खेतों में फसलों को पानी की दरकार, खुरई की महिलाओं ने देवी मंदिरों में जल चढ़ाने का लिया संकल्प

सागर जिले में कम बारिश के चलते किसानों की चिंता बढ़ गई है। अच्छी वर्षा की कामना के लिए खुरई क्षेत्र की महिलाओं ने 45 किलोमीटर की पैदल यात्रा और धार्मिक अनुष्ठान शुरू किया है।

Jul 27, 2026 - 17:27
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खेतों में फसलों को पानी की दरकार, खुरई की महिलाओं ने देवी मंदिरों में जल चढ़ाने का लिया संकल्प

सागर: सागर जिले में इस वर्ष मानसून के दौरान उम्मीद के मुताबिक पर्याप्त बारिश न होने के कारण अन्नदाता किसान गहरी चिंता में डूबे हुए हैं। किसानों ने अपनी फसलों में कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव और अन्य आवश्यक कृषि कार्य तो पूरे कर दिए हैं, लेकिन अब फसलों के समुचित विकास के लिए समय पर बारिश की अत्यधिक आवश्यकता है। जिले में लगातार बारिश न होने के कारण अब खेती-किसानी पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। ऐसे में इस प्राकृतिक संकट से निपटने के लिए खुरई तहसील क्षेत्र की महिलाओं ने अपनी गहरी धार्मिक आस्था और पारंपरिक मान्यताओं का सहारा लिया है। जिले के ग्राम जंगराई की महिलाएं अच्छी बारिश की आस में करीब 45 किलोमीटर लंबी पैदल यात्रा पर निकल पड़ी हैं। ये महिलाएं नंगे पैर और अपने सिर पर जल से भरा कलश रखकर एक के बाद एक कई गांवों तक पहुंच रही हैं और वहां स्थित प्राचीन देवी मंदिरों में जल अर्पित कर क्षेत्र में झमाझम बारिश की कामना कर रही हैं।

🏺 7 गांवों के देवी मंदिरों में जल चढ़ाने का लिया गया है संकल्प

इस धार्मिक यात्रा के तहत महिलाओं ने कुल सात प्रमुख गांवों में स्थित देवी मंदिरों में जाकर जल अर्पित करने का संकल्प लिया है। यह अनूठी पैदल यात्रा ग्राम जंगराई से आरंभ हुई है। इसके बाद ये महिलाएं पदयात्रा करते हुए पथरिया जेगन, करमपुर, नई बस्ती, खिमलासा, लमेठी, नाउखेड़ा और बमौरी खड़ेरा समेत आसपास के कई अन्य गांवों में पहुंच रही हैं और वहां के देवी मंदिरों में विधि-विधान से जल चढ़ा रही हैं।

यात्रा के दौरान महिलाएं पूरे रास्ते भक्ति भाव से ओतप्रोत होकर पारंपरिक भजन और गीत गाते हुए नंगे पैर पैदल चल रही हैं। सिर पर कलश धारण किए हुए और नंगे पैर गांव-गांव की पगडंडियों पर चल रही ये महिलाएं स्थानीय देवी माता से हाथ जोड़कर क्षेत्र में जल्द से जल्द अच्छी बारिश होने की गुहार लगा रही हैं। उनका अटूट विश्वास है कि मां भगवती की कृपा से क्षेत्र में शीघ्र ही अच्छी बारिश होगी, जिससे खेतों में सूख रही फसलों को नया जीवन मिलेगा और किसानों की चिंताएं दूर हो सकेंगी।

💧 फसलों में दवाई डालने के बाद अब झमाझम बारिश का इंतजार

किसानों ने अपनी मेहनत से फसलों की बोआई के बाद उनमें कीटनाशक दवाइयां व टॉनिक आदि डालने का काम पूरा कर लिया है। अब इन फसलों को तेजी से बढ़ाने और पकने के लिए पर्याप्त पानी की सख्त जरूरत है, लेकिन आसमान से बादल गायब रहने और बारिश न होने से किसान खासे परेशान हैं। यदि आने वाले कुछ दिनों में अच्छी बारिश नहीं होती है, तो उसका सीधा और प्रतिकूल प्रभाव फसलों की पैदावार पर पड़ने की आशंका लगातार बनी हुई है।

किसानों की इसी बड़ी चिंता और संकट को भांपते हुए क्षेत्र की महिलाओं ने आगे आकर सामूहिक रूप से यह धार्मिक और आध्यात्मिक पदयात्रा शुरू की है। महिलाओं का मुख्य उद्देश्य यही है कि उनके क्षेत्र में समय पर अच्छी बारिश हो, जिससे किसानों के खेत-खलिहान एक बार फिर हरी-भरी फसलों से लहलहा उठें और किसी भी अन्नदाता को आर्थिक तंगी या परेशानी का सामना न करना पड़े।

🙏 महिलाओं ने कहा- क्षेत्र में अच्छी बारिश हो और किसानों की दूर हो चिंता

इस धार्मिक पदयात्रा में बढ़-चढ़कर शामिल हुईं शांति बाई नायक, शारदा आदिवासी और अन्य स्थानीय महिलाओं ने मीडिया से चर्चा करते हुए बताया, ''इस बार मानसून सीजन में हमारे इलाके में पर्याप्त बारिश नहीं हुई है, जिसके कारण सभी किसान आसमान की ओर टकटकी लगाकर बारिश का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। खेतों में खड़ी फसलों में कीटनाशक दवाएं डालने के बाद अब उन्हें पानी की सबसे ज्यादा जरूरत है, लेकिन पानी न मिलने से सभी लोग काफी चिंतित हैं।

इसी वजह से हम सभी महिलाओं ने मिलकर यह संकल्प लिया है कि हम आसपास के सात गांवों के देवी मंदिरों में पैदल चलकर जल चढ़ाएंगी और अच्छी वर्षा के लिए प्रार्थना करेंगी। हम सब करीब 45 किलोमीटर की लंबी पैदल यात्रा कर रही हैं और गांव-गांव के मंदिरों में पहुंचकर देवी माता से क्षेत्र में जल्द से जल्द झमाझम बारिश होने का आशीर्वाद मांग रही हैं।''

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