस तबादले से असंतुष्ट था.
तबादला रुकवाने के लिए उसने चालाकी दिखाते हुए एआई सॉफ्टवेयर की मदद से जिले की प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर के नाम से एक फर्जी अनुशंसा पत्र तैयार करवाया. इस पत्र में स्थानांतरण आदेश को तुरंत निरस्त करने के निर्देश दर्ज किए गए थे. कर्मचारी ने यह पत्र स्वास्थ्य विभाग में जमा कर दिया. मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. ओ.पी. अनुरागी भी इस फर्जी पत्र की सत्यता नहीं जांच सके और बिना जांच किए फाइल नोटशीट कलेक्टर के पास हस्ताक्षर के लिए भेज दी.
जब ट्रांसफर निरस्तीकरण की नोटशीट कलेक्टर के पास पहुंची, तो फाइल देखते ही कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय की पैनी नजर पत्र पर लिखे प्रभारी मंत्री के नाम पर पड़ी. पत्र में मंत्री कृष्णा गौर का नाम गलत स्पेलिंग के साथ 'कृणणा गौर' लिखा हुआ था.
मंत्री के नाम में त्रुटि देखते ही कलेक्टर को तुरंत संदेह हुआ. उन्होंने तत्काल पत्र की तकनीकी जांच के आदेश दिए, जिसमें स्पष्ट हुआ कि पूरा पत्र एआई (AI) से जनरेटेड और पूरी तरह फर्जी है. इसके बाद कलेक्टर ने तत्काल कार्रवाई करते हुए स्वास्थ्य केंद्र गोर में पदस्थ आरोपी एमपीडब्ल्यू के.एल. बंशकार को निलंबित कर दिया और आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने के लिए पुलिस अधीक्षक (SP) को मामला सौंप दिया.
घटनाक्रम और प्रशासनिक कार्रवाई का विवरण नीचे दी गई तालिका में देखा जा सकता है:
| विवरण / मापदंड | आधिकारिक जानकारी व स्थिति |
| घटनास्थल | जिला टीकमगढ़ (स्वास्थ्य केंद्र गोर से दरगाएं स्थानांतरण मामला) |
| आरोपी कर्मचारी | के.एल. बंशकार (एमपीडब्ल्यू - मल्टी पर्पज वर्कर) |
| प्रभारी मंत्री का नाम | कृष्णा गौर (फर्जी पत्र में त्रुटिपूर्ण नाम: 'कृणणा गौर') |
| फर्जीवाड़ा पकड़ने वाले अधिकारी | कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय |
| प्रशासनिक एक्शन | कर्मचारी तत्काल निलंबित; सीएमएचओ व एसपी स्तर पर जांच शुरू |
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