ऊर्जा विभाग के बाद अब अन्य विभागों में भी संविदा कर्मियों को नियमित करने की उठी मांग, महासंघ ने की अपील
मध्य प्रदेश ऊर्जा विभाग ने बिजली कंपनियों के करीब 6 हजार संविदा कर्मचारियों को नियमित करने के निर्देश जारी किए हैं। इसके लिए विभागीय परीक्षा आयोजित की जाएगी।
सागर: मध्य प्रदेश सरकार के ऊर्जा विभाग द्वारा राज्य की सभी बिजली कंपनियों में कार्यरत संविदा कर्मचारियों को नियमित करने के लिए आधिकारिक नीति और निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इसके तहत अब विभागीय परीक्षा के माध्यम से बिजली कंपनियों में खाली पड़े नियमित पदों को भरा जाएगा। इन पदों पर चयनित होने के लिए संविदा कर्मियों को विभागीय परीक्षा पास करनी होगी, और साथ ही उन्हें उनके कार्य अनुभव के आधार पर बोनस अंक भी प्रदान किए जाएंगे।
⚡ विभागीय परीक्षा के परिणामों के आधार पर होगा नियमितीकरण
विभागीय परीक्षा के परिणामों और अंकों के आधार पर ही बिजली कंपनियों के रिक्त नियमित पदों पर कर्मचारियों की नियुक्ति की जाएगी। सरकार के इस बड़े फैसले का स्वागत करने के साथ-साथ 'मध्य प्रदेश संविदा अधिकारी कर्मचारी महासंघ' ने अब प्रदेश के अन्य 54 विभागों में भी इसी प्रकार की नीति लागू करने की पुरजोर मांग उठाई है। सरकार के इस फैसले से अकेले बिजली कंपनियों में काम करने वाले करीब 6,000 से अधिक संविदा कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा।
📋 अक्टूबर 2026 तक संविदा कर्मचारियों को नियमित करने के निर्देश
मध्य प्रदेश शासन के ऊर्जा विभाग ने विशेष नियम और दिशा-निर्देश जारी करते हुए सभी विद्युत वितरण कंपनियों को अक्टूबर 2026 तक कार्यरत लगभग 6 हजार संविदा कर्मचारियों को कंपनियों के रिक्त पदों पर नियमित करने के निर्देश दिए हैं। इन दिशा-निर्देशों के मुताबिक, विद्युत वितरण कंपनियों में अपनी सेवाएं दे रहे संविदा कर्मचारियों को एक निश्चित विभागीय परीक्षा से गुजरना होगा। इसी परीक्षा के माध्यम से सभी योग्य संविदा कर्मचारियों को नियमित पदों पर स्थायी नियुक्ति दी जाएगी।
📢 प्रदेश के अन्य 54 विभागों से भी उठी नियमितीकरण की मांग
मध्य प्रदेश संविदा अधिकारी कर्मचारी महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष रमेश राठौर ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और कर्मचारी कल्याण समिति के अध्यक्ष रमेश चंद्र शर्मा से औपचारिक मांग की है।
उन्होंने कहा, ''जिस प्रकार मध्य प्रदेश विद्युत वितरण कंपनी (ऊर्जा विभाग) द्वारा विभागीय परीक्षा आयोजित करके विद्युत विभाग के रिक्त पदों के विरुद्ध संविदा कर्मचारियों को नियमित करने की पहल की गई है, ठीक उसी प्रकार प्रदेश के बाकी समस्त 54 विभागों में कार्यरत संविदा कर्मचारियों की भी विभागीय परीक्षा लेकर उन्हें नियमित किया जाना चाहिए। इसके अलावा, जिस प्रकार कार्य अनुभव के आधार पर बोनस अंक देने का प्रावधान ऊर्जा विभाग द्वारा किया गया है, वही नियम अन्य विभागों में भी लागू होना चाहिए।''
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