श्योपुर में शिक्षा विभाग और जिला पंचायत के बीच टकराव: शिक्षकों के अटैचमेंट पर विवाद
श्योपुर में शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करने के लोक शिक्षण आयुक्त और DEO के आदेशों के बीच जिला पंचायत CEO द्वारा शिक्षक को अटैच करने पर विवाद खड़ा हो गया है। पढ़ें पूरी खबर।
श्योपुर: स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई सुचारू रूप से हो, इसके लिए लोक शिक्षण आयुक्त (CPI) ने आदेश दिया है कि शिक्षकों से गैर-शैक्षणिक कार्य नहीं लिया जाए। इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने इस बात के लिए सभी को ताकीद किया कि कोई शिक्षक अगर कहीं अटैच है, तो उसे मुक्त करने के लिए प्रधानाचार्य या प्राचार्य आवश्यक कार्रवाई कर उन्हें सूचित करें।
😕 जिला पंचायत सीईओ के आदेश से भ्रम
इस बीच जिला पंचायत सीईओ के एक आदेश से भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। 5 जुलाई 2026 को लोक शिक्षण आयुक्त ने वीडियो कॉन्फ्रेंस और आदेश के माध्यम से सभी जिला अधिकारियों को निर्देशित किया था कि शिक्षकों को अनावश्यक गैर-शैक्षणिक कार्यों में न लगाया जाए तथा विद्यालयों में उनकी उपस्थिति और शैक्षणिक गतिविधियां सुनिश्चित की जाएं। लेकिन इसी बीच, ननावद हाई स्कूल में पदस्थ शिक्षक शैलेंद्र शर्मा को जिला पंचायत सीईओ सौम्या आनंद ने आदेश जारी कर जिला पंचायत कार्यालय में अटैच कर दिया।
📄 डीईओ ने दो बार जारी किए आदेश
9 जुलाई को जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) यश जैन ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर सभी शिक्षकों के अटैचमेंट तत्काल समाप्त कर उन्हें उनकी मूल पदस्थापना में भेजने के निर्देश दिए और इसकी जानकारी उपलब्ध कराने को कहा। इसके बाद, जिला शिक्षा अधिकारी ने 13 जुलाई को एक और आदेश जारी कर प्रमाणित करने को कहा कि किसी शिक्षक को गैर-शैक्षणिक कार्य, निर्वाचन अथवा जनगणना जैसे कार्यों में अनावश्यक रूप से अटैच नहीं रखा जाए। गैर-शैक्षणिक कार्यों में अटैच सभी शिक्षकों को तत्काल कार्यमुक्त (Relieve) किया जाए। साथ ही चेतावनी दी कि अगर आदेश का पालन नहीं किया गया तो दंडात्मक कार्रवाई होगी।
⚖️ लोक शिक्षण आयुक्त का आदेश सर्वोपरि
जिला शिक्षा अधिकारी यश जैन का कहना है, "लोक शिक्षण आयुक्त के निर्देशों की अवहेलना करने का अधिकार जिले में किसी भी अधिकारी को नहीं है। जिला पंचायत सीईओ ने किन परिस्थितियों में आदेश जारी किया, इसकी जानकारी मुझे नहीं है।" इस मामले में जब जिला पंचायत सीईओ सौम्या आनंद से उनका पक्ष जानने के लिए कॉल किया गया, तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। वहीं, श्योपुर कलेक्टर शीला दाहिमा का कहना है, "जिला पंचायत सीईओ को शासनादेश के अनुसार कार्य करने के लिए निर्देशित किया गया है।"
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