भोपाल के अवधपुरी में अजीबोगरीब लापरवाही, 4 फीट ऊंची दीवार के पीछे कैद हुआ लाखों का नया टॉयलेट

भोपाल के अवधपुरी में लाखों की लागत से बने सार्वजनिक यूरीनल के सामने दीवार खड़ी कर दी गई है, जिससे लोगों को शौचालय इस्तेमाल करने के लिए दीवार कूदनी पड़ रही है।

Jul 28, 2026 - 16:07
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भोपाल के अवधपुरी में अजीबोगरीब लापरवाही, 4 फीट ऊंची दीवार के पीछे कैद हुआ लाखों का नया टॉयलेट

भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के शहरी क्षेत्रों में होने वाले सरकारी निर्माण कार्यों और विकास कार्यों में अजीबोगरीब लापरवाही का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ऐशबाग इलाके में बने प्रसिद्ध 90 डिग्री मोड़ वाले रेलवे ओवरब्रिज के बाद अब एक ऐसा मामला सामने आया है, जो प्रशासन की इंजीनियरिंग पर गंभीर सवाल खड़े करता है। ताजा मामला विद्यासागर कॉलेज और अवधपुरी बस स्टॉप के ठीक सामने बने एक सार्वजनिक यूरीनल से जुड़ा हुआ है, जहां नगर निगम द्वारा लाखों रुपए खर्च करने के बावजूद आम जनता इस शौचालय का उपयोग तक नहीं कर पा रही है।

🧱 4 फीट ऊंची दीवार कूदकर शौचालय जाने को मजबूर हैं लोग

अवधपुरी इलाके में रहने वाले स्थानीय रहवासी मधुर शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि, ''इस नवनिर्मित टॉयलेट के सामने एक तरफ 4 फीट और दूसरी तरफ करीब 6 फीट ऊंची ईंटों की दीवार खड़ी कर दी गई है।''

इस बड़ी गलती के कारण पुरुषों को टॉयलेट के अंदर जाने के लिए मजबूरन 4 फीट ऊंची इस दीवार को कूदकर जाना पड़ता है। हैरानी की बात यह है कि इसी जगह पर व्यस्त बस स्टॉप भी स्थित है, जहां दिनभर हजारों लोगों की आवाजाही बनी रहती है। इसके बावजूद नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी इस मामूली दीवार को हटाने या तोड़ने की जहमत नहीं उठा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इस दीवार के एक हिस्से को तोड़कर रास्ता बना दिया जाए, तो आम नागरिक इस यूरीनल का आसानी से उपयोग कर सकेंगे।

🚽 यूरीनल का निर्माण पूरा होते ही सामने खड़ी कर दी गई दीवार

प्राप्त जानकारी के अनुसार, अवधपुरी के विद्यासागर तिराहे पर राहगीरों की सुविधा के लिए दो अलग-अलग सार्वजनिक मूत्रालयों (Urinals) का निर्माण कराया गया था। इन दोनों शौचालयों के प्रवेश द्वार भी अलग-अलग रखे गए थे।

लेकिन जैसे ही निर्माण कार्य पूरा हुआ, वैसे ही एक टॉयलेट के ठीक सामने बने निकासी और प्रवेश मार्ग पर पक्की ईंटों की दीवार खड़ी कर दी गई। इसके चलते इस मुख्य प्रवेश मार्ग का रास्ता पूरी तरह से बंद हो गया है। स्थानीय दुकानदारों और नागरिकों का कहना है कि जब इस शौचालय का रास्ता ही बंद करना था, तो आखिर जनता के टैक्स के लाखों रुपए पानी की तरह क्यों बहाए गए?

🤷‍♂️ अधिकारियों को नहीं है मामले की कोई जानकारी

इस पूरे मामले पर जब जोन-14 के एएचओ (AHO) विजय शाक्य से बात की गई, तो उनका कहना था कि, ''अब तक यह अजीबोगरीब मामला मेरे संज्ञान में नहीं आया है, हालांकि यदि वहां कोई यूरीनल बना है, तो हम उसकी नियमित साफ-सफाई कराते हैं।''

विजय शाक्य ने यह भी कहा कि वे इस यूरीनल के मामले की खुद जांच करवाएंगे और वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा कर इसका कोई उचित समाधान निकालेंगे। दूसरी तरफ, आसपास के दुकानदारों का आरोप है कि जब से यह यूरीनल बनकर तैयार हुआ है, तब से यह दीवार में ही कैद होकर रह गया है और इसके चारों तरफ झाड़ियां उग आई हैं। नगर निगम द्वारा इसकी नियमित सफाई भी नहीं कराई जाती है, जिससे आसपास के क्षेत्र में दुर्गंध फैलती है और लोगों का खड़ा रहना भी मुश्किल हो जाता है।

🔄 पहले ऐशबाग में रास्ता बंद, अब अवधपुरी में वही पुराना दोहराव

राजधानी भोपाल में विभागों के बीच आपसी तालमेल और प्लानिंग की कमी का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले ऐशबाग क्षेत्र में भी नगर निगम ने एक बड़ा सार्वजनिक शौचालय बनवाया था, लेकिन उसके निर्माण के ठीक तुरंत बाद रेलवे ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए शौचालय के ठीक सामने अपनी भारी-भरकम दीवार खड़ी कर दी थी।

इससे उस शौचालय तक पहुंचने का पूरा रास्ता ही बंद हो गया था। हालांकि, बाद में बढ़ते विरोध के चलते रेलवे ने उस टॉयलेट के लिए अपनी दीवार हटा ली थी, लेकिन अवधपुरी के इस यूरीनल मामले में अब भी अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते नजर आ रहे हैं।

🌉 भोपाल से लेकर रतलाम तक सामने आ चुके हैं अजब-गजब कारनामे

राजधानी भोपाल में हाल ही में इंजीनियरिंग का एक और नायाब नमूना देखने को मिला था, जहां पीएंडटी चौराहे पर सौंदर्यीकरण के नाम पर पैदल चलने वाले फुटपाथ को लोहे की भारी रेलिंग से पूरी तरह कवर कर बंद कर दिया गया था। इससे पैदल यात्रियों को सड़क पार कर फुटपाथ पर जाने के लिए लंबा चक्कर काटना पड़ रहा था। हालांकि, भारी विरोध के बाद नगर निगम को अपनी गलती का अहसास हुआ और उन्होंने अपना यू-टर्न ले लिया।

इसके अलावा, ऐसा ही एक हैरान करने वाला मामला रतलाम जिले से भी सामने आया था, जहां नामली में रतलाम-नीमच रेल मार्ग पर बने करीब 400 मीटर लंबे अंडरब्रिज में अचानक 90 डिग्री के दो शार्प टर्न और अंग्रेजी के 'S' आकार के खतरनाक कर्व बना दिए गए थे, जो आज भी चर्चा का विषय बने हुए हैं।

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