खंडवा और गुना में सावन की तैयारियां शुरू, श्रीदादाजी मंदिर में उमड़ा भक्तों का सैलाब; रोज बनेंगे 18 हजार पार्थिव शिवलिंग
खंडवा के श्रीदादाजी मंदिर में गुरु पूर्णिमा पर उमड़ा भक्तों का सैलाब। वहीं गुना में सावन महीने की शुरुआत पर 30 जुलाई से रोजाना 18 हजार पार्थिव शिवलिंग का निर्माण होगा।
खंडवा : गुरु पूर्णिमा के ठीक अगले दिन से पवित्र श्रावण (सावन) मास की शुरुआत होने जा रही है। इस साल सावन का यह पावन महीना 30 जुलाई से शुरू हो रहा है, जिसे लेकर पूरे मध्य प्रदेश में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में सावन के महीने के दौरान भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए भव्य धार्मिक आयोजनों की रूपरेखा तैयार की गई है। इस बार सावन का पहला सोमवार 3 अगस्त को पड़ रहा है। सनातन धर्म के इस सबसे पवित्र और मास में गुना जिले में विशेष रूप से भव्य पार्थिव शिवलिंग निर्माण का अनुष्ठान शुरू होने जा रहा है, जहाँ हर दिन 18 हजार से अधिक पार्थिव शिवलिंग बनाए जाएंगे।
📿 गुना में गुरु पूर्णिमा के साथ सावन और पार्थिव शिवलिंग निर्माण की शुरुआत
गुना के प्रसिद्ध पंचमुखी हनुमान मंदिर पर सुबह से ही गुरु पूजन का सिलसिला बेहद उत्साह के साथ शुरू हो चुका है, और इसी के साथ सावन महीने की सभी धार्मिक तैयारियां भी पूरी कर ली गई हैं। पंचमुखी हनुमान मंदिर परिसर में प्रतिदिन 18 हजार पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण किया जाएगा, जिसकी यह विशेष प्रक्रिया सुबह 8:00 बजे से शुरू होकर दोपहर 3:00 बजे तक चलेगी।
पार्थिव शिवलिंग निर्माण का यह अनुष्ठान 30 जुलाई से शुरू होकर आगामी 5 अगस्त तक अनवरत जारी रहेगा। ईटीवी भारत से विशेष चर्चा करते हुए श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर के संत श्री सियाराम दास जी महाराज ने बताया, ''सनातन धर्म के अनुसार पार्थिव शिवलिंग का निर्माण शिव परिवार की आराधना से जुड़ा हुआ है। जो भी भक्त इस पावन सावन माह में पूरी श्रद्धा के साथ शिवलिंग का निर्माण कर उनका जलाभिषेक और पूजन-अर्चन करता है, उस पर देवाधिदेव महादेव की विशेष कृपा बरसती है। उसकी झोली हमेशा धन-धान्य से भरी रहती है और भगवान शिव की कृपा से उसके परिवार में सुख-समृद्धि और प्रसन्नता बनी रहती है।''
🙏 खंडवा के श्रीदादाजी मंदिर में उमड़ा श्रद्धालुओं का महासागर
दूसरी तरफ, गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर खंडवा के ऐतिहासिक श्रीदादाजी दरबार (मंदिर) में देश के कोने-कोने से आए भक्तों का भारी सैलाब उमड़ पड़ा है। मध्य प्रदेश के अलावा पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों से सैकड़ों किलोमीटर की लंबी पैदल यात्रा तय करके हजारों भक्त अपने हाथों में पवित्र निशान लेकर श्रीदादाजी मंदिर पहुँचे।
यहाँ मंदिर में निशान अर्पित करने के साथ ही भक्तों ने श्रीदादाजी महाराज और छोटे दादाजी महाराज की समाधि पर माथा टेककर उनका विधि-विधान से पूजन और दर्शन किया। श्रीदादाजी मंदिर में गुरु पूर्णिमा के इस बड़े पर्व को लेकर पिछले दो दिनों से लगातार श्रद्धालुओं का आना-जाना जारी है। पर्व के मुख्य दिन यानी बुधवार को श्रद्धालुओं की अपार भीड़ देखने को मिली। एक दिन पहले ही रात से भक्त कतारबद्ध होकर दर्शन की लंबी लाइनों में लग गए थे, ताकि सुबह की मंगला आरती में शामिल होकर बाबा के दर्शन प्राप्त कर सकें।
🚩 निशान चढ़ाने की बरसों पुरानी अनूठी परंपरा
श्रीदादाजी दरबार में विधिवत निशान अर्पित करने की यह परंपरा बरसों पुरानी और बेहद अनूठी है। यहाँ सैकड़ों किलोमीटर दूर से पैदल चलकर आने वाले भक्त ''भजलो दादाजी का नाम, भजलो हरिहर जी का नाम'' का निरंतर जप करते हुए मंदिर परिसर तक पहुँचते हैं।
इस यात्रा में बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी आयु वर्ग के लोग पूरी श्रद्धा के साथ पदयात्रा कर शामिल होते हैं। जलगांव, बैतूल, पांढुर्णा, भैंसदेही, नागपुर सहित प्रदेश के अन्य कई जिलों तथा विभिन्न शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों से भी श्रद्धालु भव्य निशान यात्रा निकालकर मंदिर पहुँचे हैं। श्रीदादाजी मंदिर ट्रस्ट के शांतनु दीक्षित ने जानकारी देते हुए बताया, ''मंदिर परिसर में आने वाले सभी श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा का पूरा और विशेष ध्यान रखा जा रहा है। दूर-दूर से गुरु पूर्णिमा के अवसर पर भक्त अपनी मनोकामनाएं लेकर यहाँ आते हैं, और इस बार भी यहाँ आस्था का अद्भुत सैलाब उमड़ा हुआ है।''
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