18,400 करोड़ के प्रोजेक्ट्स की होगी थर्ड पार्टी जांच, महाकाल लोक का भी कर चुकी है ऑडिट
उज्जैन में 2028 में होने वाले सिंहस्थ महापर्व के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जांच के लिए भारत सरकार की एजेंसी CEIL को नियुक्त किया गया है। 18,400 करोड़ के प्रोजेक्ट्स का होगा ऑडिट।
उज्जैन: मध्य प्रदेश के धार्मिक शहर उज्जैन में आगामी वर्ष 2028 में दुनिया के सबसे बड़े आध्यात्मिक मेले 'सिंहस्थ महापर्व' का भव्य आयोजन होना है। इस महाकुंभ की तैयारियों को लेकर चल रहे विभिन्न विभागों के माध्यम से पुल, पुलिया, सड़कों, होम स्टे से लेकर जलापूर्ति, सीवरेज और विद्युत व्यवस्था तक के सभी कार्यों में उच्च गुणवत्ता और पूरी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अब भारत सरकार की 'तीसरी नजर' से निगरानी की जाएगी। इसके लिए भारत सरकार ने CEIL (सर्टिफिकेशन इंजीनियर्स इंटरनेशनल लिमिटेड) की आधिकारिक नियुक्ति की है। सिंहस्थ मेला अधिकारी एवं कमिश्नर आशीष सिंह ने जानकारी देते हुए बताया, ''निर्माण कार्यों को पूरी तरह से एक नए और उच्च स्तर पर ले जाने के लिए सिंहस्थ मेला प्राधिकरण ने केंद्र सरकार के निर्देशन में यह बहुत बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है।''
🔍 क्या है CEIL और कैसे करेगी काम?
सिंहस्थ मेला अधिकारी और कमिश्नर आशीष सिंह ने बताया कि, ''सिंहस्थ से जुड़े तमाम स्थायी और अस्थायी निर्माण कार्यों की स्वतंत्र गुणवत्ता जांच (थर्ड पार्टी क्वालिटी ऑडिट) के लिए सर्टिफिकेशन इंजीनियर्स इंटरनेशनल लिमिटेड (CEIL) को नियुक्त किया गया है। यह एजेंसी भारत सरकार का एक प्रतिष्ठित सार्वजनिक उपक्रम (PSU) है और देश की दिग्गज कंपनी 'इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड' (EIL) की पूर्ण स्वामित्व वाली एक सहायक कंपनी है। भारत सरकार की इस स्वतंत्र और अनुभवी एजेंसी को जिम्मेदारी सौंपे जाने से सभी निर्माण कार्यों में पारदर्शिता में भारी बढ़ोतरी होगी, संबंधित एजेंसियों की जवाबदेही तय होगी और जनता का इस व्यवस्था पर भरोसा भी मजबूत होगा।''
🏗️ इंफ्रास्ट्रक्चर में उपयोग होने वाली सामग्री की होगी बारीकी से जांच
आशीष सिंह ने आगे बताया कि, ''CEIL द्वारा सभी स्थायी और अस्थायी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की हर चरण में तकनीकी (टेक्निकल) जांच की जाएगी। उदाहरण के तौर पर, निर्माण कार्य में किस तरह की सामग्री (मटेरियल) का उपयोग किया जा रहा है, तय मानकों और नियमों का पालन कहाँ हो रहा है और कहाँ इनका उल्लंघन किया जा रहा है, इन सबकी गहन जाँच कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य यह है कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही बरती जाती है, तो संबंधितों पर समय रहते वैधानिक कार्रवाई की जा सके, उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जा सके और तत्काल सुधार कार्य कराया जा सके। सिंहस्थ दुनिया के सबसे बड़े आयोजनों में से एक है, और इतने बड़े पैमाने पर तय समय-सीमा के भीतर मजबूत व सुरक्षित इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है। इसलिए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।''
⭐ CEIL के पास है बड़े प्रोजेक्ट्स के ऑडिट का लंबा अनुभव
कमिश्नर आशीष सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि, ''CEIL जैसी एजेंसी के पास देश भर की कई बड़ी और राष्ट्रीय स्तर की इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के गुणवत्ता ऑडिट का लंबा और सफल अनुभव रहा है। इससे पहले यही प्रतिष्ठित एजेंसी उज्जैन की विश्वप्रसिद्ध 'श्री महाकाल लोक परियोजना' का भी सफल थर्ड पार्टी क्वालिटी ऑडिट कर चुकी है। इसी बेहतरीन अनुभव और उच्च तकनीकी विशेषज्ञता को ध्यान में रखते हुए सिंहस्थ जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण और विराट आयोजन के लिए इसका चयन किया गया है।''
💰 18,400 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स होंगे ऑडिट के दायरे में
कमिश्नर एवं सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीष सिंह ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि, ''वर्तमान में सिंहस्थ से जुड़े थर्ड पार्टी क्वालिटी ऑडिट के दायरे में कुल 18,400 करोड़ रुपये से अधिक लागत की विभिन्न परियोजनाएं शामिल हैं। इनमें प्रमुख रूप से नई सड़कें, पुल, शिप्रा नदी के घाट, आधुनिक पेयजल व्यवस्था, सीवरेज नेटवर्क, विद्युत लाइनें और आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए तैयार होने वाले अन्य सार्वजनिक व आवासीय निर्माण शामिल हैं।
सभी निर्माण कार्यों से जुड़े संबंधित विभागों के प्रमुख अधिकारियों को सख्त निर्देश दे दिए गए हैं कि वे प्रत्येक परियोजना की 'वर्क-वाइज रिपोर्ट' पूरी तरह अपडेट और तैयार रखें, क्योंकि ऑडिट प्रक्रिया के दौरान मांगी जाने वाली कोई भी जानकारी या दस्तावेज तत्काल उपलब्ध कराने होंगे।''
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