सिविल लाइन थाना क्षेत्र के शांति बिहार कॉलोनी में सनसनी, ठेला संचालक से विवाद के बाद कांग्रेस नेता की हत्या
रीवा की शांति बिहार कॉलोनी के समीप मामूली विवाद के चलते कांग्रेस नेता और पूर्व पार्षद प्रत्याशी अमित वर्मा की चाकू मारकर हत्या कर दी गई है। पुलिस जांच में जुटी है।
रीवा: मध्य प्रदेश के रीवा जिले में मंगलवार की रात सिविल लाइन थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली शांति बिहार कॉलोनी के समीप उस वक्त हड़कंप और सनसनी मच गई, जब बाइक पर सवार होकर आए तीन बदमाशों ने एक मामूली से विवाद के चलते कांग्रेस के पूर्व पार्षद प्रत्याशी और एनएसयूआई के सक्रिय नेता रहे अमित वर्मा (कोल) की चाकू से गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी। इस सनसनीखेज वारदात के बाद गंभीर रूप से घायल कांग्रेस नेता के शव को आनन-फानन में पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल ले जाया गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक (SP) गुरकरन सिंह भारी पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने स्थानीय लोगों से आवश्यक जानकारी जुटाते हुए मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है, और कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है।
🌭 ठेला संचालक से हुआ था मामूली विवाद, बाइक सवारों ने बोला हमला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलवार देर शाम किसी जरूरी काम के सिलसिले में कांग्रेस नेता कॉलोनी के बाहर मुख्य हाईवे के पास स्थित सांची पार्लर के पास गए हुए थे। इसी दौरान वे अपने कुछ अन्य दोस्तों के साथ समीप ही भुट्टा खाने के लिए एक ठेले पर खड़े हो गए थे। इसी बीच, किसी मामूली बात को लेकर ठेला संचालक और कांग्रेस नेता अमित वर्मा के बीच तीखी बहस और विवाद उत्पन्न हो गया।
मामले की जानकारी के मुताबिक, विवाद के कुछ ही देर बाद ठेला संचालक ने फोन करके अपने अन्य साथियों और भाइयों को तुरंत मौके पर बुला लिया। देखते ही देखते तीन अज्ञात हमलावर वहां पहुंचे और उन्होंने चाकू निकालकर कांग्रेस नेता अमित वर्मा पर ताबड़तोड़ कई वार कर दिए। इस अचानक हुए जानलेवा हमले में अमित वर्मा के पेट और सीने पर गंभीर और गहरे घाव हो गए, जिसके कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने के बाद सभी हमलावर मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही परिजन और पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और खून से लथपथ कांग्रेस नेता को लेकर अस्पताल दौड़ी, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
👮♂️ मौके पर पहुंचे एसपी गुरकरन सिंह, सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
इस हृदयविदारक घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक गुरकरन सिंह तत्काल भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने पूरे मुआयने के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया।
पुलिस ने स्थानीय नागरिकों से पूछताछ करने के साथ-साथ आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं और वारदात की गहराई से तफ्तीश की जा रही है। एहतियात के तौर पर कुछ संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी है। इसके अलावा पुलिस ने घटनास्थल से दो लावारिस बाइक भी बरामद की हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस हत्या के पीछे आखिर असल वजह क्या थी। इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
👥 एसटी समाज के जिला अध्यक्ष और पूर्व पार्षद प्रत्याशी थे मृतक
बताया जा रहा है कि मृतक अमित वर्मा अनुसूचित जनजाति (एसटी) समाज के जिला अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। इसके अलावा, वे स्थानीय पड़रा वार्ड क्रमांक 4 से कांग्रेस पार्टी के पूर्व पार्षद प्रत्याशी भी रह चुके हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि इस पूरी वारदात के पीछे क्या सच में सिर्फ एक मामूली सा विवाद ही मुख्य कारण था या फिर इसके पीछे कोई गहरी साजिश या अन्य रंजिश थी। पुलिस की पूरी जांच और रिपोर्ट सामने आने के बाद ही इस हत्याकांड के मुख्य कारणों का सही और आधिकारिक खुलासा हो सकेगा।
🗣️ परिजनों और चश्मदीदों की जुबानी
मृतक के बुआ के बेटे कार्तिकेय वर्मा ने घटना की जानकारी देते हुए बताया, ''मंगलवार की शाम के वक्त जब मैं घर से बाहर निकला, तो सांची पार्लर के समीप भारी भीड़ जमा थी। जब मैं पास जाकर देखा, तो अमित वर्मा खून से लथपथ जमीन पर पड़े हुए थे। उनके पेट और सीने में चाकू के बहुत गहरे घाव थे। हम तुरंत उन्हें संजय गांधी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और उनकी मौत हो चुकी थी। हालांकि, उन पर किन लोगों द्वारा और किन खास कारणों से यह हमला किया गया, इसकी हमें अभी पूरी जानकारी नहीं है।''
🚨 एसपी गुरकरन सिंह का बयान: जल्द पकड़े जाएंगे आरोपी
इस पूरे मामले को लेकर एसपी गुरकरन सिंह ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया, ''रात तकरीबन 9 बजे पुलिस की डायल-112 सेवा को यह सूचना मिली थी कि शांति बिहार कॉलोनी के पास चाकूबाजी की एक घटना हुई है। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम तुरंत घटनास्थल पर रवाना हो गई थी।''
उन्होंने बताया कि शुरुआती जानकारी में यह सामने आया कि अमित वर्मा को गंभीर चोटें आई थीं, और अस्पताल ले जाते वक्त रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। कई थानों की पुलिस टीमों को मौके पर भेजकर वहां से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए गए हैं। यह भी पता चला है कि मृतक अमित कोल एनएसयूआई संगठन में भी काफी सक्रिय रहे थे। फिलहाल घटना की हर एंगल से सूक्ष्म जांच की जा रही है, और बहुत जल्द सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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