भोपाल में मंदिर चोर 'दीना महाराज' गैंग का पर्दाफाश; चोरी से पहले मांगता था भगवान से माफी
भोपाल देहात पुलिस की SIT ने 11 मंदिरों में चोरी करने वाले 'दीना महाराज' गिरोह के 6 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। रायसेन, भोपाल व विदिशा के मंदिरों से चुराए गए 16 चांदी के मुकुट व ₹4 लाख का माल बरामद।
भोपाल। भोपाल देहात पुलिस ने तीन जिलों (भोपाल, रायसेन और विदिशा) के अलग-अलग थाना क्षेत्रों के प्रसिद्ध और सुनसान मंदिरों में चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले एक शातिर 6 सदस्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है. गिरोह का सरगना रायसेन का ₹31 हजार का इनामी कुख्यात बदमाश दीनदयाल उर्फ दीना महाराज है.
चोरी करने का इसका तरीका अनोखा और शातिर था; यह आरोपी चोरी की वारदात को अंजाम देने से ठीक पहले भगवान की मूर्ति के सामने हाथ जोड़कर माफी मांगता था और फिर अपने साथियों के साथ मिलकर चांदी के मुकुट, छत्र, दानपेटी का कैश व धार्मिक सामग्री बटोर कर फरार हो जाता था.
पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) पंकज कुमार पाण्डेय ने बताया कि पिछले 8-9 महीनों के दौरान बैरसिया, सूखीसेवनिया और ईंटखेड़ी थाना क्षेत्रों के ग्रामीण व सुनसान इलाकों के मंदिरों में चोरी की लगातार घटनाएं सामने आ रही थीं. वारदातों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस ने एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया.
एसआईटी ने तकनीकी विश्लेषण, सीसीटीवी (CCTV) फुटेज और सटीक मुखबिर सूचना के आधार पर सूखी सेवनिया बायपास घेराबंदी कर 6 आरोपियों को धर दबोचा. पुलिस पूछताछ में गिरोह ने 11 मंदिरों में चोरी और एक चोरी के असफल प्रयास सहित कुल 12 वारदातों को स्वीकार किया है.
जांच में सामने आया कि गिरोह का सरगना दीना महाराज अपने गांव व आसपास के ग्रामीण मजदूरों को चोरी के काम में शामिल करता था. गिरोह दिन में मंदिरों की रेकी करता था और वारदात से 5-6 घंटे पहले अपने सभी मोबाइल फोन बंद कर देता था ताकि साइबर सेल उनकी लोकेशन ट्रेस न कर सके.
रात में मंदिर बंद होने के बाद ताला या ग्रिल तोड़कर अंदर घुसते और कीमती सामान चुरा लेते थे. चोरी के बाद आरोपी करीला (अशोकनगर) या अन्य जिलों में छिप जाते थे और कुछ महीनों बाद वापस लौटकर नई वारदात करते थे.
पुलिस कार्रवाई और जब्त की गई सामग्री का ब्योरा नीचे दी गई तालिका में देखा जा सकता है:
| पहलू / विवरण | स्थिति एवं आंकड़े |
| मुख्य आरोपी (सरगना) | दीनदयाल उर्फ दीना महाराज (₹31,000 का इनामी) |
| कुल गिरफ्तार आरोपी | 6 सदस्य (खरीदार आनंद राजपूत समेत) |
| कबूल की गई वारदातें | 11 मंदिरों में चोरी एवं 1 चोरी का प्रयास (कुल 12 मामले) |
| बरामद कीमती सामान | 16 चांदी के मुकुट, थाली, छत्र, नारियल, ओम चिन्ह, पीतल का घंटा |
| बरामदगी की कुल कीमत | लगभग 1.5 kg चांदी (अनुमानित मूल्य ₹4 लाख) |
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी दीनदयाल के खिलाफ पहले से भी हत्या, लूट, डकैती, चोरी और आर्म्स एक्ट जैसे 30 से अधिक गंभीर अपराध दर्ज हैं. उसकी तलाश भोपाल, रायसेन और विदिशा सहित 10 थानों की पुलिस को थी.
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