महाकाल की शरण में पहुंचे फिल्ममेकर मधुर भंडारकर, कहा- यहां आकर मिलती है असीम शांति और संतुष्टि
प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक और निर्माता मधुर भंडारकर उज्जैन पहुंचे और बाबा महाकाल की भस्म आरती में शामिल हुए। उन्होंने नंदी हॉल में बैठकर पूजन-अर्चन किया।
उज्जैन: बाबा महाकाल के पावन दरबार में आम श्रद्धालुओं के साथ-साथ देश-विदेश के बड़े-बड़े उद्योगपतियों, दिग्गज राजनेताओं, खेल जगत की हस्तियों और फिल्मी दुनिया के सितारों का आना-जाना लगातार लगा रहता है। आए दिन कोई न कोई सेलिब्रिटी बाबा के चरणों में शीश नवाने उज्जैन पहुंचते हैं। इसी कड़ी में सोमवार तड़के प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक और निर्माता मधुर भंडारकर उज्जैन पहुँचे। अलसुबह वे विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे और बाबा महाकाल की प्रसिद्ध भस्म आरती में शामिल हुए। इस दौरान वे करीब 3 घंटे तक मंदिर परिसर में रहे और विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया। दरअसल, वे इंदौर में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने आए थे, जहाँ से वे सीधे देर रात उज्जैन पहुँचे और इस दिव्य आरती का हिस्सा बने।
🛕 तड़के 2 बजे खुले बाबा के पट, पंचामृत से हुआ अभिषेक
फिल्ममेकर मधुर भंडारकर ने आम श्रद्धालुओं के बीच नंदी हॉल में बैठकर पूरी श्रद्धा के साथ भस्म आरती के दर्शन किए। अलसुबह तड़के करीब 2 बजे मंदिर के पट खोले गए, जिसके बाद विधिवत पूजन-अर्चन का दौर शुरू हुआ। पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित भगवान महाकाल के साथ-साथ सभी देवी-देवताओं का पूजन कर उनका जलाभिषेक किया।
इसके बाद भगवान का दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से बने दिव्य पंचामृत से अभिषेक करवाया गया और फिर शुद्ध 'हरिओम जल' अर्पित किया गया। पूजन-पाठ संपन्न होने के पश्चात भगवान महाकाल का अत्यंत मनमोहक और भव्य श्रृंगार किया गया।
🙏 मधुर भंडारकर ने किए बाबा के दर्शन, बोले- ''दो महीने में आया दूसरी बार''
इसके पश्चात कपूर आरती की गई और भगवान को भस्म रमाई गई। आरती के पूर्ण होने के बाद फिल्म निर्माता मधुर भंडारकर ने चांदी द्वार से बाबा महाकाल के दर्शन किए और पुजारी के माध्यम से बाबा को जल अर्पित किया। उन्होंने नंदी जी के समीप जाकर उनके कान में अपनी मनोकामना भी कही।
मीडिया से अनौपचारिक चर्चा के दौरान मधुर भंडारकर ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा, ''यहाँ बाबा के दरबार में आकर मुझे हमेशा बहुत अच्छा लगता है। मैं हर साल यहाँ आता हूँ, और इस बार तो मैं महज दो महीने के भीतर ही दोबारा यहाँ वापस आया हूँ।''
✨ ''दर्शन कर मिलती है आत्मिक खुशी और संतुष्टि''
उन्होंने आगे बताया कि वे इंदौर में किसी निजी इवेंट में शामिल होने आए थे और वहीं से समय निकालकर बाबा के दर्शन के लिए उज्जैन आ गए। उन्होंने कहा, ''भस्म आरती में शामिल होकर मुझे बहुत अच्छा लगा, यहाँ आने से मन को अपार खुशी और गहरी संतुष्टि मिलती है। मैंने यहाँ देखा कि आज की युवा पीढ़ी जिस उत्साह के साथ 'हर-हर महादेव' और 'बम-बम भोले' के जयकारे लगा रही है और भजनों में झूम रही है, उसे देखकर मुझे बेहद प्रसन्नता हुई है। आज के युवा पूरी तरह से अपनी सनातन संस्कृति से जुड़ रहे हैं। मैं यही उम्मीद करूँगा कि सभी इसी तरह अपनी संस्कृति से जुड़े रहें। आज की यह दिव्य आरती देखकर मेरा मन प्रफुल्लित हो गया है।'' भस्म आरती के उपरांत श्री महाकालेश्वर मंदिर समिति की ओर से फिल्म निर्देशक मधुर भंडारकर का शॉल-श्रीफल भेंटकर स्वागत व सम्मान किया गया।
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