18 दिन बाद खत्म हुआ अमित भटनागर का आमरण अनशन; मोहन यादव सरकार कराएगी विस्थापितों का दोबारा सर्वे
केन-बेतवा लिंक परियोजना के विस्थापितों के लिए 18 दिन से अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर ने भूख हड़ताल खत्म की। प्रशासन ने छूटे प्रभावितों के नए सर्वे के आदेश दिए हैं। मुआवजा ₹5 लाख से बढ़ाकर ₹12.50 लाख किया गया।
छतरपुर। केन-बेतवा लिंक परियोजना के विस्थापितों और प्रभावित परिवारों के न्याय के लिए लंबे समय से आंदोलन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर ने आखिरकार अपना 18 दिनों से जारी आमरण अनशन समाप्त कर दिया है. मध्य प्रदेश शासन द्वारा प्रभावित गांवों में नए सिरे से सत्यापन कराने और छूटे हुए परिवारों के नाम जोड़ने के लिखित आश्वासन के बाद उन्होंने यह निर्णय लिया.
इससे पूर्व, मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार ने विस्थापितों की लंबे समय से चली आ रही मांग को स्वीकार करते हुए मुआवजा राशि को 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 12.50 लाख रुपये करने की स्वीकृति दी थी.
जय किसान संगठन के अनुसार, चिता आंदोलन एवं केन-बेतवा परियोजना संघर्ष के प्रमुख अमित भटनागर लगातार 18 दिनों से भूखे-प्यासे रहकर अनशन पर डटे हुए थे. 19 जुलाई को बिगड़ते स्वास्थ्य के कारण उन्हें प्रदर्शन स्थल से अस्पताल के आईसीयू (ICU) में भर्ती कराया गया था, लेकिन उन्होंने अस्पताल के भीतर भी अपना अनशन जारी रखा.
उनकी गंभीर होती स्थिति को देखकर उनकी माता जी, सामाजिक कार्यकर्ताओं और प्रभावित आदिवासी परिवारों ने गहरा दुख व्यक्त किया. अंततः 23 जुलाई को अपनी मां के भावनात्मक आग्रह और प्रशासन द्वारा नए सिरे से सर्वे के आदेश जारी होने के बाद अमित भटनागर ने आदिवासी माताओं-बहनों के हाथों नारियल पानी पीकर अपना अनशन समाप्त किया.
अमित भटनागर के भाई अंकित भटनागर और जय किसान संगठन के प्रतिनिधियों ने बताया कि केन-बेतवा परियोजना से प्रभावित कई गांवों के योग्य परिवारों के नाम मुआवजा सूची से छूट गए थे.
प्रशासन ने अब आदेश जारी कर स्पष्ट किया है कि पन्ना और छतरपुर जिले के प्रभावित गांवों में पुनः राजस्व एवं प्रशासनिक दल भेजकर पारदर्शी सर्वे कराया जाएगा, जिससे वंचित परिवारों को मुआवजा सूची में जोड़ा जा सके. संगठन ने इसे आंदोलन की पहली बड़ी सफलता करार देते हुए कहा कि जब तक अंतिम विस्थापित को अधिकार नहीं मिल जाता, 'न्याय सत्याग्रह' जारी रहेगा.
विस्थापितों की मांगों और शासन द्वारा लिए गए निर्णयों का संक्षिप्त विवरण नीचे दी गई तालिका में देखा जा सकता है:
| विवरण / मापदंड | पुरानी स्थिति / प्रारंभिक प्रावधान | नई स्थिति / स्वीकृत निर्णय |
| प्रति परिवार मुआवजा राशि | ₹5,00000 (5 लाख रुपये) | ₹12,50,000 (12.50 लाख रुपये) |
| विशेष अतिरिक्त बजट | - | ₹202.50 करोड़ स्वीकृत |
| प्रभावित बांध परियोजनाएं | मझगाय डैम एवं रुंझ डैम | मझगाय डैम एवं रुंझ डैम |
| सर्वे व सत्यापन प्रक्रिया | पुरानी त्रुटिपूर्ण सूची | पुनः नया पारदर्शी सर्वे (आदेश जारी) |
| स्थानीय समर्थन | - | पन्ना-छतरपुर में 'चूल्हा बंदी' आंदोलन खत्म |
मध्य प्रदेश सरकार ने जुलाई की शुरुआत में ही केन-बेतवा लिंक परियोजना से जुड़ी रुंझ और मझगाय डैम परियोजनाओं के विस्थापितों के लिए 202.50 करोड़ रुपये के अतिरिक्त राहत पैकेज को मंजूरी दी थी.
पूर्व कैबिनेट मंत्री व पन्ना विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा अतिरिक्त बजट स्वीकृत किया जाना विस्थापितों के लिए बड़ी राहत है. यह मांग वर्षों से लंबित थी, जिसे सरकार ने सहानभूतिपूर्वक पूरा किया है.
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