गौवंश संरक्षण की मांग को लेकर धरने पर बैठे पूर्व विधायक, राम नाम के जाप में जुटे समर्थक

रीवा में त्योंथर के पूर्व बीजेपी विधायक श्यामलाल द्विवेदी कंधे पर बछड़ा उठाकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग को लेकर धरना दिया।

Jul 28, 2026 - 16:09
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गौवंश संरक्षण की मांग को लेकर धरने पर बैठे पूर्व विधायक, राम नाम के जाप में जुटे समर्थक

रीवा: मध्य प्रदेश के रीवा जिले के कलेक्ट्रेट कार्यालय में उस समय पूरा प्रशासनिक स्टाफ और अधिकारी हैरान रह गए, जब त्योंथर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व बीजेपी विधायक अचानक अपने कंधे पर एक जीवित गाय का बछड़ा उठाकर कलेक्ट्रेट परिसर के अंदर पहुंच गए। सैकड़ों की संख्या में मौजूद समर्थकों के साथ "गाय बचेगी तो राष्ट्र बचेगा" के जोरदार नारे लगाते हुए पूर्व विधायक श्यामलाल द्विवेदी ने कलेक्ट्रेट कार्यालय के बाहर ही अपना धरना शुरू कर दिया और वहीं बैठकर राम नाम के जाप में जुट गए। जैसे ही कार्यालय के स्टाफ ने कलेक्टर को इस बेहद अजीब और अनोखे नजारे के बारे में सूचना दी, तो कलेक्टर तुरंत अपना कैबिन छोड़कर मुख्य गेट की तरफ तेजी से आगे आए।

🐄 सनातन संस्कृति की मुख्य प्रतीक है गौमाता : पूर्व विधायक

गौवंश के पूर्ण संरक्षण और गाय को देश की 'राष्ट्रमाता' घोषित करने की मुख्य मांग को लेकर सोमवार को त्योंथर के पूर्व बीजेपी विधायक श्यामलाल द्विवेदी रीवा कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे थे।

देश के महामहिम राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक मांगपत्र कलेक्टर को सौंपते हुए उन्होंने अपनी मांग दोहराई और कहा कि, ''गाय हमारी भारतीय संस्कृति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का सबसे महत्वपूर्ण आधार है। इसलिए गौवंश को बिना किसी देरी के राष्ट्रीय पशु का दर्जा मिलना चाहिए।''

🙏 'गौमाता के सम्मान में आह्वान अभियान' के तहत हुआ अनोखा प्रदर्शन

इस दौरान मीडिया से खुलकर बातचीत करते हुए पूर्व विधायक श्यामलाल द्विवेदी ने कहा कि, ''हम 'गौमाता के सम्मान में आह्वान अभियान' के तहत आज इस बेसहारा गौवंश को अपने साथ लेकर सीधे कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे हैं। हमारी यह मांग पूरी तरह से आध्यात्मिक और सांस्कृतिक है। गौवंश हमारी सनातन संस्कृति की एक अविरल धारा है, लेकिन आज इस बेसहारा गौवंश पर घोर संकट मंडरा रहा है। यही वजह है कि हमारी पुरजोर मांग है कि केंद्र सरकार तुरंत गाय को राष्ट्रमाता घोषित करे।''

⚠️ गायों पर हो रहे अत्याचार से समाज में बढ़ रहे हैं कष्ट

पूर्व विधायक ने आगे अपनी बात रखते हुए कहा कि, ''आज देश भर में लाखों बेसहारा गौवंश सड़कों पर दर-दर भटकने को मजबूर हैं, और जगह-जगह उनका वध हो रहा है। इसी के चलते हमारे पूरे समाज में तरह-तरह की तकलीफों और कष्टों का अविर्भाव हो रहा है।''

ऐसी गंभीर स्थिति को देखते हुए देश के सभी संतजनों और साधु-संतों ने यह दृढ़ निश्चय किया है कि राष्ट्रपति के नाम मांगपत्र सौंपा जाए। हमारी मुख्य मांग है कि देश में गौहत्या पर पूरी तरह प्रतिबंध लगे और गौवंश का सुरक्षित संरक्षण किया जाए।

उन्होंने आगे कहा कि गौमाता हम सबको जीवनदान देती है और मनुष्य के जन्म से लेकर मृत्यु तक उसका साथ निभाती है। ऐसी पूजनीय माता का संरक्षण होना ही चाहिए। हमारे धर्मग्रंथों में भी यह अकाट्य प्रमाण है कि माता कभी किसी को श्राप नहीं देती, लेकिन यदि उसके साथ अन्याय या अत्याचार हुआ, तो उसका पाप समाज और देश को अवश्य लगेगा।

🏛️ कलेक्टर ने ज्ञापन लेकर शासन तक बात पहुंचाने का दिया आश्वासन

पूर्व विधायक श्यामलाल द्विवेदी ने सरकार की योजनाओं पर बात करते हुए कहा कि, ''यद्यपि सरकार ने कई स्थानों पर गौअभ्यारणों का निर्माण किया है, जिसमें प्रति गौमाता के हिसाब से 40 रुपए प्रतिदिन की खुराक तय की गई है, लेकिन जब ऐसे विकट हालात में साधु-संतों और सच्चे गौभक्तों की आवाज हुक्मरानों के कानों तक पहुंचेगी, तो सरकार निश्चित रूप से गौमाता को राष्ट्रमाता का गौरवशाली दर्जा देगी।''

इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए रीवा कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने बताया कि, ''गौ सम्मान आह्वान अभियान के कुछ पदाधिकारी और पूर्व विधायक कलेक्ट्रेट कार्यालय आए थे। उनके द्वारा गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित किए जाने की मांग से जुड़ा एक मांगपत्र सौंपा गया है। उनके इस पत्र को उचित माध्यम से शासन तक पहुँचाने की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।''

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